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24 घंटे में 80 सेमी बढ़ा सरयू का पानी, खतरा बढ़ा
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रेउसा (सीतापुर)। पहाड़ों पर भारी बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले लाखों क्यूसेक पानी के कारण जिले में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे तटवर्तीय इलाकों में बाढ़ का खतरा फिर से मंडराने लगा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 80 सेंटीमीटर तक बढ़तकर 118.30 मीटर पहुंच गया जो कि खतरे के लाल निशान से 70 सेमी. ही नीचे है। जलस्तर में लगातार जारी वृद्धि के कारण गुरगुजपुर-जंगल टपरी मार्ग व नकहिया पुलिया भी पानी के बहाव की जद में आ गई हैं।
तीनों बैराजों से शु्क्रवार को फिर से छोड़े गए सवा दो लाख क्यूसेक पानी ने बाढ़ के खतरे को और बढ़ा दिया है। ब्लॉक रेउसा क्षेत्र में सरयू एक बार फिर उफान पर है। संभावित खतरे को लेकर गांजरवासी सहमे से हैं।
तटवर्ती इलाके में निचली जगहों की ओर पानी का बहाव शुरू हो गया है। पासिन पुरवा, परमेश्वर पुरवा, चौकीपुरवा, दर्जिन रेती, लाला पुरवा, जटपुरवा, शेखूपुर कम्हरिया, म्योडी छोलहा, ताहपुर बजहा, दुर्गा पुरवा, गार्गीपुरवा समेत 15 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी कभी भी घुस जाने की आशंका जताई जा रही है।
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इसके चलते इन गांवों से जुड़े कई परिवारों ने तो जरूरी समान के साथ गांव से पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर जाना भी शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन की टीम नदी के पानी में हो रही बढ़ोत्तरी की नियमित निगरानी में जुटा है। संवेदनशील इलाकों में राजस्व टीमें व तहसील से जुड़े लेखपाल पूरी सजगता के साथ बाढ़ चौकियों से जरूरतमंदों को हर संभव मदद देने में जुटे हैं। साथ ही आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नौकाओं को भी तैनात किया जा रहा है।
घड़ियाल का खतरा बढ़ा रहा परेशानी
बाढ़ के खतरे के बीच तटवर्तीय इलाकों में पानी के साथ घड़ियाल के आने का खतरा भी ग्रामीणों की परेशानी को बढ़ा रहा है। शुक्रवार को पासिनपुरवा के करीब ग्रामीणों को एक घड़ियाल पानी में दिखाई भी दिया। हालांकि कुछ देर बाद घड़ियाल सरयू के पानी में वापस चला गया लेकिन इसने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है। बीते दिनों भी बाढ़ के दौरान घड़ियाल ने एक मवेशी पर हमला किया था।
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तीनों बैराजों से शु्क्रवार को फिर से छोड़े गए सवा दो लाख क्यूसेक पानी ने बाढ़ के खतरे को और बढ़ा दिया है। ब्लॉक रेउसा क्षेत्र में सरयू एक बार फिर उफान पर है। संभावित खतरे को लेकर गांजरवासी सहमे से हैं।
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तटवर्ती इलाके में निचली जगहों की ओर पानी का बहाव शुरू हो गया है। पासिन पुरवा, परमेश्वर पुरवा, चौकीपुरवा, दर्जिन रेती, लाला पुरवा, जटपुरवा, शेखूपुर कम्हरिया, म्योडी छोलहा, ताहपुर बजहा, दुर्गा पुरवा, गार्गीपुरवा समेत 15 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी कभी भी घुस जाने की आशंका जताई जा रही है।
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इसके चलते इन गांवों से जुड़े कई परिवारों ने तो जरूरी समान के साथ गांव से पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर जाना भी शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन की टीम नदी के पानी में हो रही बढ़ोत्तरी की नियमित निगरानी में जुटा है। संवेदनशील इलाकों में राजस्व टीमें व तहसील से जुड़े लेखपाल पूरी सजगता के साथ बाढ़ चौकियों से जरूरतमंदों को हर संभव मदद देने में जुटे हैं। साथ ही आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नौकाओं को भी तैनात किया जा रहा है।
घड़ियाल का खतरा बढ़ा रहा परेशानी
बाढ़ के खतरे के बीच तटवर्तीय इलाकों में पानी के साथ घड़ियाल के आने का खतरा भी ग्रामीणों की परेशानी को बढ़ा रहा है। शुक्रवार को पासिनपुरवा के करीब ग्रामीणों को एक घड़ियाल पानी में दिखाई भी दिया। हालांकि कुछ देर बाद घड़ियाल सरयू के पानी में वापस चला गया लेकिन इसने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है। बीते दिनों भी बाढ़ के दौरान घड़ियाल ने एक मवेशी पर हमला किया था।