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रोस्टर ध्वस्त, गर्मी में बेहाल हुए लोग

Tue, 06 Jul 2021 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jul 2021 11:24 PM IST
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Roster collapsed, people suffering in summer
सीतापुर। गर्मी के तल्ख तेवरों के बीच बिजली भी खूब रुला रही है। शहर से लेकर तहसील व ब्लॉक स्तर तक अघोषित कटौती जारी है। शहर में जहां 18 से 20 घंटे आपूर्ति होती है। वहीं, सबसे खराब स्थिति गांवों की है। गांवों में तीन से पांच घंटे तक ही आपूर्ति हो पा रही है। इसमें भी लो वोल्टेज व ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। इससे लोगों को काफी दिक्कतें आ रही है।
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यह समस्या पूरे जिले की बनी हुई है। खराब विद्युत आपूर्ति का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इससे जिले की करीब 55 लाख की आबादी प्रभावित हो रही है। पावर कॉर्पोरेशन के मुताबिक शहर में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाएगी। जबकि तहसील को 22 व गांवों को 20 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर तय है। लेकिन जिले में इस समय यह रोस्टर सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है। अगर शहर की बात की जाए तो यहां पर इस समय महज 18 से 20 घंटे ही आपूर्ति मिल पाती है।
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इस दौरान कहीं न कहीं फॉल्ट व कटौती होती रहती है। इससे लोगों को इस गर्मी में बहुत दिक्कतें उठानी पड़ रही है। महोली तहसील में अघोषित बिजली कटौती, ट्रिपिंग व लो वोल्टेज की समस्या नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई है। यहां पर गांवों में आठ से 10 घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है। कुतुबनगर उपकेंद्र से जुड़े गांवों में आपूर्ति का रोस्टर तय है। लेकिन मुश्किल से आठ घंटे ही आपूर्ति आती है। यहां पर पिछले डेढ़ साल से जर्जर ट्राली से ही काम चलाया जा रहा है। इससे कई बार सैकड़ों गांवों की आपूर्ति गुल हो जाती है।
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लहरपुर तहसील में 22 घंटे विद्युत आपूर्ति के निर्देश है। इसके बाद भी इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर मनमाने ढंग से कटौती की जा रही है। तीन दिन से रात में लंबी कटौती हो रही है, जिससे लोगों का सोना मुहाल हो गया है। बिसवां तहसील में इमरजेंसी विद्युत कटौती के नाम पर खेल हो रहा है। लोगों का कहना है कि 15 से 20 मिनट तक सप्लाई होती है। उसके बाद एक से दो घंटे तक की कटौती कर दी जाती है।
कटौती का यह क्रम दिनभर चलता रहता है। कटौती होने पर जब बाशिंदे पावर हाउस फोन करते हैं तो फोन ज्यादातर व्यस्त हो जाता है। महमूदाबाद तहसील में भी जमकर कटौती हो रही है। यहां पर न तो कस्बा और न ही गांवों में रोस्टर के मुताबिक बिजली मिल रही है। तंबौर के 33 केवी उपकेन्द्र से जुड़े कस्बा सहित करीब 50 गांवों में अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला जारी हैं। कस्बे से महज 26 किलोमीटर दूर लहरपुर से जुड़े पावर हाउस की मेन लाइन आए दिन बाधित हो जाती है।
शायद ही कोई दिन ऐसा होता है कि जब लाइन ब्रेकडाउन न हो। विद्युत उपकेंद्र लहरपुर के शेरपुर फीडर का हाल भी खराब है। रोस्टर तो 18 घंटे विद्युत सप्लाई का है। लेकिन यहां पर 12 से 13 घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है। यही हाल मिश्रिख व सिधौली तहसील का है। यहां पर भी गांवों में 8 से 10 घंटे ही आपूर्ति होती है। खैराबाद शहर से सटा जरूर है, लेकिन आपूर्ति व्यवस्था बहुत ही खराब हो चुकी है। बिजली के अभाव में लोगों को इस भीषण गर्मी में दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
आपूर्ति के अभाव में बाधित हो रही सिंचाई
इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। बरसात भी नहीं हो रही है। किसानों को धान की रोपाई व गन्ने की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत पड़ रही है। लेकिन जरूरत के मुताबिक आपूर्ति न मिलने से ट्यूबवेल ठप पड़े है। किसान रामकृष्ण मिश्रा का कहना है एक बार ट्यूबवेल चलाते है तो दो घंटे चलने के बाद बिजली चली जाती है। पांच बीघा जमीन की सिंचाई तीन दिन में कर सके थे। कई बार लो वोल्टेज की दिक्कत आती है। उससे ट्यूबवेल भी नहीं चल पाते है। इससे किसानों को महंगे दामों पर डीजल करके सिंचाई करनी पड़ रही है।
लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
पावर कॉर्पोरेशन अपनी कार्यशैली से भी लोगों को खूब रूला रहा है। एक बार ट्रांसफॉर्मर फुंक जाने के बाद पांच से छह दिन लग रहे है। पिसावां में जब ट्रांसफॉर्मर बदला नहीं गया तो लोगों का आक्रोश सड़कों पर उतरा। आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन किया। उसके बाद ही ट्रांसफॉर्मर बदला जा सका। महमूदाबाद के ग्राम सेहरुखेरा, तेजनीपुर, खुसूरवा में ट्रांसफॉर्मर कई दिनों से खराब पड़ा है। इससे यहां के लोग अंधेरे में जीवन यापन को मजबूर हो रहे है। शहर के आदर्श नगर में लगा ट्रांसफॉर्मर अचानक फुंक गया था। इसे मंगलवार दोपहर बाद बदला जा सका। इससे शहर के बाशिंदों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी।
जर्जर तार भी बन रहे बाधा
जिले में जर्जर तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। दशकों पुरानी विद्युत लाइनें बिछी हुई है। जब इन पर थोड़ा भी अधिक लोड पड़ता है तो तार टूट जाते है। इससे आपूर्ति बंद हो जाती है। सबसे खराब हालत रामपुर मथुरा इलाके की है। यहां पर बांसुरा उपकेंद्र से बिछी विद्युत लाइन बहुत ही जर्जर है। लाइन की इतनी क्षमता नहीं है कि वह दो घंटे भी आपूर्ति झेल पाए। इससे यह तार टूटने की वजह से घंटों आपूर्ति बहाल होने में लग जाते है।

जुलाई व अगस्त माह में विद्युत आपूर्ति की अधिक डिमांड रहती है। गर्मी के कारण तार टूटने व ट्रांसफॉर्मर फुंकने की अधिक घटनाएं हो रही है। इसी वजह से रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति करने में थोड़ा दिक्कतें आ रही है।
नंदलाल, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन
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