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उफनाई नदियों ने पार किया लाल निशान
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रामपुर मथुरा क्षेत्र में बैराजो से छोड़े गए पानी से उफनाई सरयू नदी से गांवों में पहुंचा पानी। (स?
- फोटो : SITAPUR
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रेउसा/रामपुर मथुरा (सीतापुर)। शारदा व सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। जलस्तर बढ़ने से 27 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है। संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। गांवों के चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
महमूदाबाद तहसील के रामपुर मथुरा इलाके में शारदा नदी का जलस्तर बीती रात अचानक बढ़ गया। फत्तेपुरवा में लगे मीटर गेज पर 118 सेंटीमीटर पर खतरे का निशान है। शनिवार को नदियों का पानी 119 सेंटीमीटर को पार कर गया। इसकी वजह से नदी के पास व तलहटी के गांवों में पानी पहुंच गया है।
नदी के किनारे बसे अखरी, अंगरौरा, फतेपुरवा, कनरखी, कटुवाघाट, बिंद्रापुरवा, बगस्ती, श्री चंद्र कोठार, शुकुलपुरवा, शंकरपुरवा, हरीपुरवा, अर्जुनपुरवा, बंगालीपुरवा, हरिहरपुरवा, केवड़ा सहित करीब 27 गांवों के अंदर पानी घुस गया है। यहां घरों में दो से तीन फिट तक पानी भर गया है। लोग खाना बनाने के लिए तख्त या मचान बनाकर जीवनयापन कर रहे हैं।
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अखरी, अंगरौरा, अर्जुनपुरवा सहित कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। यहां पर दो से तीन फिट तक रास्तों के ऊपर चल रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। अखरी गांव के प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय के परिसर में भी पानी भर गया है।
इसी तरह बिसवां तहसील के म्योढ़ी छोलहा व गोलोक कोडर के 34 मजरों में पहले से ही पानी भरा हुआ था। अब इन गांवों में जलस्तर में और अधिक इजाफा हो गया है। इसके कारण लोग के सामने नावें ही एक मात्र आवागमन का साधन है। घरों के अंदर पानी होने से लोगों की मुसीबतें और अधिक बढ़ गई है।
जानवरों के चारे का संकट
जलस्तर बढ़ने से कटान में कुछ कमी आई है। लेकिन पानी अधिक होने के कारण जानवरों के चारे, शौचालय, प्रकाश व पेयजल आदि की समस्याएं पहले ही बनी हुई थी। अब पीड़ितों को खाने के भी लाले पड़ सकते है। प्रशासन ने केवल एक बार ही अनाज किट का वितरण कराया है। कुछ किसानों के खेतों में लगी धान की फसल भी चौपट हो गई है। एसडीएम महमूदाबाद रामदरश राम ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण किया गया है। लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है।
एडीएम ने हालात का लिया जायजा
रेउसा। एडीएम विनय पाठक ने शनिवार को बिसवां तहसील के बाढग़्रस्त गांवों का भ्रमण करके वहां के हालात देखे। एडीएम श्यामनगर पहुंचे। यहां पर बाढ़ की स्थिति देखी। उसके बाद मारूबेहड़ एप्रोच पुल पर जाकर पानी को देखा। फिर गुरगुचपुर रोड़ पर जाकर जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया, एडीएम आए थे, लेकिन वह हम लोगों से बिना मिले व कुछ पूछे ही लौट गए है। जिन गांवों में अधिक पानी व जहां के लोग परेशान है। वहां एडीएम नहीं गए। कुछ चिह्नित गांवों में ही होकर लौट गए।
नदियों में 3.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। खतरे के निशान के करीब नदी का पानी पहुंच गया है। रविवार को जलस्तर में कमी आएगी। प्रभावित इलाकों में बाढ़ राहत के कार्य किए जा रहे हैं।
- विशाल पोरवाल, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग
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महमूदाबाद तहसील के रामपुर मथुरा इलाके में शारदा नदी का जलस्तर बीती रात अचानक बढ़ गया। फत्तेपुरवा में लगे मीटर गेज पर 118 सेंटीमीटर पर खतरे का निशान है। शनिवार को नदियों का पानी 119 सेंटीमीटर को पार कर गया। इसकी वजह से नदी के पास व तलहटी के गांवों में पानी पहुंच गया है।
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नदी के किनारे बसे अखरी, अंगरौरा, फतेपुरवा, कनरखी, कटुवाघाट, बिंद्रापुरवा, बगस्ती, श्री चंद्र कोठार, शुकुलपुरवा, शंकरपुरवा, हरीपुरवा, अर्जुनपुरवा, बंगालीपुरवा, हरिहरपुरवा, केवड़ा सहित करीब 27 गांवों के अंदर पानी घुस गया है। यहां घरों में दो से तीन फिट तक पानी भर गया है। लोग खाना बनाने के लिए तख्त या मचान बनाकर जीवनयापन कर रहे हैं।
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अखरी, अंगरौरा, अर्जुनपुरवा सहित कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। यहां पर दो से तीन फिट तक रास्तों के ऊपर चल रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। अखरी गांव के प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय के परिसर में भी पानी भर गया है।
इसी तरह बिसवां तहसील के म्योढ़ी छोलहा व गोलोक कोडर के 34 मजरों में पहले से ही पानी भरा हुआ था। अब इन गांवों में जलस्तर में और अधिक इजाफा हो गया है। इसके कारण लोग के सामने नावें ही एक मात्र आवागमन का साधन है। घरों के अंदर पानी होने से लोगों की मुसीबतें और अधिक बढ़ गई है।
जानवरों के चारे का संकट
जलस्तर बढ़ने से कटान में कुछ कमी आई है। लेकिन पानी अधिक होने के कारण जानवरों के चारे, शौचालय, प्रकाश व पेयजल आदि की समस्याएं पहले ही बनी हुई थी। अब पीड़ितों को खाने के भी लाले पड़ सकते है। प्रशासन ने केवल एक बार ही अनाज किट का वितरण कराया है। कुछ किसानों के खेतों में लगी धान की फसल भी चौपट हो गई है। एसडीएम महमूदाबाद रामदरश राम ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण किया गया है। लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है।
एडीएम ने हालात का लिया जायजा
रेउसा। एडीएम विनय पाठक ने शनिवार को बिसवां तहसील के बाढग़्रस्त गांवों का भ्रमण करके वहां के हालात देखे। एडीएम श्यामनगर पहुंचे। यहां पर बाढ़ की स्थिति देखी। उसके बाद मारूबेहड़ एप्रोच पुल पर जाकर पानी को देखा। फिर गुरगुचपुर रोड़ पर जाकर जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया, एडीएम आए थे, लेकिन वह हम लोगों से बिना मिले व कुछ पूछे ही लौट गए है। जिन गांवों में अधिक पानी व जहां के लोग परेशान है। वहां एडीएम नहीं गए। कुछ चिह्नित गांवों में ही होकर लौट गए।
नदियों में 3.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। खतरे के निशान के करीब नदी का पानी पहुंच गया है। रविवार को जलस्तर में कमी आएगी। प्रभावित इलाकों में बाढ़ राहत के कार्य किए जा रहे हैं।
- विशाल पोरवाल, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग