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गड़बड़ी में हटाए गए राजस्व निरीक्षक एलिया
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सीतापुर। पारिवारिक लाभ योजना में गड़बड़ी की जांच तीन अफसरों ने की थी। रैंडम जांच में दो ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों के 53 लाभार्थी अपात्र मिले थे। इस पर डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद जिम्मेदार हरकत में आए हैं। मामले में तहसील सदर के परगना एलिया के राजस्व निरीक्षक को हटाकर रजिस्ट्रार कानूनगो दफ्तर से संबद्ध किया गया है।
पारिवारिक लाभ योजना में अपात्रों को लाभान्वित किया जा रहा है। वर्तमान एवं बीते साल के लाभान्वित कराए गए लाभार्थियों की जांच डीएम के निर्देश पर तीन अफसरों द्वारा की गई। इन अफसरों ने जांच के लिए विभाग से एलिया ब्लाक में सर्वाधिक संख्या में लाभान्वित कराए गए लाभार्थियों का विवरण प्राप्त किया गया। आवेदन पत्रों की जांच में प्रथम दृष्ट्या परिवार रजिस्टर की प्रतिलिपि संदिग्ध होने पर संबंधित सचिव को परिवार रजिस्टर सहित बुलाकर उसका मिलान कराते हुए आवेदन पत्रवार रिर्पोट प्राप्त की गई। एलिया ब्लाक की ग्राम पंचायत अंगरासी के 14 लाभार्थी, ढकिया के 17, कचनार के 47 एवं बीबीपुर आलमपुर के 35 लाभार्थियों की जांच की गई। इसमें 52 लाभार्थी अपात्र पाए गए, साथ ही 46 आवेदन पत्रों के परिवार विवरण में भिन्नता पाई गई।
इसी प्रकार बेहटा ब्लाक की तीन ग्राम पंचायतों शाहपुर, चंदीभानपुर, मुगलपुर के आठ लाभार्थियों की जांच में एक लाभार्थी अपात्र पाया गया। परिवार विवरण में भिन्नता पाई गई। आवेदन पत्रों में जन्मतिथि का गलत अंकन कर योजना का लाभ पाया गया हैं। ब्लाक एलिया मे जारी की गई परिवार रजिस्टर की नकल पर संबंधित सचिव के हस्ताक्षर सही नहीं पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसको लेकर अमर उजाला ने 13 अगस्त के अंक में ‘पारिवारिक लाभ योजना में खेेल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। प्रकरण में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने तहसील सदर को पत्र भेज कर अपात्र आवेदन पत्र पर जिन लेखपालों ने हस्ताक्षर किए है, उनका विवरण मांगा।
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पारिवारिक लाभ योजना के मूल आवेदन पर संबंधित लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा पात्रता एवं अपात्रता का अंकन करने के बाद आगे की कार्रवाई होती है। जो आवेदन अपात्र पाए गए हैं, उन पर राजस्व निरीक्षक एलिया जगदीश शुक्ला के मोहर सहित हस्ताक्षर है। साथ ही लेखपाल संतोष कुमार, बहादुर सिंह पासवान एवं राजेन्द्र कुमार वर्मा के हस्ताक्षर है। इसकी पुष्टि समाज कल्याण दफ्तर के पटल सहायक अजीत सिंह ने की है। प्रकरण में एसडीएम सदर अमित भट्ट ने राजस्व निरीक्षक एलिया जगदीश शुक्ला को रजिस्ट्रार कानूनगो दफ्तर से संबद्ध किया है, जबकि एलिया में राम मोहन दीक्षित को राजस्व निरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। मामले में संबंधित लेखपालों के विरूद्ध भी कार्रवाई हो सकती है।
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पारिवारिक लाभ योजना में अपात्रों को लाभान्वित किया जा रहा है। वर्तमान एवं बीते साल के लाभान्वित कराए गए लाभार्थियों की जांच डीएम के निर्देश पर तीन अफसरों द्वारा की गई। इन अफसरों ने जांच के लिए विभाग से एलिया ब्लाक में सर्वाधिक संख्या में लाभान्वित कराए गए लाभार्थियों का विवरण प्राप्त किया गया। आवेदन पत्रों की जांच में प्रथम दृष्ट्या परिवार रजिस्टर की प्रतिलिपि संदिग्ध होने पर संबंधित सचिव को परिवार रजिस्टर सहित बुलाकर उसका मिलान कराते हुए आवेदन पत्रवार रिर्पोट प्राप्त की गई। एलिया ब्लाक की ग्राम पंचायत अंगरासी के 14 लाभार्थी, ढकिया के 17, कचनार के 47 एवं बीबीपुर आलमपुर के 35 लाभार्थियों की जांच की गई। इसमें 52 लाभार्थी अपात्र पाए गए, साथ ही 46 आवेदन पत्रों के परिवार विवरण में भिन्नता पाई गई।
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इसी प्रकार बेहटा ब्लाक की तीन ग्राम पंचायतों शाहपुर, चंदीभानपुर, मुगलपुर के आठ लाभार्थियों की जांच में एक लाभार्थी अपात्र पाया गया। परिवार विवरण में भिन्नता पाई गई। आवेदन पत्रों में जन्मतिथि का गलत अंकन कर योजना का लाभ पाया गया हैं। ब्लाक एलिया मे जारी की गई परिवार रजिस्टर की नकल पर संबंधित सचिव के हस्ताक्षर सही नहीं पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसको लेकर अमर उजाला ने 13 अगस्त के अंक में ‘पारिवारिक लाभ योजना में खेेल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। प्रकरण में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने तहसील सदर को पत्र भेज कर अपात्र आवेदन पत्र पर जिन लेखपालों ने हस्ताक्षर किए है, उनका विवरण मांगा।
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पारिवारिक लाभ योजना के मूल आवेदन पर संबंधित लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा पात्रता एवं अपात्रता का अंकन करने के बाद आगे की कार्रवाई होती है। जो आवेदन अपात्र पाए गए हैं, उन पर राजस्व निरीक्षक एलिया जगदीश शुक्ला के मोहर सहित हस्ताक्षर है। साथ ही लेखपाल संतोष कुमार, बहादुर सिंह पासवान एवं राजेन्द्र कुमार वर्मा के हस्ताक्षर है। इसकी पुष्टि समाज कल्याण दफ्तर के पटल सहायक अजीत सिंह ने की है। प्रकरण में एसडीएम सदर अमित भट्ट ने राजस्व निरीक्षक एलिया जगदीश शुक्ला को रजिस्ट्रार कानूनगो दफ्तर से संबद्ध किया है, जबकि एलिया में राम मोहन दीक्षित को राजस्व निरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। मामले में संबंधित लेखपालों के विरूद्ध भी कार्रवाई हो सकती है।