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महिलाओं की शिकायतों का समय से करें निपटारा
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सीतापुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने बुधवार को स्थानीय लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में महिला उत्पीड़न व पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए जनसुनवाई की। उन्होंने महिलाओं की शिकायतों का समय से निपटारा करने का निर्देश दिया।
12 महिलाओं ने शिकायती पत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा, उत्पीड़न संबंधी समस्याओं पर कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा के दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने पारिवारिक एवं पति-पत्नी के बीच विवादों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर निपटाने की जरूरत पर बल दिया।
इस दौरान हरगांव में शौचालय संबंधी एक मामला उनके सामने आया। उन्होंने क्षेत्राधिकारी सदर को निर्देशित किया कि मामले की जांच कर उसका निस्तारण तत्काल कराए। सुनीता बंसल ने महिला थानाध्यक्ष रेनू सिंह से कहा कि जो भी शिकायतें उत्पीड़न संबंधी प्राप्त हो रही हैं, उनका निस्तारण समय से कराते रहें।
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समीक्षा के दौरान महिला थानाध्यक्ष रेनू सिंह ने बताया कि जिले में कुछ पक्षों के मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, जिनमें मुकदमों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थता केन्द्र में चल रहे हैं तथा कुछ मामलों में कार्यवाही चल रही है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर रोशनी यादव, क्षेत्राधिकारी सदर महेन्द्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
एफआईआर हो आखिरी विकल्प
सुनीता बंसल ने कहा कि पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवादों में दोनों को बुलाकर उनकी काउंसलिंग की जाए। समझौते का रास्ता न निकलने पर ही आगे की कार्यवाही की जाए। एफआईआर आखिरी विकल्प होना चाहिए। कोशिश की जाए कि परिवार टूटे नहीं, यदि कोई गलतफहमी दोनों पक्षों के बीच है तो उसे काउंसलिंग करके दूर कराया जाना चाहिए।
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12 महिलाओं ने शिकायती पत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा, उत्पीड़न संबंधी समस्याओं पर कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा के दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने पारिवारिक एवं पति-पत्नी के बीच विवादों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर निपटाने की जरूरत पर बल दिया।
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इस दौरान हरगांव में शौचालय संबंधी एक मामला उनके सामने आया। उन्होंने क्षेत्राधिकारी सदर को निर्देशित किया कि मामले की जांच कर उसका निस्तारण तत्काल कराए। सुनीता बंसल ने महिला थानाध्यक्ष रेनू सिंह से कहा कि जो भी शिकायतें उत्पीड़न संबंधी प्राप्त हो रही हैं, उनका निस्तारण समय से कराते रहें।
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समीक्षा के दौरान महिला थानाध्यक्ष रेनू सिंह ने बताया कि जिले में कुछ पक्षों के मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, जिनमें मुकदमों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थता केन्द्र में चल रहे हैं तथा कुछ मामलों में कार्यवाही चल रही है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर रोशनी यादव, क्षेत्राधिकारी सदर महेन्द्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
एफआईआर हो आखिरी विकल्प
सुनीता बंसल ने कहा कि पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवादों में दोनों को बुलाकर उनकी काउंसलिंग की जाए। समझौते का रास्ता न निकलने पर ही आगे की कार्यवाही की जाए। एफआईआर आखिरी विकल्प होना चाहिए। कोशिश की जाए कि परिवार टूटे नहीं, यदि कोई गलतफहमी दोनों पक्षों के बीच है तो उसे काउंसलिंग करके दूर कराया जाना चाहिए।