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धार्मिक स्थल घोषित हो परशुराम जन्मभूमि
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Sun, 05 Jul 2015 12:12 AM IST
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संघर्ष समिति पिछले पांच वर्षों से परशुराम जन्मभूमि जलालाबाद जिला शाहजहांपुर को धार्मिक तीर्थस्थल घोषित कराने की मांग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने दो वर्ष पूर्व लखनऊ में परशुराम जयंती के अवसर पर जन्मभूमि के विकास के लिए कई घोषणाएं की थी, जिससे उम्मीद थी कि जन्मभूमि का समुचित विकास हो सकेगा, लेकिन यह घोषणाएं सिर्फ हवा हवाई साबित हुई। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू नहीं हो सका है।
प्रदेश सरकार द्वारा उपेक्षित रवैया अपनाने के कारण जन्मभूमि के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वादाखिलाफी के विरोध में प्रदेश के 21 जिलों में जिलाधिकारी के माध्यम से शनिवार को ज्ञापन दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की परशुराम जन्मभूमि को धार्मिक तीर्थ स्थल घोषित किया जाए। श्रीराम कृष्ण जन्मभूमि के समक्ष दर्जा दिलाया जाए।
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जब तक इन मांगों पर कार्रवाई नही होती तब तक संघर्ष समिति द्वारा आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर जिला संयोजक रत्नेश द्विवेदी, आकाश राय, सौरभ, विजय अवस्थी, अभिनव मिश्रा, सुधांशु मिश्रा व पुनीत आदि मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने दो वर्ष पूर्व लखनऊ में परशुराम जयंती के अवसर पर जन्मभूमि के विकास के लिए कई घोषणाएं की थी, जिससे उम्मीद थी कि जन्मभूमि का समुचित विकास हो सकेगा, लेकिन यह घोषणाएं सिर्फ हवा हवाई साबित हुई। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू नहीं हो सका है।
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प्रदेश सरकार द्वारा उपेक्षित रवैया अपनाने के कारण जन्मभूमि के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वादाखिलाफी के विरोध में प्रदेश के 21 जिलों में जिलाधिकारी के माध्यम से शनिवार को ज्ञापन दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की परशुराम जन्मभूमि को धार्मिक तीर्थ स्थल घोषित किया जाए। श्रीराम कृष्ण जन्मभूमि के समक्ष दर्जा दिलाया जाए।
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जब तक इन मांगों पर कार्रवाई नही होती तब तक संघर्ष समिति द्वारा आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर जिला संयोजक रत्नेश द्विवेदी, आकाश राय, सौरभ, विजय अवस्थी, अभिनव मिश्रा, सुधांशु मिश्रा व पुनीत आदि मौजूद रहे।