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जेल में कैद क्षमता से दोगुने कैदी, सुरक्षा का बना हुआ खतरा

Sun, 20 Dec 2020 11:35 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2020 11:35 PM IST
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Prisoner more than twice the capacity of prison, security threat
सीतापुर। जेल अफसरों को जेल की सुरक्षा को लेकर चिंता है। जेल में मौजूदा वक्त में 1850 लोग बंद हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए सिर्फ 28 बंदी रक्षक ही हैं। 969 बंदियों की क्षमता रखने वाली इस जेल में दोगुने बंदी हैं। ऊपर से पर्याप्त कर्मचारियों के न होने से जेल अफसरों की मुश्किलें और भी बढ़ी हुई हैं। जेल के अफसर इसके बावजूद सब कुछ दुरुस्त होने की बात कह रहे हैं।
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जेल सूत्रों के मुताबिक वहां 150 बंदी रक्षकों की जगह सिर्फ 28 बंदी रक्षक हैं। छह की जगह सिर्फ तीन डिप्टी जेलर हैं। महिला बंदी रक्षक भी पर्याप्त नहीं है। महिला जेल वार्डेन के नौ पद हैं, लेकिन तैनाती एक की भी नहीं है। सबसे बड़ी मुश्किल तब होती है, जब 12 एकड़ में फैले जेल के विशाल फार्म में बंदियों को काम पर ले जाया जाता है। बंदियों को काम पर ले जाने के लिए सिर्फ दो बंदी रक्षक भेजे जाते हैं। जिसके चलते जेल अफसरों को हर वक्त अनहोनी का डर सताता रहता है।
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जेल में बंदी के बीमार होने पर भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वहां दो की जगह महज एक चिकित्सक व एक फार्मासिस्ट है। खास यह कि बंदी को जेल से रेफर होने की स्थिति में एंबुलेंस के लिए चालक तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जेल के अन्य चालक के जरिए काम चलाया जाता है। स्टाफ की कमी के चलते जेल के जिम्मेदार अफसरों को दोहरी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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एक तो उन्हें नाममात्र के स्टाफ से सैकड़ों बंदियों को काबू करना पड़ता है, दूसरे उन्हें स्टाफ की कमी से हर वक्त अनहोनी का डर सताता रहता है। ऐसे में जेल अफसर स्टाफ की बढ़ोत्तरी की राह तक रहे हैं। हालांकि जेल अफसरों का दावा है कि सीमित संसाधनों व स्टाफ के बाद भी सब कुछ बेहतर ढंग से चलाया जा रहा है। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।

कई प्रभावशाली व शातिर बंदी है कैद
जिला कारागार में सपा के कद्दावर नेता सांसद आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा, बेटा अब्दुल्लाह आजम जैसे कुछ खास अहमियत रखने वाले बंदियों के अलावा कई शातिर और खूंखार अपराधी भी बंद हैं। जिला कारागार में इस वक्त माफिया अतीक अहमद के कुछ गुर्गों के अलावा रॉकी जैसे प्रशासनिक ट्रांस्फर पर आए बंदी हैं। लखनऊ, खीरी लखीमपुर, हरदोई, बाराबंकी, देवरिया, इलाहाबाद, बनारस व मुजफ्फरनगर जैसे जिलों के कई शातिर अपराधी जेल में बंद हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक इस वक्त करीब 26 बंदी प्रशासनिक ट्रांसफर पर आए हैं।
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