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पहले चरण में 2200 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलेंगी प्री प्राइमरी कक्षाएं
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सीतापुर। नई शिक्षा नीति के तहत प्री प्राइमरी कक्षाएं नए शैक्षिक सत्र से शुरू होंगी। पहले चरण में 2200 आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालन होगा। उसके बाद इनका विस्तार करके जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को शामिल किया जाएगा। इन केंद्रों पर नौनिहाल पढ़ने के बाद अपने निकटवर्ती प्राइमरी स्कूलों में दाखिला लेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग अप्रैल माह से कक्षाएं शुरू करने को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है।
नई शिक्षा नीति के तहत अब नौनिहालों को सीधे कक्षा एक में दाखिला नहीं मिलेगा। वह प्राइवेट स्कूलों की तरह प्री प्राइमरी कक्षाओं का भी आनंद ले सकेंगे। अब नौनिहालों को पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी शिक्षा दी जाएगी। उसके बाद वह निकट के प्राइमरी स्कूलों में कक्षा एक में दाखिला पाएंगे। ये कक्षाएं आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले चरण में नए शैक्षिक सत्र अप्रैल माह में प्रारंभ होगी। पहले चरण में ये कक्षाएं उन केंद्रों पर शुरू की जाएंगी, जो केंद्र प्राइमरी स्कूलों के प्रांगण में संचालित हो रहे है।
इससे विभाग को प्राइमरी स्कूलों के साथ ही इन केंद्रों पर कक्षाएं शुरू करने में सहूलियत मिलेगी। पहले चरण में जिले में ऐसे करीब 2200 आंगनबाड़ी केंद्र है जो प्राइमरी स्कूलों के प्रांगण में संचालित हो रहे है। इन जगहों पर ही पहले कक्षाएं शुरू होंगी। उसके बाद इसका दायरा बढ़ाकर पूरे जिले में लागू किया जाएगा। जिले में 3602 आंगनबाड़ी केंद्र है, जिसमें पहले 2200 केंद्रों पर पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व प्राइमरी के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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दो साल बाद प्राइमरी कक्षा में मिलेगा दाखिला
नौनिहालों को सीधे कक्षा एक में दाखिला नहीं मिलेगा। इससे पहले वह आंगनबाड़ी केंद्रों पर दो बरस तक प्री प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षा का ककहरा सीखेंगे। दो वर्ष पढ़ाई के बाद ही वह प्राइमरी कक्षाओं में पहुंच सकेंगे। यहां पर नौनिहालों को पढ़ाई के साथ ही भोजन व पौष्टिक आहार भी दिए जाएंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नौनिहालों को बेहतर तरीके से पढ़ाई कराने के लिए ट्रेंड किया जा चुका है। स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के तहत जिले की सभी 3602 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बीआरसीवार ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस ट्रेनिंग में उनको नौनिहालों के साथ कैसा बर्ताव करना होगा। उनको किस तरह पढ़ाई करवानी है सहित अन्य मुद्दों पर ट्रेंड कर दिया गया है।
शिक्षकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
हाल ही में निपुण भारत अभियान बेसिक शिक्षा विभाग में शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत सभी प्राइमरी शिक्षकों को चार दिवसीय ट्रेनिंग दी जाएगी। पहले चरण में परसेंडी, सिधौली, पहला व सकरन विकासखंड सहित अन्य विकासखंड़ो में ट्रेनिंग प्रारंभ हो गई है। इन चार दिवसीय ट्रेनिंग में शिक्षकों को प्रारंभिक भाषा व गणित की ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसमें उनको नौनिहालों को बेहतर तरीके से पढ़ाने के तौर तरीके सिखाएं जा रहे है।
शिक्षकों को किया जा रहा दक्ष
डीसी प्रशिक्षण आर्य दीक्षित ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी कक्षाओं की शुरुआत के लिए शिक्षकों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। जल्द ही इनको ट्रेंड किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है। नए सत्र से कक्षाएं संचालित होंगी। बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि प्री प्राइमरी कक्षाएं नए सत्र से शुरू होंगी। इन कक्षाओं के बेहतर तरीके से संचालन के लिए ट्रेनिंग चल रही है। अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है।
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नई शिक्षा नीति के तहत अब नौनिहालों को सीधे कक्षा एक में दाखिला नहीं मिलेगा। वह प्राइवेट स्कूलों की तरह प्री प्राइमरी कक्षाओं का भी आनंद ले सकेंगे। अब नौनिहालों को पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी शिक्षा दी जाएगी। उसके बाद वह निकट के प्राइमरी स्कूलों में कक्षा एक में दाखिला पाएंगे। ये कक्षाएं आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले चरण में नए शैक्षिक सत्र अप्रैल माह में प्रारंभ होगी। पहले चरण में ये कक्षाएं उन केंद्रों पर शुरू की जाएंगी, जो केंद्र प्राइमरी स्कूलों के प्रांगण में संचालित हो रहे है।
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इससे विभाग को प्राइमरी स्कूलों के साथ ही इन केंद्रों पर कक्षाएं शुरू करने में सहूलियत मिलेगी। पहले चरण में जिले में ऐसे करीब 2200 आंगनबाड़ी केंद्र है जो प्राइमरी स्कूलों के प्रांगण में संचालित हो रहे है। इन जगहों पर ही पहले कक्षाएं शुरू होंगी। उसके बाद इसका दायरा बढ़ाकर पूरे जिले में लागू किया जाएगा। जिले में 3602 आंगनबाड़ी केंद्र है, जिसमें पहले 2200 केंद्रों पर पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व प्राइमरी के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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दो साल बाद प्राइमरी कक्षा में मिलेगा दाखिला
नौनिहालों को सीधे कक्षा एक में दाखिला नहीं मिलेगा। इससे पहले वह आंगनबाड़ी केंद्रों पर दो बरस तक प्री प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षा का ककहरा सीखेंगे। दो वर्ष पढ़ाई के बाद ही वह प्राइमरी कक्षाओं में पहुंच सकेंगे। यहां पर नौनिहालों को पढ़ाई के साथ ही भोजन व पौष्टिक आहार भी दिए जाएंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नौनिहालों को बेहतर तरीके से पढ़ाई कराने के लिए ट्रेंड किया जा चुका है। स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के तहत जिले की सभी 3602 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बीआरसीवार ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस ट्रेनिंग में उनको नौनिहालों के साथ कैसा बर्ताव करना होगा। उनको किस तरह पढ़ाई करवानी है सहित अन्य मुद्दों पर ट्रेंड कर दिया गया है।
शिक्षकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
हाल ही में निपुण भारत अभियान बेसिक शिक्षा विभाग में शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत सभी प्राइमरी शिक्षकों को चार दिवसीय ट्रेनिंग दी जाएगी। पहले चरण में परसेंडी, सिधौली, पहला व सकरन विकासखंड सहित अन्य विकासखंड़ो में ट्रेनिंग प्रारंभ हो गई है। इन चार दिवसीय ट्रेनिंग में शिक्षकों को प्रारंभिक भाषा व गणित की ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसमें उनको नौनिहालों को बेहतर तरीके से पढ़ाने के तौर तरीके सिखाएं जा रहे है।
शिक्षकों को किया जा रहा दक्ष
डीसी प्रशिक्षण आर्य दीक्षित ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी कक्षाओं की शुरुआत के लिए शिक्षकों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। जल्द ही इनको ट्रेंड किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है। नए सत्र से कक्षाएं संचालित होंगी। बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि प्री प्राइमरी कक्षाएं नए सत्र से शुरू होंगी। इन कक्षाओं के बेहतर तरीके से संचालन के लिए ट्रेनिंग चल रही है। अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है।