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ठंड के साथ बढ़ने लगी मरीजों की ‘धड़कन’
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जिला अस्पताल में हृदय कक्ष में मरीज देखते फिजिशियन चिकित्सक डॉ. अनुपम मिश्रा। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। ठंडक ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। इससे दिल के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इन मरीजों को जिला अस्पताल में इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। कारण, जिला अस्पताल में ह्दय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। इससे कामचलाऊ तरीके से फिजीशियन ही इलाज करते हैं। कई बार समय से इलाज न मिल पाने के कारण मरीजों की जान पर आफत आ जाती है। इससे दिल की गंभीर बीमारी के रोजाना आठ से 10 मरीज लौट जाते हैं। वह लखनऊ जाकर इलाज कराते हैं।
जिला अस्पताल में ह्दय रोग विशेषज्ञ का पद करीब आठ वर्षों से खाली चल रहा है। अब जब मौसम में ठंडक बढ़ रही है, तो दिल के मरीजों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जेएन सिंह बताते हैं कि ठंडक में दिल की धमनियों में खून का प्रवाह रुकने लगता है। इससे मरीजों को दिक्कतें आनी लगती है। मरीजों की संख्या बढ़नी लगती है।
ऐसे में जब मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो उन्हें जिला अस्पताल में इलाज की कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में ह्दय रोग विशेषज्ञ न होने से फिजीशियन ही मरीजों का इलाज करते हैं। इसके लिए डॉ. जेएन सिंह व डॉ. अनुपम मिश्रा ही दिल के मरीजों को देखकर दवा दे रहे हैं।
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अगर कोई गंभीर मरीज आ जाता है तो उन्हें अस्पताल की तरफ से कोई भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। कई बार गंभीर हालत में मरीजों को लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। इससे लखनऊ पहुंचने से पहले ही उनकी सांसे थमने लगती है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इस समय दिल की बीमारी के करीब 30 से 35 मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक बताते है कि जब ठंडक बढ़ जाएगी तो इन मरीजों की संख्या 50 से अधिक हो जाएगी। जिसमें आठ से 10 ऐसे मरीज होते है, जिनको तत्काल भर्ती करके इलाज की जरूरत होती है। अस्तपाल में सुविधा न होने के चलते वह सीधे रेफर कर दिए जाते है।
जांच की भी नहीं है सुविधा
जिला अस्पताल में दिल की जांच के लिए सिर्फ एक ईसीजी मशीन है। वह भी इमरजेंसी में लगी रहती है। इसके अलावा दिल की जांच की अन्य कोई सुविधा नहीं है। इससे मरीजों को अस्पताल में जांच भी नहीं हो पा रही है। उनकी बीमारी का भी पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
कई बार हो चुकी है लिखा पढ़ी
जिला अस्पताल में ह्दय रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। इसके लिए सीएमएस की तरफ से कई बार शासन को पत्र लिखकर चिकित्सक की मांग की जा चुकी है। लेकिन अभी तक कोई चिकित्सक नहीं आया है। सीएमएस का कहना है कि ह्दय रोग विशेषज्ञ की प्रदेश में बहुत कमी बनी हुई है। इसी वजह से पोस्टिंग नहीं हो पा रही है।
जिला अस्तपाल में ह्दय रोग विशेषज्ञ का पद खाली चल रहा है। अस्पताल आने वाले मरीजों का इलाज फिजीशियन के माध्यम से कराया जाता है।
- डॉ. एके अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में ह्दय रोग विशेषज्ञ का पद करीब आठ वर्षों से खाली चल रहा है। अब जब मौसम में ठंडक बढ़ रही है, तो दिल के मरीजों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जेएन सिंह बताते हैं कि ठंडक में दिल की धमनियों में खून का प्रवाह रुकने लगता है। इससे मरीजों को दिक्कतें आनी लगती है। मरीजों की संख्या बढ़नी लगती है।
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ऐसे में जब मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो उन्हें जिला अस्पताल में इलाज की कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में ह्दय रोग विशेषज्ञ न होने से फिजीशियन ही मरीजों का इलाज करते हैं। इसके लिए डॉ. जेएन सिंह व डॉ. अनुपम मिश्रा ही दिल के मरीजों को देखकर दवा दे रहे हैं।
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अगर कोई गंभीर मरीज आ जाता है तो उन्हें अस्पताल की तरफ से कोई भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। कई बार गंभीर हालत में मरीजों को लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। इससे लखनऊ पहुंचने से पहले ही उनकी सांसे थमने लगती है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इस समय दिल की बीमारी के करीब 30 से 35 मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक बताते है कि जब ठंडक बढ़ जाएगी तो इन मरीजों की संख्या 50 से अधिक हो जाएगी। जिसमें आठ से 10 ऐसे मरीज होते है, जिनको तत्काल भर्ती करके इलाज की जरूरत होती है। अस्तपाल में सुविधा न होने के चलते वह सीधे रेफर कर दिए जाते है।
जांच की भी नहीं है सुविधा
जिला अस्पताल में दिल की जांच के लिए सिर्फ एक ईसीजी मशीन है। वह भी इमरजेंसी में लगी रहती है। इसके अलावा दिल की जांच की अन्य कोई सुविधा नहीं है। इससे मरीजों को अस्पताल में जांच भी नहीं हो पा रही है। उनकी बीमारी का भी पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
कई बार हो चुकी है लिखा पढ़ी
जिला अस्पताल में ह्दय रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। इसके लिए सीएमएस की तरफ से कई बार शासन को पत्र लिखकर चिकित्सक की मांग की जा चुकी है। लेकिन अभी तक कोई चिकित्सक नहीं आया है। सीएमएस का कहना है कि ह्दय रोग विशेषज्ञ की प्रदेश में बहुत कमी बनी हुई है। इसी वजह से पोस्टिंग नहीं हो पा रही है।
जिला अस्तपाल में ह्दय रोग विशेषज्ञ का पद खाली चल रहा है। अस्पताल आने वाले मरीजों का इलाज फिजीशियन के माध्यम से कराया जाता है।
- डॉ. एके अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल