{"_id":"6297b7ee0d8deb429e003c4f","slug":"patients-crave-for-food-due-to-lack-of-budget-sitapur-news-lko6333074117","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट न होने से मरीजों को भोजन के लाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट न होने से मरीजों को भोजन के लाले
विज्ञापन
फोटो-21 सीतापुर के तंबौर सीएचसी में वार्ड में भर्ती नौअन पुरवा निवासी गर्भवती मन्नतुन निशा। - संवा?
- फोटो : SITAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। सीएचसी पर भर्ती मरीजों को भोजन नहीं मिल रहा है। बजट न होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। कई जगहों पर बजट की आस में किसी तरह इंतजाम कराया जा रहा है।
सीएचसी में भर्ती होने वाले मरीजों को सुबह शाम नाश्ता व दो टाइम भोजन दिया जाता है। इसके बदले मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। लेकिन जिले में करीब दो माह से यह व्यवस्था बेपटरी हो गई है। सीएचसी अधीक्षकों का कहना है कि बजट न होने के कारण यह समस्या आ रही है। कई सीएचसी पर तो टेंडर ही निरस्त चल रहा है। इसकी वजह से मरीज परेशान हो रहे है। कई सीएचसी ऐसी हैं, जहां पर अधीक्षक किसी तरह ठेकेदार पर दबाव डालकर भोजन बनवा रहे है।
अधीक्षकों का कहना है कि जब बजट आएगा तो उससे पेमेंट करवा दिया जाएगा। वहीं मरीजों का कहना है कि नाश्ता रोजाना नहीं मिलता है। अगर भोजन मिलता है तो वह मेन्यू के अनुसार नहीं होता है। इससे मरीजों के परिजन घर से भोजन का इंतजाम करते है। तब जाकर भोजन मिल पाता है।
विज्ञापन
निरस्त हुआ टेंडर तो खाना बंद
सीएचसी रामपुर मथुरा में भर्ती होने वाले मरीजों को कई महीनों से भोजन नहीं मिल पा रहा है। मरीज के परिजन दूरदराज स्थित घर से भोजन लेकर आते हैं। यहां पर भर्ती मरीज रफी ने बताया कि अस्पताल से पानी व खाना कुछ भी नहीं मिल रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुशील वर्मा का कहना है कि अस्पताल में भोजन देने के लिए टेंडर हुआ था लेकिन टेंडर वाले ने अस्पतालों में भोजन नहीं बनाया है। इससे उसका टेंडर निरस्त हो गया है।
नहीं मिल रहा भोजन
सीएचसी रेउसा में आने वाले मरीजों को भी खाना नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही है। मरीजों ने बताया कि कभी कभार दूध व बिस्कुट दे दिया जाता है। इसी तरह सीएचसी तंबौर में भी खाना बनाने का बजट नहीं है। अधीक्षक का दावा है कि बजट की आस में किसी तरह भोजन का इंतजाम करवाया जा रहा है।
राज्य सरकार से तो बजट आ रहा है लेकिन केंद्रीय योजनाओं का बजट लटका हुआ है। इस वजह से सीएचसी पर भोजन बनने में समस्या आ रही है।
- डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ
विज्ञापन
सीएचसी में भर्ती होने वाले मरीजों को सुबह शाम नाश्ता व दो टाइम भोजन दिया जाता है। इसके बदले मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। लेकिन जिले में करीब दो माह से यह व्यवस्था बेपटरी हो गई है। सीएचसी अधीक्षकों का कहना है कि बजट न होने के कारण यह समस्या आ रही है। कई सीएचसी पर तो टेंडर ही निरस्त चल रहा है। इसकी वजह से मरीज परेशान हो रहे है। कई सीएचसी ऐसी हैं, जहां पर अधीक्षक किसी तरह ठेकेदार पर दबाव डालकर भोजन बनवा रहे है।
विज्ञापन
अधीक्षकों का कहना है कि जब बजट आएगा तो उससे पेमेंट करवा दिया जाएगा। वहीं मरीजों का कहना है कि नाश्ता रोजाना नहीं मिलता है। अगर भोजन मिलता है तो वह मेन्यू के अनुसार नहीं होता है। इससे मरीजों के परिजन घर से भोजन का इंतजाम करते है। तब जाकर भोजन मिल पाता है।
विज्ञापन
निरस्त हुआ टेंडर तो खाना बंद
सीएचसी रामपुर मथुरा में भर्ती होने वाले मरीजों को कई महीनों से भोजन नहीं मिल पा रहा है। मरीज के परिजन दूरदराज स्थित घर से भोजन लेकर आते हैं। यहां पर भर्ती मरीज रफी ने बताया कि अस्पताल से पानी व खाना कुछ भी नहीं मिल रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुशील वर्मा का कहना है कि अस्पताल में भोजन देने के लिए टेंडर हुआ था लेकिन टेंडर वाले ने अस्पतालों में भोजन नहीं बनाया है। इससे उसका टेंडर निरस्त हो गया है।
नहीं मिल रहा भोजन
सीएचसी रेउसा में आने वाले मरीजों को भी खाना नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही है। मरीजों ने बताया कि कभी कभार दूध व बिस्कुट दे दिया जाता है। इसी तरह सीएचसी तंबौर में भी खाना बनाने का बजट नहीं है। अधीक्षक का दावा है कि बजट की आस में किसी तरह भोजन का इंतजाम करवाया जा रहा है।
राज्य सरकार से तो बजट आ रहा है लेकिन केंद्रीय योजनाओं का बजट लटका हुआ है। इस वजह से सीएचसी पर भोजन बनने में समस्या आ रही है।
- डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ