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अभिभावकों की लापरवाही बच्चों पर पड़ सकती भारी

Sun, 17 Apr 2022 12:09 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Apr 2022 12:09 AM IST
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Parents' negligence can be heavy on children
जिला महिला अस्पताल में युवक को कोविड टीका लगाती महिला स्वास्थ्य कर्मी। - संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। देश में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है लेकिन जिले में बच्चों के टीकाकरण की रफ्तार गति नहीं पकड़ रही है। करीब दो माह बीत जाने के बाद महज पांच हजार बच्चों का ही टीकाकरण हो सका है। जबकि हाल ही में कोरोना से संक्रमित मामलों में बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। टीकाकरण की सुस्त रफ्तार से जिले में लक्ष्य पूरा होने में महीनों लग जाएंगे। अभिभावकों बच्चों का टीकाकरण करवाने में लापरवाही बरत रहे है।
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए करीब दो माह पहले 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में करीब डेढ़ लाख बच्चों को कोविड की दोनों डोज लगाई जानी है। अभियान की शुरुआत सीएचसी खैराबाद से हुई थी। उसके बाद इसे सभी सीएचसी तक पहुंचा दिया गया था लेकिन उस समय परीक्षाओं के चलते अभिभावकों ने बच्चों का टीकाकरण कराने से मना कर दिया था। अब परीक्षाएं समाप्त हो चुकी है। नये सत्र की शुरुआत हो गई है। इसके बावजूद अभिभावक बच्चों का टीकाकरण नहीं करवा रहे है।
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अब तक महज पांच हजार बच्चों का टीकाकरण हो सका है। विभाग का कहना है कि अब कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। हाल ही में नोएडा व दिल्ली में आए मामलों में बच्चे भी संक्रमित हुए हैं। ऐसे में अभिभावक की यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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जिले में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण करने के लिए लक्ष्य करीब पहुंच गया है। जिले में 32 लाख लोगों का टीकाकरण किया जाना था, जिसमें अब तक करीब 30 लाख लोगों ने टीकाकरण करवा लिया है। शेष लोगों के टीकाकरण सभी सीएचसी पर चल रहा है।
बूस्टर डोज के लिए तय नहीं हो सके केंद्र
18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बूस्टर डोज लगवाने की शुरुआत 10 अप्रैल से हो गई है। लेकिन जिले में इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। कारण यह है कि अभी तक जिले के किसी भी प्राइवेट अस्पताल ने टीकाकरण कराने के लिए आवेदन नहीं किया है। ऐसे में अगर कोई बूस्टर डोज लगवाना चाहता है तो वह लखनऊ जाए तभी उसको बूस्टर डोज लग सकेगी। इस डोज को लगवाने के लिए खुद ही रुपये खर्च करने पड़ेंगे। यह किसी भी सरकारी केंद्र पर डोज नहीं लगवाई जाएगी।
मास्क लगाना भूले लोग
शासन ने मास्क लगाने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है लेकिन संक्रमण के फैलाव को देखते हुए एहतियात बहुत जरूरी है। लोग अब कोरोना से चिंतामुक्त होकर लापरवाही बरत रहे है। वह सार्वजनिक स्थानों पर न तो मास्क लगाते है, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते है। इसकी हकीकत शनिवार को शहर के जिला महिला अस्पताल, जिला अस्पताल, लालबाग बाजार सहित तमाम जगहों पर दिखाई दी।
स्कूल कैंपों में नहीं आ रहे बच्चे
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बच्चों के टीकाकरण को लेकर स्कूलवार कैंप लगाए जा रहे है लेकिन इनमें बच्चे नहीं आ रहे है। बच्चों के अभिभावकों व स्कूल प्रबंधतंत्र से बातचीत हो रही है लेकिन अभिभावक टीकाकरण करवाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे है। अब विभाग का कहना है कि मोहल्ले व स्कूलवार फिर से कैंप लगाकर लोगों को जागरूक करते हुए टीकाकरण करवाया जाएगा।

अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होकर टीकाकरण अवश्य करवाएं। कोविड का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। दोनों डोज समय से अवश्य लगवाएं।
डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ
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