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Sitapur News: मंदिर आने पर टोकाटाकी से परेशान होकर किया था पुजारी का कत्ल
Mon, 01 Apr 2024 01:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 01 Apr 2024 01:35 PM IST
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रामकोट (सीतापुर)। थाना क्षेत्र के रामेश्वरम तीर्थ के पुजारी की 25 मार्च को हुई हत्या के मामले का शनिवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि पुजारी झगड़ालू किस्म का था। उसकी यही आदत हत्या की वजह बन गई। मामूली विवाद में तैश में आकर आरोपी ने पुजारी को बांके से काट डाला। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार और कपड़े बरामद कर लिए हैं। आरोपी को जेल भेज दिया गयाहै।
थाना क्षेत्र में होली के दिन 25 मार्च को रामेश्वरम तीर्थ के पुजारी शंकुल मिश्रा उर्फ हिमांशु मिश्रा का मंदिर परिसर में शव पड़ा मिला था। धारदार हथियार से उनकी हत्या की गई थी। मंदिर परिसर में चारों तरफ खून फैला हुआ था। वहीं, मंदिर का सामान भी बिखरा मिला था। इस मामले में पुलिस ने पुजारी के पिता विश्व मोहन मिश्रा की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरू की।
क्षेत्राधिकारी अमन सिंह ने बताया कि इस मामले में कस्बा निवासी रामदेव बाजपेई उर्फ देवा को गिरफ्तार किया गया है। उसे धर्मपुर रेलवे क्राॅसिंग के निकट करियामऊ गांव के मोड़ के पास से पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर आला कत्ल बांका और घटना के समय पहने कपड़े (पैंट-शर्ट) भी बरामद कर लिए गए है। उसके कपड़ों पर खून भी लगा हुआ है।
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पुलिस की पूछताछ में आरोपी रामदेव ने बताया कि शंकुल रामेश्वरम धाम मंदिर में पूजा-पाठ करता था। आरोपी भी मंदिर पर पूजा करने आता-जाता था। शंकुल बहुत झगड़ालू था। जब-जब आरोपी रामदेव मंदिर जाता था तो शंकुल उससे बदसलूकी करता था। उसकी इस हरकत से आरोपी परेशान हो गया था। घटना से एक दिन पूर्व 24 मार्च को आरोपी देर रात होलिका दहन के बाद मंदिर में दर्शन करने गया था। उसे देखकर शंकुल आग बबूला होकर उल्टा-सीधा कहने लगा। उस समय आरोपी शंकुल की बातों को बर्दाश्त कर घर वापस आ गया, लेकिन बेइज्जती को भुला नहीं पाया। फिर देर रात ढाई बजे आरोपी घर में रखा बांका उठाकर मंदिर पहुंच गया। वहां शंकुल मंदिर परिसर में सो रहा था। तैश में आकर आरोपी ने बांके से शंकुल की गर्दन व चेहरे पर ताबड़तोड़ कई वार किए। इसके बाद बांका झाड़ियों में छिपाकर वहां से भाग गया। पुलिस ने बांका बरामद कर पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है।
आरोपी पर 2009 में भी दर्ज हुआ था मुकदमा
आरोपी रामदेव पर वर्ष 2009 में भी रामकोट थाने में ही एक मुकदमा दर्ज हुआ था। उस पर विपक्षियों से मारपीट का आरोप था। वहीं, कुछ दिन पूर्व भी शंकुल का मंदिर में मुंडन संस्कार कराने आए एक परिवार से विवाद हो गया था। पुजारी पर परिवार की महिलाओं ने अभद्रता करने का आरोप लगाया था।
आरोपी ने धारदार हथियार से किये थे छह वार
आरोपी रामदेव के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने सो रहे शंकुल मिश्रा के ऊपर बांके से ताबड़तोड़ वार किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुल छह वार होने की पुष्टि हुई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो शंकुल अपने पास बांंका रखकर सोता था। जिस दिन घटना हुई उस दिन पुलिस को उसके पास बांका बरामद नहीं हुआ था।
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थाना क्षेत्र में होली के दिन 25 मार्च को रामेश्वरम तीर्थ के पुजारी शंकुल मिश्रा उर्फ हिमांशु मिश्रा का मंदिर परिसर में शव पड़ा मिला था। धारदार हथियार से उनकी हत्या की गई थी। मंदिर परिसर में चारों तरफ खून फैला हुआ था। वहीं, मंदिर का सामान भी बिखरा मिला था। इस मामले में पुलिस ने पुजारी के पिता विश्व मोहन मिश्रा की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरू की।
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क्षेत्राधिकारी अमन सिंह ने बताया कि इस मामले में कस्बा निवासी रामदेव बाजपेई उर्फ देवा को गिरफ्तार किया गया है। उसे धर्मपुर रेलवे क्राॅसिंग के निकट करियामऊ गांव के मोड़ के पास से पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर आला कत्ल बांका और घटना के समय पहने कपड़े (पैंट-शर्ट) भी बरामद कर लिए गए है। उसके कपड़ों पर खून भी लगा हुआ है।
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पुलिस की पूछताछ में आरोपी रामदेव ने बताया कि शंकुल रामेश्वरम धाम मंदिर में पूजा-पाठ करता था। आरोपी भी मंदिर पर पूजा करने आता-जाता था। शंकुल बहुत झगड़ालू था। जब-जब आरोपी रामदेव मंदिर जाता था तो शंकुल उससे बदसलूकी करता था। उसकी इस हरकत से आरोपी परेशान हो गया था। घटना से एक दिन पूर्व 24 मार्च को आरोपी देर रात होलिका दहन के बाद मंदिर में दर्शन करने गया था। उसे देखकर शंकुल आग बबूला होकर उल्टा-सीधा कहने लगा। उस समय आरोपी शंकुल की बातों को बर्दाश्त कर घर वापस आ गया, लेकिन बेइज्जती को भुला नहीं पाया। फिर देर रात ढाई बजे आरोपी घर में रखा बांका उठाकर मंदिर पहुंच गया। वहां शंकुल मंदिर परिसर में सो रहा था। तैश में आकर आरोपी ने बांके से शंकुल की गर्दन व चेहरे पर ताबड़तोड़ कई वार किए। इसके बाद बांका झाड़ियों में छिपाकर वहां से भाग गया। पुलिस ने बांका बरामद कर पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है।
आरोपी पर 2009 में भी दर्ज हुआ था मुकदमा
आरोपी रामदेव पर वर्ष 2009 में भी रामकोट थाने में ही एक मुकदमा दर्ज हुआ था। उस पर विपक्षियों से मारपीट का आरोप था। वहीं, कुछ दिन पूर्व भी शंकुल का मंदिर में मुंडन संस्कार कराने आए एक परिवार से विवाद हो गया था। पुजारी पर परिवार की महिलाओं ने अभद्रता करने का आरोप लगाया था।
आरोपी ने धारदार हथियार से किये थे छह वार
आरोपी रामदेव के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने सो रहे शंकुल मिश्रा के ऊपर बांके से ताबड़तोड़ वार किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुल छह वार होने की पुष्टि हुई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो शंकुल अपने पास बांंका रखकर सोता था। जिस दिन घटना हुई उस दिन पुलिस को उसके पास बांका बरामद नहीं हुआ था।