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तेल की कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट

Sun, 06 Mar 2022 11:59 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 11:59 PM IST
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Oil prices spoil the kitchen budget
सीतापुर। खाद्य तेलों की कीमतों पर रूस-यूक्रेन युद्ध का असर साफ दिखने लगा है। पिछले दस दिनों में खाद्य तेलों के दामों में भारी इजाफा हुआ है। वहीं त्योहारों के चलते तेल की मांग भी अधिक हो गई है। तेल की बढ़ती मांग और घटती आपूर्ति के बीच तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। युद्ध का सीधा असर सूरजमुखी के तेल पर पड़ रहा है। बढ़ी कीमतों के चलते इस बार त्योहरों में रसोई का बजट भी बिगड़ता दिखाई दे रहा है। तेल की कीमतों में आई उछाल से व्यापारी से लेकर गृहिणी तक सब परेशान दिखाई दे रहे हैं।
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खाद्य तेलों के मूल्यों की बात की जाए तो लगभग दो वर्षों से इनकी कीमत में काफी इजाफा हुआ है। सरसों के तेल से लेकर रिफाइंड ऑयल तक के भाव कई बार बढ़े हैं। वहीं अब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का भी इन खाद्य तेलों पर सीधा असर पड़ रहा है। जानकारों के मुताबिक भारत अपनी खपत का 70 फीसदी तेल बाहर से खरीदता है।
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जबकि महज 30 फीसदी तेल देश में तैयार किया जाता है। तेल कीमतों में हो रहे इजाफे के लिए यह सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। माना जा रहा था कि महंगे डीजल और ट्रांसपोर्ट के चलते तेल की कीमतों में उछाल आया है। भारत खपत का 90 फीसदी सूरजमुखी का तेल रूस और यूक्रेन से आयात करता है। जबकि महज 10 फीसदी सूरजमुखी का तेल देेश में तैयार हो पाता है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण मौजूदा समय में तेल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जबकि त्योहारों के चलते बाजारों में मांग बढ़ी हुई है।
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बाजार में बढ़ी है मांग
व्यापारी सुरेश कुमार डोडेजा ने बताया कि त्योहारों के चलते बाजार में तेल की मांग अचानक बढ़ गई है। पहले से ही खाद्य तेलों के भाव बढ़े हुए थे, ऐसे में त्योहारों में तेल की खपत अधिक होती है। इसी को देखते हुए तेल के दाम बढ़े हैं। बढ़ी कीमतों से व्यापारी को भी परेशानी हो रही है।
कंपनियों ने बढ़ाए दाम
व्यापारी गौरव गुप्ता ने बताया कि कंपनियों ने तेल की बढ़ती मांग को देखते हुए रेट में इजाफा किया है। दस दिनों में लगभग 25 से 30 रुपये प्रति लीटर के भाव में तेजी आई है। ऐसे में इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि रूस और यूक्रेन की से तेल की आपूर्ति न होने के चलते दामों के बढ़ोतरी हो रही है। तेल की आपूर्ति कम होने और मांग अधिक होने पर दाम और बढ़ गए हैं।
होली में बिगड़ा बजट
गृहिणी उपासना कहतीं हैं कि तेल के भाव वैसे ही काफी बढ़े हुए थे। सरसों के तेल से लेकर रिफाइंड ऑयल तक के दामों में पिछले कुछ साल से काफी इजाफा हुआ है। होली का त्यौहार नजदीक होने के चलते घरों में तेल की खपत भी अधिक होनी थी। रिफाइंड के मूल्यों में अचानक भारी बढ़ोत्तरी ने बजट बिगाड़ दिया है।

सरकार दे ध्यान
गृहणी मंजू सिंह कहती हैं कि पिछले कुछ वर्ष में तेल के भाव आसमान छू रहे हैं। जिसके चलते रसोई का बजट पहले की बिगड़ा हुआ था। ऐसे में त्योहार के ठीक पहले रिफाइंड तेल के भाव में 25 से 30 रुपये अचानक बढ़ जाने से और परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में तेल के दामों हुई भारी बढ़ोतरी पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
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