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नर्सें रहीं हड़ताल पर
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Fri, 26 Feb 2016 10:53 PM IST
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नर्सेज संघ के हड़ताल के चलते शुक्रवार को जिला व महिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। सुबह पहली शिफ्ट में जब नर्सेज अपने वार्ड में नहीं पहुंचीं तो मरीजों में खलबली मच गई। तीमारदार अपने मरीज को दवा व इंजेक्शन लगवाने के लिए इधर-उधर भटकतेे दिखे। कुछ देर बाद पता चला कि नर्सेज हड़ताल पर हैं।
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जिसके बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा संविदा कर्मियों के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की गईं। राजकीय नर्सेज संघ के आह्वान पर शुक्रवार की सुबह से ही स्टाफ नर्स हड़ताल पर चली गईं। नर्सों ने मेट्रन कार्यालय में ताला लगाया और अपनी मांगों को लेकर अस्पताल गेट पर प्रदर्शन किया। दोपहर दो बजे तक प्रदर्शन करने के बाद नर्सें अवकाश पर चली गईं। हड़ताल में जिला पुरुष व महिला अस्पताल की नर्सें शामिल थीं।
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सुबह पहली शिफ्ट आठ बजे शुरू होती है। जब 8:30 बजे नर्से वार्ड में नहीं पहुंचीं तो मरीज परेशान होने लगे। कोई इंजेक्शन लगवाने के लिए तो कोई दवा को लेकर पूछताछ करना चाहता था। नर्सों ने हड़ताल पर जाने की जानकारी पहले से ही जिला अस्पताल को दे दी थी।
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लेकिन अस्पताल प्रशासन पूरी तरीके से मुस्तैद नहीं दिखा। जब मरीज परेशान होने लगे तो प्रशासन द्वारा करीब नौ बजे संविदा कर्मी व ट्रेनी नर्सों को लगाया। उसके बाद स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की गईं। हालांकि इस हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाआें पर कुछ खास असर नहीं पड़ा। ठीक ऐसा ही हाल महिला अस्पताल में रहा।
पुरुष अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती पिसावां के गौरासी कलां निवासी गीता देवी, रामकोट के हाता कप्तान निवासी रेशमा देवी ने बताया कि इलाज में कुछ खास दिक्कत नहीं हुई। सुबह थोड़ी देर के बाद दवा व ग्लूकोज चढ़ाया गया।
महिला अस्पताल में संविदा नर्सों की मदद से 6 महिलाओं का प्रसव कराया गया। जबकि एक महिला का ऑपरेशन किया गया। हालांकि यहां ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक जरूर परेशान नजर आ रहीं थीं।