{"_id":"61d4842e1a361152df67055e","slug":"now-submit-house-and-water-tax-sitting-at-home-sitapur-news-lko6119967177","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब घर बैठे जमा करें हाउस व वाटर टैक्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब घर बैठे जमा करें हाउस व वाटर टैक्स
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। शहरवासी अब घर बैठे हाउस व वाटर टैक्स जमा कर सकेंगे। नगर पालिका ने मंगलवार से टैक्स जमा करने के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी है। इससे लोगों को नगर पालिका कार्यालय की भागदौड़ से निजात मिलेगी। शहर के करीब 31 हजार मकान स्वामी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
सीतापुर नगर पालिका द्वारा शहरवासियों को सुविधाएं दी जाती हैं। इसके बदले उनसे हाउस व वाटर टैक्स वसूला जाता है। अभी तक हाउस व वाटर टैक्स जमा करने के लिए लोग नगर पालिका जाते थे। उसके बाद ही उनका टैक्स जमा हो पाता था। अब इस भागदौड़ से शहरवासियों को निजात मिलेगी। शहरवासी घर बैठे ही अपना टैक्स जमा कर सकेंगे।
अगर किसी को ऑनलाइन टैक्स जमा करने में कोई दिक्कत है तो वे नगर पालिका में टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके लिए नगर पालिका में अलग से काउंटर बना दिए गए है। मंगलवार को अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल, ईओ वैभव त्रिपाठी ने इस काउंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान कर अधीक्षक हरीशचंद, कार्यालय अधीक्षक महेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
रजिस्टर मोबाइल नंबर के सहारे कर सकेंगे जमा
आप अपने मकान का हाउस टैक्स जमा करना चाहते हैं और आपको अपने मकान का नंबर नहीं पता है। ऐसे में आप नगर पालिका सीतापुर की वेबसाइट पर जाकर अपने नाम से वार्ड के अनुसार पता खोज सकते है। अगर नाम से मकान नहीं मिलता है तो सर्वे के समय जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया हो, उस नंबर से भी अपना हाउस टैक्स जमा कर सकते है।
सात हजार मकान बढ़ने से बढ़ेगा राजस्व
नगर पालिका सीतापुर में इस बार करीब सात हजार नए मकान बढ़ गए हैं। इससे नगर पालिका का राजस्व भी बढ़ेगा। राजस्व बढ़ने से नगरीय सुविधाओं में काफी इजाफा होगा। नगर पालिका द्वारा शहरवासियों को बेहतर तरीके से सड़क, साफ सफाई व अन्य सुविधाएं दी जा सकेंगी। सीतापुर नगर पालिका में अभी तक करीब 24 हजार मकान स्वामी हाउस टैक्स जमा करते थे।
नगर पालिका ने स्वकर प्रणाली लागू की है, इससे नए सिरे से मकानों का सर्वे कराया गया था। जिसमें करीब सात हजार मकान स्वामी मिले है। अब इन सभी से हाउस टैक्स लिया जाएगा। इनको नई स्वकर प्रणाली के अनुसार टैक्स जमा करना होगा।
नगर पालिका द्वारा अब ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे शहरवासी बिना भागदौड़ के टैक्स जमा कर सकेंगे।
- वैभव त्रिपाठी, ईओ
विज्ञापन
सीतापुर नगर पालिका द्वारा शहरवासियों को सुविधाएं दी जाती हैं। इसके बदले उनसे हाउस व वाटर टैक्स वसूला जाता है। अभी तक हाउस व वाटर टैक्स जमा करने के लिए लोग नगर पालिका जाते थे। उसके बाद ही उनका टैक्स जमा हो पाता था। अब इस भागदौड़ से शहरवासियों को निजात मिलेगी। शहरवासी घर बैठे ही अपना टैक्स जमा कर सकेंगे।
विज्ञापन
अगर किसी को ऑनलाइन टैक्स जमा करने में कोई दिक्कत है तो वे नगर पालिका में टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके लिए नगर पालिका में अलग से काउंटर बना दिए गए है। मंगलवार को अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल, ईओ वैभव त्रिपाठी ने इस काउंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान कर अधीक्षक हरीशचंद, कार्यालय अधीक्षक महेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
रजिस्टर मोबाइल नंबर के सहारे कर सकेंगे जमा
आप अपने मकान का हाउस टैक्स जमा करना चाहते हैं और आपको अपने मकान का नंबर नहीं पता है। ऐसे में आप नगर पालिका सीतापुर की वेबसाइट पर जाकर अपने नाम से वार्ड के अनुसार पता खोज सकते है। अगर नाम से मकान नहीं मिलता है तो सर्वे के समय जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया हो, उस नंबर से भी अपना हाउस टैक्स जमा कर सकते है।
सात हजार मकान बढ़ने से बढ़ेगा राजस्व
नगर पालिका सीतापुर में इस बार करीब सात हजार नए मकान बढ़ गए हैं। इससे नगर पालिका का राजस्व भी बढ़ेगा। राजस्व बढ़ने से नगरीय सुविधाओं में काफी इजाफा होगा। नगर पालिका द्वारा शहरवासियों को बेहतर तरीके से सड़क, साफ सफाई व अन्य सुविधाएं दी जा सकेंगी। सीतापुर नगर पालिका में अभी तक करीब 24 हजार मकान स्वामी हाउस टैक्स जमा करते थे।
नगर पालिका ने स्वकर प्रणाली लागू की है, इससे नए सिरे से मकानों का सर्वे कराया गया था। जिसमें करीब सात हजार मकान स्वामी मिले है। अब इन सभी से हाउस टैक्स लिया जाएगा। इनको नई स्वकर प्रणाली के अनुसार टैक्स जमा करना होगा।
नगर पालिका द्वारा अब ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे शहरवासी बिना भागदौड़ के टैक्स जमा कर सकेंगे।
- वैभव त्रिपाठी, ईओ