{"_id":"6765b51f459afc1c1e07fbaf","slug":"now-online-help-to-sc-st-victims-portal-launched-sitapur-news-c-102-1-slko1052-124002-2024-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: एससी-एसटी पीड़ितों को अब ऑनलाइन मदद, पोर्टल शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: एससी-एसटी पीड़ितों को अब ऑनलाइन मदद, पोर्टल शुरू
Fri, 20 Dec 2024 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 20 Dec 2024 11:49 PM IST
विज्ञापन
सीतापुर। उत्पीड़न के शिकार अनुसूचित जाति (एससी) व जनजाति (एसटी) के पीड़ितों को अब अपने शिकायत दर्ज कराने के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत अब ऐसे पीड़ित अपनी शिकायत घर बैठे ही सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे। ऑनलाइन पोर्टल की शुरू हुई सेवा में पीड़ितों की शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई तय होगी। साथ ही इसकी निगरानी भी शासन से लेकर जिला प्रशासन के स्तर तक होगी।
संबंधित अधिकारी पोर्टल पर ही अपने लाॅगिन आईडी और पॉसवर्ड से आर्थिक सहायता देने संबंधी कार्रवाई भी तय कर सकेंगे। अभी तक यह कार्य मैनुअल तरीके से होने के कारण पीड़ित को मदद पाने में कई तरह की समस्याएं उठाना पड़ रही थी।
पोर्टल पर दिखेगी संबंधित एफआईआर: योजना के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी https://atrocityprevention.upsdc.gov.in पोर्टल पर पीड़ित एससी व एसटी अत्याचार से संबंधित एफआईआर दर्ज करा सकेगा। यह शिकायत सीसीटीएनएस (पुलिस विभाग) की एपीआई में दिखेंगी।
विज्ञापन
पोर्टल के माध्यम से शासनादेश जारी होने की तिथि के बाद एससी, एसटी एक्ट में दर्ज सभी एफआईआर का भुगतान कराया जाएगा। इससे पहले के प्रकरण का भुगतान पूर्व व्यवस्था के अनुरूप किया जाएगा।
विज्ञापन
संबंधित अधिकारी पोर्टल पर ही अपने लाॅगिन आईडी और पॉसवर्ड से आर्थिक सहायता देने संबंधी कार्रवाई भी तय कर सकेंगे। अभी तक यह कार्य मैनुअल तरीके से होने के कारण पीड़ित को मदद पाने में कई तरह की समस्याएं उठाना पड़ रही थी।
विज्ञापन
पोर्टल पर दिखेगी संबंधित एफआईआर: योजना के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी https://atrocityprevention.upsdc.gov.in पोर्टल पर पीड़ित एससी व एसटी अत्याचार से संबंधित एफआईआर दर्ज करा सकेगा। यह शिकायत सीसीटीएनएस (पुलिस विभाग) की एपीआई में दिखेंगी।
विज्ञापन
पोर्टल के माध्यम से शासनादेश जारी होने की तिथि के बाद एससी, एसटी एक्ट में दर्ज सभी एफआईआर का भुगतान कराया जाएगा। इससे पहले के प्रकरण का भुगतान पूर्व व्यवस्था के अनुरूप किया जाएगा।

20जेएनडी15: नगूरां पीएचसी में लेबर रूम में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद