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Sitapur News: 23वें दिन भी बाघिन का नहीं लगा सुराग
Fri, 07 Aug 2026 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:46 PM IST
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काॅम्बिंग करती टीम
संदना। किसान कमलकिशोर को शिकार बनाने वाली बाघिन का शुक्रवार को 23वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिला। वन विभाग ने दिनभर संभावित क्षेत्रों में सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया, लेकिन कहीं भी बाघिन के ताजा पगचिह्न नहीं मिले। टीम लगातार निगरानी करते हुए उसे पकड़ने के प्रयास में जुटी है।
वन विभाग की टीम ने गेंधारिया, उपरहितापुर, कोडरी पुरवा, मधवापुर बिजुआमऊ समेत आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। ट्रैप कैमरों, मचानों और अन्य संसाधनों की मदद से बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी गई, लेकिन उसकी मौजूदगी का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला।
रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को किसी भी स्थान पर बाघिन के ताजा पगचिह्न नहीं मिले। इसके बावजूद संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और हर सूचना पर टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
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हालांकि ताजा पगचिह्न न मिलने से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, लेकिन दहशत अब भी बरकरार है। किसान समूह बनाकर खेतों में जा रहे हैं, जबकि महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर निकलते समय सतर्कता बरत रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने की अपील की है।
पहला चौराहा पर मिले पगचिह्न बाघिन के नहीं
बृहस्पतिवार देर रात संदना क्षेत्र के पहला चौराहा के पास कुछ लोगों ने जंगली जानवर दिखाई देने का दावा किया था। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों को वहां कुछ पगचिह्न मिले, जिससे दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने इनके फोटो वन विभाग को भेजे। फॉरेस्टर अनिल यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया ये पगचिह्न बाघिन के नहीं, बल्कि कुत्ते या सियार के प्रतीत होते हैं।
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वन विभाग की टीम ने गेंधारिया, उपरहितापुर, कोडरी पुरवा, मधवापुर बिजुआमऊ समेत आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। ट्रैप कैमरों, मचानों और अन्य संसाधनों की मदद से बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी गई, लेकिन उसकी मौजूदगी का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला।
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रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को किसी भी स्थान पर बाघिन के ताजा पगचिह्न नहीं मिले। इसके बावजूद संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और हर सूचना पर टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
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हालांकि ताजा पगचिह्न न मिलने से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, लेकिन दहशत अब भी बरकरार है। किसान समूह बनाकर खेतों में जा रहे हैं, जबकि महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर निकलते समय सतर्कता बरत रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने की अपील की है।
पहला चौराहा पर मिले पगचिह्न बाघिन के नहीं
बृहस्पतिवार देर रात संदना क्षेत्र के पहला चौराहा के पास कुछ लोगों ने जंगली जानवर दिखाई देने का दावा किया था। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों को वहां कुछ पगचिह्न मिले, जिससे दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने इनके फोटो वन विभाग को भेजे। फॉरेस्टर अनिल यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया ये पगचिह्न बाघिन के नहीं, बल्कि कुत्ते या सियार के प्रतीत होते हैं।