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Sitapur News: कटान से राहत नहीं, 24 घंटे में 22 बीघा खेत सरयू में समाए
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ग्रामीण इलाके में कटान करती सरयू।
- फोटो : ग्रामीण इलाके में कटान करती सरयू।
रामपुर मथुरा। सरयू नदी के जलस्तर में 24 घंटों के दरम्यान फिर 10 सेमी की कमी आई है। बुधवार को जलस्तर 117.90 मीटर दर्ज किया गया। पानी घटने से कटान की गति कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन अभी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। सुंदरपुरवा के पास पिछले 24 घंटों में 22 बीघा फसल समेत खेत कटकर नदी में बह गए हैं।
लोधनपुरवा तथा भूषणपुरवा में 10 घर लहरों के निशाने पर हैं। वहीं, तीनों बैराजों से बुधवार को 3.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शुकुलपुरवा ग्राम पंचायत के मजरा लोधनपुरवा तथा भूषणपुरवा में कई दिनों से हो रही कटान बुधवार को धीमी रही। गत मंगलवार को जगतराम के घर का कुछ हिस्सा नदी में कटकर बह गया था। शेष हिस्से का कटान धीमी गति से लहरें कर रही हैं।
इसके अलावा में देशराज, इंद्रपाल, नरेश, आशाराम, रमेश, छविलाल, कुंवारे, सनेही, बिहारी व गयाप्रसाद समेत 10 घर लहरों के निशाने पर हैं। सुंदरपुरवा में धर्मेंद्र की ढाई बीघा, कृष्ण कुमार व दुख हरन की साढ़े तीन-तीन बीघा, परसुराम की पांच बीघा, राम करन की दो बीघा व बिलास की साढ़े छह बीघा कृषि योग्य जमीन कटकर सरयू में समा गई है।
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रामकरन ने बताया कि राशन किट, लंच पैकेट व तिरपाल के साथ मवेशियोें के चारे में भूसे का प्रबंध कराया जा रहा है। सभी की समस्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से नजदीक में ही आवासीय भूमि आवंटित की गई है।
कुन्हापुरवा, रामरूपपुरवा तथा लोधनपुरवा गांव के कटान पीड़ितों को बसाने के लिए तहसील प्रशासन ने बुधवार को कोठार के पास सरकारी भूमि चिह्नित की है।
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लोधनपुरवा तथा भूषणपुरवा में 10 घर लहरों के निशाने पर हैं। वहीं, तीनों बैराजों से बुधवार को 3.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शुकुलपुरवा ग्राम पंचायत के मजरा लोधनपुरवा तथा भूषणपुरवा में कई दिनों से हो रही कटान बुधवार को धीमी रही। गत मंगलवार को जगतराम के घर का कुछ हिस्सा नदी में कटकर बह गया था। शेष हिस्से का कटान धीमी गति से लहरें कर रही हैं।
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इसके अलावा में देशराज, इंद्रपाल, नरेश, आशाराम, रमेश, छविलाल, कुंवारे, सनेही, बिहारी व गयाप्रसाद समेत 10 घर लहरों के निशाने पर हैं। सुंदरपुरवा में धर्मेंद्र की ढाई बीघा, कृष्ण कुमार व दुख हरन की साढ़े तीन-तीन बीघा, परसुराम की पांच बीघा, राम करन की दो बीघा व बिलास की साढ़े छह बीघा कृषि योग्य जमीन कटकर सरयू में समा गई है।
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रामकरन ने बताया कि राशन किट, लंच पैकेट व तिरपाल के साथ मवेशियोें के चारे में भूसे का प्रबंध कराया जा रहा है। सभी की समस्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से नजदीक में ही आवासीय भूमि आवंटित की गई है।
कुन्हापुरवा, रामरूपपुरवा तथा लोधनपुरवा गांव के कटान पीड़ितों को बसाने के लिए तहसील प्रशासन ने बुधवार को कोठार के पास सरकारी भूमि चिह्नित की है।