{"_id":"612e75cd8ebc3eb5020279cf","slug":"nephew-sentenced-to-10-years-in-uncle-s-murder-sitapur-news-lko593497111","type":"story","status":"publish","title_hn":"चाचा की हत्या में भतीजे को 10 वर्ष की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चाचा की हत्या में भतीजे को 10 वर्ष की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। ताश खेलने से मना करने वाले चाचा पर जानलेवा हमला करने वाले बेटे को न्यायालय ने 10 वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक उपाध्याय द्वारा दिए गए फैसले में अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप कुमार त्रिपाठी द्वारा की गई।
रामपुर कलां थानाक्षेत्र के ग्राम मझिया के रहने वाले रामबली पर तीन मार्च 2016 की शाम उनके भतीजे मुकेश ने ही सिर पर लकड़ी की बल्ली मारकर घायल कर दिया था। इलाज के लिए ले जाते समय रामबली की मौत हो गई थी। मामले में रामबली के लड़के ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि मुकेश घटना वाले दिन गांव के बाहर अपने साथियों के साथ ताश खेल रहा था।
पिता द्वारा मना किया गया। इस बात से नाराज होकर मुकेश शाम को जब घर लौटा तो उसने अपने चाचा के सिर पर लकड़ी की बल्ली से प्रहार कर दिया। गंभीर रूप से घायल रामबली को जब परिजन इलाज के लिए लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। न्यायालय में दौरान विचारण आए साक्ष्य के आधार पर न्यायधीश ने उसे 10 वर्ष के कठोर करावास व 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर कलां थानाक्षेत्र के ग्राम मझिया के रहने वाले रामबली पर तीन मार्च 2016 की शाम उनके भतीजे मुकेश ने ही सिर पर लकड़ी की बल्ली मारकर घायल कर दिया था। इलाज के लिए ले जाते समय रामबली की मौत हो गई थी। मामले में रामबली के लड़के ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि मुकेश घटना वाले दिन गांव के बाहर अपने साथियों के साथ ताश खेल रहा था।
विज्ञापन
पिता द्वारा मना किया गया। इस बात से नाराज होकर मुकेश शाम को जब घर लौटा तो उसने अपने चाचा के सिर पर लकड़ी की बल्ली से प्रहार कर दिया। गंभीर रूप से घायल रामबली को जब परिजन इलाज के लिए लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। न्यायालय में दौरान विचारण आए साक्ष्य के आधार पर न्यायधीश ने उसे 10 वर्ष के कठोर करावास व 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। (संवाद)
विज्ञापन