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पर्यटन विकास को नैमिषारण्य विकास परिषद गठित
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सीतापुर। सीएम के फरमान पर धार्मिक एवं पौराणिक तीर्थ नैमिषारण्य का संपूर्ण विकास होगा। इसे बृज तीर्थ विकास परिषद मथुरा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए डीएम ने नौ सदस्यीय नैमिषारण्य विकास परिषद गठित की है।
परिषद में सीडीओ समेत नौ सदस्य बनाए गए हैं। गठित परिषद के पदाधिकारी बैठक कर सीडीओ नैमिषारण्य के विकास की गुफ्तगू करें और सदस्यों से राय मशविरा कर विकास का खाका भी तैयार करेंगे। जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी बताते हैं कि बृज तीर्थ विकास परिषद मथुरा की तर्ज पर अब नैमिषारण्य का विकास कराया जाएगा।
यहां पर सर्वांगीण विकास कराने के लिए नैमिषारण्य विकास परिषद गठित की गई है, इसमें अध्यक्ष सीडीओ बनाए गए हैं। जबकि प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, अपर जिलाधिकारी, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी लखनऊ, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी लखनऊ, सहयुक्त नियोजक सम्भागीय नियोजन खंड लखनऊ, ईओ नगर पालिका मिश्रिख सदस्य हैं।
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एसडीएम मिश्रिख समिति के संयोजक सचिव हैं। उन्होंने बताया कि परिषद के सदस्य नैमिषारण्य के विकास प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए बैठक करेंगे और राय मशविरा कर विकास का प्लान भी तैयार करेंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
समिति के अध्यक्ष सीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि नैमिषारण्य के सम्पूर्ण पर्यटन विकास के लिए विकास परिषद के गठन को ड्राफ्ट तैयार करने से पूर्व सर्वप्रथम यह देखा जाएगा कि इसमें कितना क्षेत्रफल होगा। साथ ही संबंधित क्षेत्र में कामर्शियल गतिविधियों बिना अनुमति के नहीं हो सकेंगी। किस कार्य की कहां पर कराने की आवश्यकता है।
इसकी प्राथमिकता तय की जाएगी। पर्यटकों को आवश्यक जरूरतों को पूर्ण करने सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। सभी सदस्यों को बृज तीर्थ विकास परिषद मथुरा का नोटीफिकेशन भेजा गया है। इसका वह अध्ययन कर अपनी संस्तुति देंगे। इसके लिए प्रारम्भिक बैठक की जानी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त हो गया है पत्र
समिति के सदस्य अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद मिश्रिख-नैमिषारण्य आरपी सिंह ने बताया कि अभी तो सदस्य नामित होने का पत्र प्राप्त हुआ है। इसका अध्ययन करने के बाद स्थानीय आवश्यकताओं समेत अन्य कार्यों की जानकारी जुटाई जाएगी। प्रारम्भिक बैठक में ही विचार-विमर्श कर सभी बिन्दुओं पर निर्णय लिया जाएगा।
बनाया जाएगा बायलॉज
समिति के संयोजक सचिव एसडीएम मिश्रिख राजीव पांडे ने बताया कि नैमिषारण्य विकास परिषद के गठन के लिए बायलॉज बनाया गया है। तीर्थाटन नैमिष का हेड क्वार्टर नैमिष रहेगा। मुख्यमंत्री कमेटी के अध्यक्ष होंगे। पर्यटन, नियोजन, आवास समेत अन्य विभागों के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे। परिषद को तमाम शक्तियां दी जाएंगी। भूमि का अधिग्रहण करने का अधिकार होगा। वित्त कमेटी बनेगी।
पूरे नैमिष क्षेत्र के विकास एवं 84 कोसीय परिक्रमा का सर्वांगीण विकास किया जाएगा। गोमती नदी के संरक्षण से संबंधित कार्य होंगे। किस तरह की बस्ती होनी चाहिए, पूरे क्षेत्र में एक रूपता लाने समेत अन्य विषयों पर कार्य किया जाएगा। बायलॉज को मीटिंग में रखा जाएगा। इसके लिए सीडीओ को पत्र भेजकर तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया गया है।
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परिषद में सीडीओ समेत नौ सदस्य बनाए गए हैं। गठित परिषद के पदाधिकारी बैठक कर सीडीओ नैमिषारण्य के विकास की गुफ्तगू करें और सदस्यों से राय मशविरा कर विकास का खाका भी तैयार करेंगे। जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी बताते हैं कि बृज तीर्थ विकास परिषद मथुरा की तर्ज पर अब नैमिषारण्य का विकास कराया जाएगा।
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यहां पर सर्वांगीण विकास कराने के लिए नैमिषारण्य विकास परिषद गठित की गई है, इसमें अध्यक्ष सीडीओ बनाए गए हैं। जबकि प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, अपर जिलाधिकारी, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी लखनऊ, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी लखनऊ, सहयुक्त नियोजक सम्भागीय नियोजन खंड लखनऊ, ईओ नगर पालिका मिश्रिख सदस्य हैं।
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एसडीएम मिश्रिख समिति के संयोजक सचिव हैं। उन्होंने बताया कि परिषद के सदस्य नैमिषारण्य के विकास प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए बैठक करेंगे और राय मशविरा कर विकास का प्लान भी तैयार करेंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
समिति के अध्यक्ष सीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि नैमिषारण्य के सम्पूर्ण पर्यटन विकास के लिए विकास परिषद के गठन को ड्राफ्ट तैयार करने से पूर्व सर्वप्रथम यह देखा जाएगा कि इसमें कितना क्षेत्रफल होगा। साथ ही संबंधित क्षेत्र में कामर्शियल गतिविधियों बिना अनुमति के नहीं हो सकेंगी। किस कार्य की कहां पर कराने की आवश्यकता है।
इसकी प्राथमिकता तय की जाएगी। पर्यटकों को आवश्यक जरूरतों को पूर्ण करने सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। सभी सदस्यों को बृज तीर्थ विकास परिषद मथुरा का नोटीफिकेशन भेजा गया है। इसका वह अध्ययन कर अपनी संस्तुति देंगे। इसके लिए प्रारम्भिक बैठक की जानी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त हो गया है पत्र
समिति के सदस्य अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद मिश्रिख-नैमिषारण्य आरपी सिंह ने बताया कि अभी तो सदस्य नामित होने का पत्र प्राप्त हुआ है। इसका अध्ययन करने के बाद स्थानीय आवश्यकताओं समेत अन्य कार्यों की जानकारी जुटाई जाएगी। प्रारम्भिक बैठक में ही विचार-विमर्श कर सभी बिन्दुओं पर निर्णय लिया जाएगा।
बनाया जाएगा बायलॉज
समिति के संयोजक सचिव एसडीएम मिश्रिख राजीव पांडे ने बताया कि नैमिषारण्य विकास परिषद के गठन के लिए बायलॉज बनाया गया है। तीर्थाटन नैमिष का हेड क्वार्टर नैमिष रहेगा। मुख्यमंत्री कमेटी के अध्यक्ष होंगे। पर्यटन, नियोजन, आवास समेत अन्य विभागों के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे। परिषद को तमाम शक्तियां दी जाएंगी। भूमि का अधिग्रहण करने का अधिकार होगा। वित्त कमेटी बनेगी।
पूरे नैमिष क्षेत्र के विकास एवं 84 कोसीय परिक्रमा का सर्वांगीण विकास किया जाएगा। गोमती नदी के संरक्षण से संबंधित कार्य होंगे। किस तरह की बस्ती होनी चाहिए, पूरे क्षेत्र में एक रूपता लाने समेत अन्य विषयों पर कार्य किया जाएगा। बायलॉज को मीटिंग में रखा जाएगा। इसके लिए सीडीओ को पत्र भेजकर तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया गया है।