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हत्याकांड का खुलासा, भाई व रिश्तेदार निकले कातिल
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सीतापुर। रेउसा इलाके में करीब चौदह दिन पूर्व युवक की गोली मारकर हुई हत्या मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि युवक का कातिल कोई और नहीं, उसका सगा भाई व दो अन्य रिश्तेदार थे। पुलिस ने तीनों को दबोच कर जेल भेज दिया है।
एसओ रेउसा नोवेंद्र सिंह सिरोही का कहना है कि 17 जनवरी को क्षेत्र के बढ़ईडीज के सर्वेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वैसे तो इस मामले में मृतक के परिवारीजन दो लोगों को नामजद कर रहे थे लेकिन संदेह को देखते हुए पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। उनका कहना है कि जांच-पड़ताल में पता चला कि सर्वेश की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके भाई ने अपने दो अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर की थी।
एसओ का कहना है कि इसी सिलसिले में शुक्रवार को रेउसा इलाके के बढ़ईडीह मजरा गोधनी सरैंया निवासी व मृतक के सगे भाई सिपाही लाल पुत्र मैकू को क्षेत्र के चंदौली के पास से दबोचा गया जबकि थानगांव इलाके के ही महंतपुरवा मजरा नसीरपुर देवरिया निवासी व मृतक के मामा रामलाल उर्फ लाल पुत्र शंभू, इसी गांव के देशराज पुत्र हुसैनी यादव को भी दबोचा गया। इनके कब्जे से दो तमंचा व कारतूस बरामद किए गए।
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पुलिस के मुताबिक सिपाही लाल पर बाराबंकी व रेउसा में आठ मुकदमे दर्ज हैं जबकि रामलाल पर तीन व देशराज के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज है। रामलाल इनामिया अपराधी है। सीओ बिसवां समर बहादुर सिंह ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 17 जनवरी को सर्वेश की हत्या उसके भाई व रिश्तेदारों ने ही की थी। तीनों को पकड़ कर जेल भेज दिया
पुलिस का दावा है कि सर्वेश हत्याकांड में दबोचे गए तीनों आरोपी उसकी हत्या नहीं करना चाहते थे बल्कि गोली से जख्मी कर अपने विरोधियों को फंसाने की साजिश रची थी लेकिन गोली सटीक लगने से सर्वेश की जान चली गई। इसके बाद ये लोग रंजिशन दो बेगुनाहों को फंसाना चाहते थे। पुलिस ने गहनता से जांच की तो सारी कलई खुल गई।
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एसओ रेउसा नोवेंद्र सिंह सिरोही का कहना है कि 17 जनवरी को क्षेत्र के बढ़ईडीज के सर्वेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वैसे तो इस मामले में मृतक के परिवारीजन दो लोगों को नामजद कर रहे थे लेकिन संदेह को देखते हुए पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। उनका कहना है कि जांच-पड़ताल में पता चला कि सर्वेश की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके भाई ने अपने दो अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर की थी।
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एसओ का कहना है कि इसी सिलसिले में शुक्रवार को रेउसा इलाके के बढ़ईडीह मजरा गोधनी सरैंया निवासी व मृतक के सगे भाई सिपाही लाल पुत्र मैकू को क्षेत्र के चंदौली के पास से दबोचा गया जबकि थानगांव इलाके के ही महंतपुरवा मजरा नसीरपुर देवरिया निवासी व मृतक के मामा रामलाल उर्फ लाल पुत्र शंभू, इसी गांव के देशराज पुत्र हुसैनी यादव को भी दबोचा गया। इनके कब्जे से दो तमंचा व कारतूस बरामद किए गए।
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पुलिस के मुताबिक सिपाही लाल पर बाराबंकी व रेउसा में आठ मुकदमे दर्ज हैं जबकि रामलाल पर तीन व देशराज के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज है। रामलाल इनामिया अपराधी है। सीओ बिसवां समर बहादुर सिंह ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 17 जनवरी को सर्वेश की हत्या उसके भाई व रिश्तेदारों ने ही की थी। तीनों को पकड़ कर जेल भेज दिया
पुलिस का दावा है कि सर्वेश हत्याकांड में दबोचे गए तीनों आरोपी उसकी हत्या नहीं करना चाहते थे बल्कि गोली से जख्मी कर अपने विरोधियों को फंसाने की साजिश रची थी लेकिन गोली सटीक लगने से सर्वेश की जान चली गई। इसके बाद ये लोग रंजिशन दो बेगुनाहों को फंसाना चाहते थे। पुलिस ने गहनता से जांच की तो सारी कलई खुल गई।