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कृषि कानूनों की वापसी तक चलेगा आंदोलन
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सीतापुर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की महापंचायत में गैर जिलों से आए सिक्ख किसानों में आंदोलन को लेकर काफी उत्साह दिखा। इनका कहना है कि जब तक तीन कृषि कानून वापस नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताया। फसलों का उचित मूल्य न मिलने पर नाराजगी जताई।
किसान महापंचायत में शिरकत करने आए जनपद गाजीपुर के किसान नेता अर्जुन सिंह ने बताया कि आंदोलन में वे निरंतर राकेश टिकैत का सहयोग कर रहे हैं। तीनों काले कानून किसी भी कीमत पर किसानों को स्वीकार नहीं हैं। शाहजहांपुर के किसान सुखविंदर सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार किसान विरोधी है। किसानों के विरोध में कानून बनाया है।
इससे अन्नदाता का भला नहीं होने वाला। बहराइच जिले में किसानों को एकजुट करने वाले नरेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों को फसलों की लागत नहीं मिल रही है। क्रय केन्द्रों पर उनकी उपज तौलवाने के लिए कई दिनों तक जूझना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) जनपद लखीमपुर खीरी के जिलाध्यक्ष अमनदीप सिंह संधू भी आंदोलन में पहुंचे।
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उन्होंने कहा कि किसानों का कई प्रकार से उत्पीड़न हो रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार उनकी समस्याओं के लिए गंभीर नहीं है। मजदूरों को रोजी-रोटी के लिए भटकना पड़ रहा है। इसीलिए यह आंदोलन चलाया जा रहा है। इसे मुकाम हासिल होने तक समर्थन करेंगे।
लखीमपुर जिले के बैरिया से आए गुरजंट सिंह एवं गुरपेज सिंह ने बताया कि कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। इससे किसानों को नुकसान है। फसलों को उचित मूल्य दिलाया जाए, जिससे किसान भी जीवनयापन कर सके। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। इससे उनमें नाराजगी है।
उपज का नहीं मिल रहा सही मूल्य
जिले के लिल्सी गौरा निवासी सरदार सुखदेव सिंह, परसेंडी के सतनाम सिंह आदि किसानों ने बताया कि सरकार किसानों के हित में काम नहीं कर रही है। कृषि उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। एमएसपी पर खरीद होनी चाहिए। लखीमपुर जिले के पछतौर से महापंचायत में भाग लेने आए सरदार जीत सिंह का कहना है कि सरकारी तंत्र की मनमानी कार्यशैली से किसान परेशान हैं।
वह बिचौलियों को अपने खून पसीने की कमाई कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। तीन कृषि कानूनों की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा। मैगलगंज निवासी लखविंदर सिंह ने बताया कि वे आंदोलन को सफल बनाने के लिए आए हैं। प्रदेश के अन्य स्थानों पर उनकी महापंचायत को सफल बनाएंगे। रमना फार्म लहरपुर के किसान दलजीत सिंह एवं हरप्रीत सिंह ने बताया कि किसान आंदोलन से दस माह से जुड़े है। किसानों की बेहतरी के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है।
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किसान महापंचायत में शिरकत करने आए जनपद गाजीपुर के किसान नेता अर्जुन सिंह ने बताया कि आंदोलन में वे निरंतर राकेश टिकैत का सहयोग कर रहे हैं। तीनों काले कानून किसी भी कीमत पर किसानों को स्वीकार नहीं हैं। शाहजहांपुर के किसान सुखविंदर सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार किसान विरोधी है। किसानों के विरोध में कानून बनाया है।
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इससे अन्नदाता का भला नहीं होने वाला। बहराइच जिले में किसानों को एकजुट करने वाले नरेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों को फसलों की लागत नहीं मिल रही है। क्रय केन्द्रों पर उनकी उपज तौलवाने के लिए कई दिनों तक जूझना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) जनपद लखीमपुर खीरी के जिलाध्यक्ष अमनदीप सिंह संधू भी आंदोलन में पहुंचे।
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उन्होंने कहा कि किसानों का कई प्रकार से उत्पीड़न हो रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार उनकी समस्याओं के लिए गंभीर नहीं है। मजदूरों को रोजी-रोटी के लिए भटकना पड़ रहा है। इसीलिए यह आंदोलन चलाया जा रहा है। इसे मुकाम हासिल होने तक समर्थन करेंगे।
लखीमपुर जिले के बैरिया से आए गुरजंट सिंह एवं गुरपेज सिंह ने बताया कि कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। इससे किसानों को नुकसान है। फसलों को उचित मूल्य दिलाया जाए, जिससे किसान भी जीवनयापन कर सके। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। इससे उनमें नाराजगी है।
उपज का नहीं मिल रहा सही मूल्य
जिले के लिल्सी गौरा निवासी सरदार सुखदेव सिंह, परसेंडी के सतनाम सिंह आदि किसानों ने बताया कि सरकार किसानों के हित में काम नहीं कर रही है। कृषि उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। एमएसपी पर खरीद होनी चाहिए। लखीमपुर जिले के पछतौर से महापंचायत में भाग लेने आए सरदार जीत सिंह का कहना है कि सरकारी तंत्र की मनमानी कार्यशैली से किसान परेशान हैं।
वह बिचौलियों को अपने खून पसीने की कमाई कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। तीन कृषि कानूनों की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा। मैगलगंज निवासी लखविंदर सिंह ने बताया कि वे आंदोलन को सफल बनाने के लिए आए हैं। प्रदेश के अन्य स्थानों पर उनकी महापंचायत को सफल बनाएंगे। रमना फार्म लहरपुर के किसान दलजीत सिंह एवं हरप्रीत सिंह ने बताया कि किसान आंदोलन से दस माह से जुड़े है। किसानों की बेहतरी के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है।