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Sitapur News: लापरवाही पर रोका मिश्रिख ईओ व लिपिक का वेतन
Thu, 04 Dec 2025 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 04 Dec 2025 11:50 PM IST
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सीतापुर। वीएचएसएनडी सत्र में उपकरण उपलब्ध न कराने व कार्यों में लापरवाही बरतने पर डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मिश्रिख के अधिशासी अधिकारी और लिपिक का वेतन रोकने के निर्देश देते हुए सभी ईओ को पालिका के 20 बड़े बकायेदारों से वसूली सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। वह बुधवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सभी नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के विकास कार्यों से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने निकाय के तहत सभी योजनाओं व 15 वां वित्त आयोग टाइड ग्रांट व अनटाइड ग्रांट की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के चौराहों का चौड़ीकरण कर उन्हें कब्जामुक्त कराया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी स्ट्रीट वेंडरों के साथ बैठक कर उनको सड़क से 150 मीटर दूरी पर दुकानें स्थापित करने का कार्य सुनिश्चित कराए। डीएम ने कहा कि ई-रिक्शा संचालकों का पंजीकरण कर रूट चार्ट निर्धारित कर उन्हें आईडी कार्ड भी जारी किए जाए। ई-रिक्शा के बेतरतीब संचालन के कारण विभिन्न रूटों पर लगने वाली जाम की परेशानी से छुटकारा दिलवाने के लिए रूट चार्ट का निर्धारण कर उनका संचालन कलर कोड के साथ कराया जाए। यदि कोई नाबालिग ई-रिक्शा चलाता मिले तो उसके वाहन स्वामी पर कार्रवाई की जाए। जिन निकायों में डिवाइडर का निर्माण प्रस्तावित है, उसे बनाने के साथ ही वाहनों की पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए।
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उन्होंने निकाय के तहत सभी योजनाओं व 15 वां वित्त आयोग टाइड ग्रांट व अनटाइड ग्रांट की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के चौराहों का चौड़ीकरण कर उन्हें कब्जामुक्त कराया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी स्ट्रीट वेंडरों के साथ बैठक कर उनको सड़क से 150 मीटर दूरी पर दुकानें स्थापित करने का कार्य सुनिश्चित कराए। डीएम ने कहा कि ई-रिक्शा संचालकों का पंजीकरण कर रूट चार्ट निर्धारित कर उन्हें आईडी कार्ड भी जारी किए जाए। ई-रिक्शा के बेतरतीब संचालन के कारण विभिन्न रूटों पर लगने वाली जाम की परेशानी से छुटकारा दिलवाने के लिए रूट चार्ट का निर्धारण कर उनका संचालन कलर कोड के साथ कराया जाए। यदि कोई नाबालिग ई-रिक्शा चलाता मिले तो उसके वाहन स्वामी पर कार्रवाई की जाए। जिन निकायों में डिवाइडर का निर्माण प्रस्तावित है, उसे बनाने के साथ ही वाहनों की पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए।
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