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माइनर कटी
अमर उजाला ब्यूरो/ सीतापुर
Updated Sun, 02 Aug 2015 11:16 PM IST
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लहरपुर तेंदवा माइनर कटने से क्षेत्र की करीब 500 बीघा खेत जलमग्न हो गए। जबकि माइनर के करीब वाले खेतों में लगी करीब 120 बीघा धान की फसल पानी में डूब जाने से पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।
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सूचना के दो दिन बाद भी नहर विभाग के अफसरों ने पटरी दुरुस्त नहीं कराई है, जिससे नहर के पानी ने पांच गांवों के सैकड़ों खेतों को चपेट में ले लिया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
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तहसील क्षेत्र में बरगदहा पुल के निकट मुजीब के खेत के सामने शुक्रवार शाम तेंदवा माइनर अचानक कट गई। करीब दस फीट तक मिट्टी बह गई और पानी की तेज धार खेतों की ओर बहने लगी।
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देखते ही देखते आसपास के तमाम खेत जलमग्न हो गए। खेतों में पानी भरता देख फसल बर्बाद होने के डर से किसानों में हड़कंप मच गया। किसानों ने तत्काल इसकी सूचना नहर विभाग के क्षेत्रीय जेई अनूप राजवंशी को दी, लेकिन वह नहीं पहुंचे।
शनिवार देर शाम तक प्रभावित किसान अधिकारियों का इंतजार करते रह गए पर कोई नहीं आया। इसके बाद रविवार को किसानों ने अपने स्तर से पानी का बहाव रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नाकाम रहे।
माइनर के पानी से मूड़ीखेरा, बरगदहा, कपूरा, दर्जिनपुरवा व ऊंटखेर सरैंया इत्यादि गांवों के लगभग 500 बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। इनमें से माइनर के पास वाले करीब 120 बीघा खेतों में इस समय धान की फसल लगी हुई है।
पानी भरने से फसल पूरी तरह डूब गई है। किसानों के अनुसार जल्द ही पानी का बहाव न रोका गया तो फसल बर्बादी का दायरा बढ़ जाएगा।