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Sitapur News: कटिया और नेरी में स्थापित होंगे मिनी एक्सीलेंस सेंटर

Thu, 08 Jun 2023 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Thu, 08 Jun 2023 11:55 PM IST
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Mini Excellence Center will be established in Katia and Neri
सीतापुर। कन्नौज के उमर्दा में स्थित इंडो इजरायल प्रोजेक्ट के तहत स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजीटेबिल्स की तर्ज पर सीतापुर जनपद में भी दो केंद्रों की स्थापना की जाएगी। बिसवां विकास खंड के कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय और पिसावां विकास खंड के राजकीय औद्यानिक प्रमेय नेरी में हाईटेक नर्सरी/हाईटेक वेजीटेबिल सीडलिंग इकाई की स्थापना होगी।
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वर्ष 2014 में इंडो इंडो इजरायल प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत कन्नौज के उमर्दा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजीटेबल जबकि बस्ती में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्रूट्स की स्थापना हुई थी। वर्ष 2018 में उक्त दोनों परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।
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इन परियोजनाओं के सफल होने के बाद कृषि, उद्योग और ग्राम्य विकास विभाग ने संयुक्त रूप से इसी तरह की परियोजनाओं की स्थापना पूरे उत्तर प्रदेश में करने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में सीतापुर जनपद में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोले जाने का निर्णय हुआ है।
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प्रत्येक सेंटर पर एक करोड़ 86 लाख 23 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। नेरी में 0.615 हेक्टेयर क्षेत्रफल में और कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय में 7.13 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक सेंटर में 560 वर्ग मीटर की हाईटेक नर्सरी होगी, जबकि 500 वर्ग मीटर का ताप नियंत्रण कक्ष (हार्डनिंग) चैंबर भी बनाना होगा, ताकि पौध खराब न हो।

उन्नत पौध के लिए नहीं होगा भटकना
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खुल जाने पर प्रगतिशील ही नहीं सामान्य किसानों को भी उन्नत किस्म के बीज और पौध के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। फिलहाल जो तैयारी है उसके हिसाब से कोई भी किसान एक रुपया और अपना बीज देकर पौध तैयार करा सकेगा, लेकिन अगर बीज दिए बिना पौध की जरूरत होगी तो इसके लिए दो रुपये खर्च करने होंगे।


जनपद में पिसावां और बिसवां विकास खंड में एक मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। पूरी परियोजना की जिम्मेदारी उद्यान विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय के अधिकारियों को सौंपी गई है। मनरेगा से भी यथासंभव सहयोग दिया जाएगा। नोडल एजेंसी मनरेगा को ही रखा गया है।
सुशील श्रीवास्तव, उपायुक्त मनरेगा
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