{"_id":"5f493aed8ebc3e176874b7ef","slug":"meeting-sitapur-news-lko5373393107","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच मिनट में पास हुआ 40 करोड़ का बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच मिनट में पास हुआ 40 करोड़ का बजट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। न चर्चा, न परिचर्चा। न कोई विरोध और न ही कोई गहमा-गहमी। बस चंद मिनटों में ही जिला पंचायत की बैठक में करोड़ों का बजट पास हो गया। तय वक्त 11 बजे के बजाय 11:40 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव बैठक में पहुंचे। उनसे चंद मिनट पहले ही अपर मुख्य अधिकारी वार्तिका त्रिपाठी पहुंच चुकीं थीं। कोरम पूरा करने भर को करीब 56 जिला पंचायत सदस्य पहले ही मौजूद थे। जिला पंचायत अध्यक्ष के पहुंचते ही अपर मुख्य अधिकारी ने सदन की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष से इजाजत ली और सदस्यों का स्वागत कर सदन शुरू किया।
अपर मुख्य अधिकारी बोलीं, कल की बैठक में सहयोग के लिए सदस्यों का धन्यवाद। 15वें राज्यवित्त आयोग से आप लोगों को विकास कार्यों के लिए 38 करोड़ मिलेंगे, जिसमें 10 फीसदी बढ़ा कर यह धनराशि 40 करोड़ होती है। 40 करोड़ वार्षिक स्वीकृति की जाती है। इस पर मौजूद सदस्यों ने डेस्क थपथपा कर सहमति दी। खास बात यह है कि विभागीय अधिकारी अपनी बात पूरी भी नहीं कर पाई थीं कि सदस्यों ने सहमति दे दी। महज पांच मिनट के भीतर ही 40 करोड़ खर्च करने की योजना पर मुहर लग गई। 12:07 पर शुरू हुआ सदन पांच मिनट में ही खत्म हो गया। इस दौरान कुछ देर में टैक्स को लेकर भी चर्चा हो गईं।
सदन शुरू होने पर बजट पर सहमति तक सदन में पूरी तरह खामोशी छाई रही। एक सदस्य के अलावा किसी सदस्य ने मुंह तक नहीं खोला। बैठक में मौजूद सदस्य सदन की कार्रवाई चलने तक चुप्पी साधे रहे। किसी ने कोई टिप्पणी तक नहीं की। हालांकि, सदस्यों से सवाल उठाने के लिए कहा भी गया था।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्यों ने अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इसके तहत सीवर प्रणाली, सीवेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-सामुदायिक कंपोस्ट पिट का निर्माण व रख-रखाव आदि, पाइप पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने एवं वर्षा जल संचयन के कार्य कराए जाएंगे।
अपर मुख्य अधिकारी वर्तिका त्रिपाठी ने बताया कि 15वें वित्त आयोग योजना के तहत सदन के पटल पर सदस्यों द्वारा दिए गए प्रस्तावों के आधार पर 40 करोड़ की कार्य योजना एवं राज्य वित्त आयोग के तहत 20 करोड़ की कार्य योजना तैयार की गई। इसे सदन द्वारा ध्वनिमत से अनुमोदन किया गया है। सदन ने दोनों कार्य योजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्र किए जाने की अपेक्षा की, जिससे जिले का सर्वांगीण विकास हो सके। अपर मुख्य अधिकारी ने वर्ष 2020-21 की प्रस्तावित कर निर्धारण सूची अनुमोदनार्थ सदन को पढ़कर सुनाई गई। जिसे सर्व सम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।
विज्ञापन
अपर मुख्य अधिकारी बोलीं, कल की बैठक में सहयोग के लिए सदस्यों का धन्यवाद। 15वें राज्यवित्त आयोग से आप लोगों को विकास कार्यों के लिए 38 करोड़ मिलेंगे, जिसमें 10 फीसदी बढ़ा कर यह धनराशि 40 करोड़ होती है। 40 करोड़ वार्षिक स्वीकृति की जाती है। इस पर मौजूद सदस्यों ने डेस्क थपथपा कर सहमति दी। खास बात यह है कि विभागीय अधिकारी अपनी बात पूरी भी नहीं कर पाई थीं कि सदस्यों ने सहमति दे दी। महज पांच मिनट के भीतर ही 40 करोड़ खर्च करने की योजना पर मुहर लग गई। 12:07 पर शुरू हुआ सदन पांच मिनट में ही खत्म हो गया। इस दौरान कुछ देर में टैक्स को लेकर भी चर्चा हो गईं।
विज्ञापन
सदन शुरू होने पर बजट पर सहमति तक सदन में पूरी तरह खामोशी छाई रही। एक सदस्य के अलावा किसी सदस्य ने मुंह तक नहीं खोला। बैठक में मौजूद सदस्य सदन की कार्रवाई चलने तक चुप्पी साधे रहे। किसी ने कोई टिप्पणी तक नहीं की। हालांकि, सदस्यों से सवाल उठाने के लिए कहा भी गया था।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्यों ने अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इसके तहत सीवर प्रणाली, सीवेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-सामुदायिक कंपोस्ट पिट का निर्माण व रख-रखाव आदि, पाइप पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने एवं वर्षा जल संचयन के कार्य कराए जाएंगे।
अपर मुख्य अधिकारी वर्तिका त्रिपाठी ने बताया कि 15वें वित्त आयोग योजना के तहत सदन के पटल पर सदस्यों द्वारा दिए गए प्रस्तावों के आधार पर 40 करोड़ की कार्य योजना एवं राज्य वित्त आयोग के तहत 20 करोड़ की कार्य योजना तैयार की गई। इसे सदन द्वारा ध्वनिमत से अनुमोदन किया गया है। सदन ने दोनों कार्य योजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्र किए जाने की अपेक्षा की, जिससे जिले का सर्वांगीण विकास हो सके। अपर मुख्य अधिकारी ने वर्ष 2020-21 की प्रस्तावित कर निर्धारण सूची अनुमोदनार्थ सदन को पढ़कर सुनाई गई। जिसे सर्व सम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।