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जगदेवा में खसरे का प्रकोप, तीन चपेट में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2016 11:52 PM IST
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महोली के जगदेवा गांव में खसरा तेजी से पांव पसार रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग बेखबर है। महोली के ग्राम जगदेवा निवासी सहदेव की पुत्री अमोदनी देवी (3) को बुखार आने के साथ उसके शरीर पर लाल दाने पड़ गए।
परिवार ने उसे प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया, जहां डॉक्टर ने खसरे का संदेह जताते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां पर डॉक्टरों ने खसरे की पुष्टि करते हुए बच्ची को भर्ती कर लिया। वहीं अमोदनी का भाई शोभित (7) भी खसरे की चपेट में है। गांव के गजराज का पुत्र सुमित (18 माह) भी खसरे की चपेट में आ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव में कई अन्य बच्चे भी बीमार हैं, उन्हें भी खसरा है। क्षेत्र का स्वास्थ्य महकमा ध्यान नहीं दे रहा है। जिसकी वजह से लोगों को प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। इधर, मिश्रिख थाना क्षेत्र के ग्राम दिगदिगानी निवासी जलीस की पुत्री सेबो (18 माह) भी खसरा की चपेट में है।
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परिवार ने उसे प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया, जहां डॉक्टर ने खसरे का संदेह जताते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां पर डॉक्टरों ने खसरे की पुष्टि करते हुए बच्ची को भर्ती कर लिया। वहीं अमोदनी का भाई शोभित (7) भी खसरे की चपेट में है। गांव के गजराज का पुत्र सुमित (18 माह) भी खसरे की चपेट में आ गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव में कई अन्य बच्चे भी बीमार हैं, उन्हें भी खसरा है। क्षेत्र का स्वास्थ्य महकमा ध्यान नहीं दे रहा है। जिसकी वजह से लोगों को प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। इधर, मिश्रिख थाना क्षेत्र के ग्राम दिगदिगानी निवासी जलीस की पुत्री सेबो (18 माह) भी खसरा की चपेट में है।
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