{"_id":"5d9b7c6d8ebc3e012f28175a","slug":"mdm-sitapur-news-lko4857180157","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमडीएम की सब्जी में रसा ज्यादा, आलू कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमडीएम की सब्जी में रसा ज्यादा, आलू कम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। एक ग्राम पंचायत के स्कूलों में बन रहे एमडीएम की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत पर विभाग के दो अफसरों ने जांच की। इसमें शिकायत सही पाई गई। सब्जी में रसा अधिक और आलू कम मिला। कुछ अन्य खामियां भी पाई गईं। प्रधान को दोषी पाए जाने पर बीएसए ने डीपीआरओ को कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है।
प्रकरण विकास खंड बिसवां की ग्राम पंचायत मोचकलां का है। यहां के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल में 30 सितम्बर को आलू की सब्जी व रोटी बनी थी।
इसकी गुणवत्ता खराब होने की शिकायत पर जिला समन्वयक एमडीएम बृज मोहन सिंह एवं खंड शिक्षा अधिकारी बिसवां जितेन्द्र बहादुर चौधरी ने तीन अक्टूबर को दोनों स्कूल जाकर मामले की जांच की।
प्रधानाध्यापकों के एवं बच्चों के बयान लिए। प्रधान ने व्यक्तिगत कारणों एमडीएम बनवाने मेें असमर्थता जताई। इसकी जानकारी दोनों प्रधानाध्यापकों ने भी दी।
निष्कर्ष स्वरूप जांच में पाया गया कि प्रधान पूनम देवी ने मानक अनुसार एमडीएम नहीं बनवाया था। बच्चों ने भी बताया कि सब्जी में मात्र दो से तीन टुकड़े आलू के मिलते हैं, बाकी रसा था।
विज्ञापन
इसलिए प्रधान गुणवत्तायुक्त मध्यान्ह भोजन न बनवाए जाने के लिए दोषी प्रतीत होते हैं। उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाई की संस्तुति की जाती है।
बीएसए अजय कुमार ने डीपीआरओ को जांच रिपोर्ट भेजते हुए प्रधान के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने एवं की गई कार्रवाई की प्रति उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा है।
विज्ञापन
प्रकरण विकास खंड बिसवां की ग्राम पंचायत मोचकलां का है। यहां के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल में 30 सितम्बर को आलू की सब्जी व रोटी बनी थी।
इसकी गुणवत्ता खराब होने की शिकायत पर जिला समन्वयक एमडीएम बृज मोहन सिंह एवं खंड शिक्षा अधिकारी बिसवां जितेन्द्र बहादुर चौधरी ने तीन अक्टूबर को दोनों स्कूल जाकर मामले की जांच की।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापकों के एवं बच्चों के बयान लिए। प्रधान ने व्यक्तिगत कारणों एमडीएम बनवाने मेें असमर्थता जताई। इसकी जानकारी दोनों प्रधानाध्यापकों ने भी दी।
निष्कर्ष स्वरूप जांच में पाया गया कि प्रधान पूनम देवी ने मानक अनुसार एमडीएम नहीं बनवाया था। बच्चों ने भी बताया कि सब्जी में मात्र दो से तीन टुकड़े आलू के मिलते हैं, बाकी रसा था।
विज्ञापन
इसलिए प्रधान गुणवत्तायुक्त मध्यान्ह भोजन न बनवाए जाने के लिए दोषी प्रतीत होते हैं। उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाई की संस्तुति की जाती है।
बीएसए अजय कुमार ने डीपीआरओ को जांच रिपोर्ट भेजते हुए प्रधान के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने एवं की गई कार्रवाई की प्रति उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा है।