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Sitapur News: सिपाही के बहनोई का बना दिया फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र
Thu, 07 Nov 2024 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 07 Nov 2024 11:33 PM IST
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सीतापुर। संदना थाने में तैनात एक सिपाही के बहनोई का जनसुविधा केंद्र संचालक ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा दिया। दो सौ रुपये लेकर बनाया गया यह प्रमाणपत्र सत्यापन के दौरान फर्जी पाया गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
आगरा के थाना इरादतनगर के गांव मुबारकपुर निवासी पंकज कुमार थाने में सिपाही पद पर तैनात है। सिपाही ने मथुरा के थाना मगौरी गांव धनीपुरा निवासी अपने बहनोई राजेश कुमार का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कस्बे के राज कंप्यूटर सहज जनसेवा केंद्र संचालक अखिलेश से संपर्क किया था। इसके लिए बहनोई का आधार कार्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का प्रपत्र जनसेवा केंद्र संचालक को उपलब्ध करा दिया। 20 मई 2024 को अखिलेश ने मृत्यु प्रमाण पत्र सिपाही के दर्ज फोन नंबर पर भेज दिया। इसके एवज में संचालक को दो सौ रुपये भी भेज दिए गए।
सिपाही ने यह मृत्यु प्रमाणपत्र अपनी बहन नीतू को भेज दिया। पत्नी द्वारा प्रमाण पत्र का सत्यापन कराने पर इससे संबंधित कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं मिला। जब सिपाही ने जनसेवा केंद्र संचालक अखिलेश से पूछताछ की तो वह टालमटोल कर बचने लगा।
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जनसेवा केंद्र से नहीं बन सकता मृत्यु प्रमाणपत्र
पीड़ित की बहन ने समझदारी दिखाते हुए तैयार मृत्यु प्रमाण पत्र का सत्यापन करा लिया। इससे संचालक का फर्जीवाड़ा पकड़ मेंं आ गया। जिम्मेदारों की माने तो एक जनसेवा केंद्र संचालक को मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का कोई अधिकार ही नहीं है। इसके लिए मृतक के परिजनों को सिर्फ नगर पालिका या ब्लॉक स्तर पर ही संपर्क करना चाहिए।
जिस जिले में किसी की मौत होती है, उसका मृत्यु प्रमाणपत्र उसी जिले में ही बनता है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के दायरे में आने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय की जाएगी। पंकज सक्सेना, एसडीएम मिश्रिख
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आगरा के थाना इरादतनगर के गांव मुबारकपुर निवासी पंकज कुमार थाने में सिपाही पद पर तैनात है। सिपाही ने मथुरा के थाना मगौरी गांव धनीपुरा निवासी अपने बहनोई राजेश कुमार का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कस्बे के राज कंप्यूटर सहज जनसेवा केंद्र संचालक अखिलेश से संपर्क किया था। इसके लिए बहनोई का आधार कार्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का प्रपत्र जनसेवा केंद्र संचालक को उपलब्ध करा दिया। 20 मई 2024 को अखिलेश ने मृत्यु प्रमाण पत्र सिपाही के दर्ज फोन नंबर पर भेज दिया। इसके एवज में संचालक को दो सौ रुपये भी भेज दिए गए।
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सिपाही ने यह मृत्यु प्रमाणपत्र अपनी बहन नीतू को भेज दिया। पत्नी द्वारा प्रमाण पत्र का सत्यापन कराने पर इससे संबंधित कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं मिला। जब सिपाही ने जनसेवा केंद्र संचालक अखिलेश से पूछताछ की तो वह टालमटोल कर बचने लगा।
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जनसेवा केंद्र से नहीं बन सकता मृत्यु प्रमाणपत्र
पीड़ित की बहन ने समझदारी दिखाते हुए तैयार मृत्यु प्रमाण पत्र का सत्यापन करा लिया। इससे संचालक का फर्जीवाड़ा पकड़ मेंं आ गया। जिम्मेदारों की माने तो एक जनसेवा केंद्र संचालक को मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का कोई अधिकार ही नहीं है। इसके लिए मृतक के परिजनों को सिर्फ नगर पालिका या ब्लॉक स्तर पर ही संपर्क करना चाहिए।
जिस जिले में किसी की मौत होती है, उसका मृत्यु प्रमाणपत्र उसी जिले में ही बनता है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के दायरे में आने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय की जाएगी। पंकज सक्सेना, एसडीएम मिश्रिख