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Sitapur News: गोआश्रय स्थलों में एलएसडी टीकाकरण तेज
Mon, 14 Sep 2026 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:55 AM IST
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बिसवां के शिवथाना गोआश्रय स्थल का निरीक्षण करते सीवीओ। -संवाद
सीतापुर। गोआश्रय स्थलों में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) से बचाव के लिए पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराया जा रहा है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह चंदेल ने रविवार को विकासखंड बिसवां के शिवथाना गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंशों के स्वास्थ्य, टीकाकरण की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता और चारा-पानी की व्यवस्था देखी। संबंधित अधिकारियों और गांव के प्रशासक को शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित स्वास्थ्य निगरानी पर जोर भी दिया।
पशुपालन विभाग के अनुसार एलएसडी गोवंश में होने वाला विषाणुजनित संक्रामक रोग है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और रक्त चूसने वाले अन्य कीटों से फैलता है। बीमारी में पशुओं के शरीर पर गांठें, त्वचा पर घाव, बुखार, कमजोरी, भूख में कमी और दूध उत्पादन में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह रोग मनुष्यों में नहीं फैलता।
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समय से टीकाकरण कराने की अपील
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालकों से पशुओं का समय से टीकाकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को सूचना दें। आश्रय स्थलों में स्वच्छता और कीट नियंत्रण का विशेष ध्यान रखा जाए।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह चंदेल ने रविवार को विकासखंड बिसवां के शिवथाना गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंशों के स्वास्थ्य, टीकाकरण की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता और चारा-पानी की व्यवस्था देखी। संबंधित अधिकारियों और गांव के प्रशासक को शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित स्वास्थ्य निगरानी पर जोर भी दिया।
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पशुपालन विभाग के अनुसार एलएसडी गोवंश में होने वाला विषाणुजनित संक्रामक रोग है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और रक्त चूसने वाले अन्य कीटों से फैलता है। बीमारी में पशुओं के शरीर पर गांठें, त्वचा पर घाव, बुखार, कमजोरी, भूख में कमी और दूध उत्पादन में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह रोग मनुष्यों में नहीं फैलता।
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समय से टीकाकरण कराने की अपील
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालकों से पशुओं का समय से टीकाकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को सूचना दें। आश्रय स्थलों में स्वच्छता और कीट नियंत्रण का विशेष ध्यान रखा जाए।