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एक महिला सहित तीन हत्यारों को उम्रकैद
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सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार दुबे ने हत्या के मामले में एक महिला सहित तीन हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन अभियुक्तों पर 23-23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश कुमार यादव द्वारा की गई।
मालूम हो, कि बिसवां थानाक्षेत्र के ग्राम कटेसर कम्हरिया निवासी श्रीराम को 16 फरवरी 2008 की दोपहर ग्राम मनिकौड़ा थाना सकरन निवासी पुतान व सिद्दीक बुला ले गए थे। बाद में जानकारी हुई कि श्रीराम को कुछ लोगों द्वारा मारपीट कर बंधक बना लिया गया है। इसके बाद श्रीराम का शव बरामद किया गया।
जिसके बाद मृतक श्रीराम की पत्नी कुंता देवी ने एक केस थाना बिसवां में दर्ज कराया। जिस पर विवेचना करते हुए पुलिस ने पुतान, कुसमा व रामगुलाम को घटना का दोषी पाते हुए उनके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आए साक्ष्य के बाद सिद्दीक भी बतौर आरोपी तलब किए गए।
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न्यायालय में आए साक्ष्य तथा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत प्रपत्रों का परिसीलन करने के बाद न्यायाधीश ने रामगुलाम को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। जबकि शेष तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
हत्यारों पर लगाए गए 23 हजार रुपये के जुर्माने को लेकर न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि जुर्माना जमा न करने पर तीनों को साढ़े तीन-तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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मालूम हो, कि बिसवां थानाक्षेत्र के ग्राम कटेसर कम्हरिया निवासी श्रीराम को 16 फरवरी 2008 की दोपहर ग्राम मनिकौड़ा थाना सकरन निवासी पुतान व सिद्दीक बुला ले गए थे। बाद में जानकारी हुई कि श्रीराम को कुछ लोगों द्वारा मारपीट कर बंधक बना लिया गया है। इसके बाद श्रीराम का शव बरामद किया गया।
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जिसके बाद मृतक श्रीराम की पत्नी कुंता देवी ने एक केस थाना बिसवां में दर्ज कराया। जिस पर विवेचना करते हुए पुलिस ने पुतान, कुसमा व रामगुलाम को घटना का दोषी पाते हुए उनके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आए साक्ष्य के बाद सिद्दीक भी बतौर आरोपी तलब किए गए।
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न्यायालय में आए साक्ष्य तथा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत प्रपत्रों का परिसीलन करने के बाद न्यायाधीश ने रामगुलाम को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। जबकि शेष तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
हत्यारों पर लगाए गए 23 हजार रुपये के जुर्माने को लेकर न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि जुर्माना जमा न करने पर तीनों को साढ़े तीन-तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।