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Sitapur News: जेल में बंद पति के लिए उपजी सहानुभूति से रोशन हो गई लालटेन
Tue, 16 May 2023 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 16 May 2023 12:28 AM IST
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सीतापुर। जनपद की तंबौर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के परिणाम ने जिले भर को चौकाया है। यहां राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी तैबुन्निशां ने भाजपा प्रत्याशी निवर्तमान अध्यक्ष के पति झब्बन बेग को 2800 से अधिक वोटों से हराया है। खास बात यह है कि तैबुन्निशा के पति नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष इश्तियाक खां बीते तीन अप्रैल से जेल में हैं। उनके जेल में होने से उपजी सहानुभूति के चलते सांसद राजेश वर्मा की गृह नगर पंचायत में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी।
बीती दो अप्रैल की रात तंबौर नगर पंचायत के दो पूर्व अध्यक्षों के बीच विवाद हो गया था। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के 18 लोगों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस की तहरीर पर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष इश्तियाक खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी और आनन-फानन ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तब इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा था। कुल मिलाकर अध्यक्ष पद के परिणाम ने यह साबित कर दिया कि इश्तियाक खां के खिलाफ हुई कार्रवाई के कारण अधिकांश मतदाता भावनात्मक रूप से उनके साथ जुड़ गए। यही वजह रही कि वे जेल में थे और उनकी पत्नी तैबुन्निशा भाजपा प्रत्याशी को 2808 वोट से हराकर जीतने में कामयाब रहीं। यहां भाजपा प्रत्याशी रहे झब्बन बेग को सांसद राजेश वर्मा का करीबी माना जाता है। भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि झब्बन बेग को भाजपा का टिकट भी सांसद की सहमति और सिफारिश से दिया गया था लेकिन परिणाम सकारात्मक नहीं रहे।
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बीती दो अप्रैल की रात तंबौर नगर पंचायत के दो पूर्व अध्यक्षों के बीच विवाद हो गया था। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के 18 लोगों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस की तहरीर पर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष इश्तियाक खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी और आनन-फानन ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तब इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा था। कुल मिलाकर अध्यक्ष पद के परिणाम ने यह साबित कर दिया कि इश्तियाक खां के खिलाफ हुई कार्रवाई के कारण अधिकांश मतदाता भावनात्मक रूप से उनके साथ जुड़ गए। यही वजह रही कि वे जेल में थे और उनकी पत्नी तैबुन्निशा भाजपा प्रत्याशी को 2808 वोट से हराकर जीतने में कामयाब रहीं। यहां भाजपा प्रत्याशी रहे झब्बन बेग को सांसद राजेश वर्मा का करीबी माना जाता है। भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि झब्बन बेग को भाजपा का टिकट भी सांसद की सहमति और सिफारिश से दिया गया था लेकिन परिणाम सकारात्मक नहीं रहे।
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