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Sitapur News: आधार से लिंक होगी जमीन, किसानों का बनेगा गोल्डन कार्ड
Wed, 20 Nov 2024 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 20 Nov 2024 12:25 AM IST
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सीतापुर। जिले के किसानों की जमीन उनके आधार कार्ड से लिंक करने की तैयारी है। इसके माध्यम से उनका एक गोल्डन कार्ड बना दिया जाएगा, जिससे उन्हें बार-बार खतौनी की प्रमाणित प्रति की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। शासन की हरी झंडी मिलते ही जिलेभर में गांव-गांव कैंप लगाकर फारमर रजिस्ट्री (जमीनों का संकलित रिकॉर्ड) का काम शुरू होगा। बता दें कि किसानों को सम्मान निधि की 20वीं किस्त भी तभी मिलेगी, जब वह फारमर रजिस्ट्री करा लेंगे। ऐसे में बिना कोई चूक किए संबंधित किसान 31 दिसंबर तक फारमर रजिस्ट्री अवश्य करा लें। इसकी सुविधा जन सुविधा केंद्र पर भी सुलभ है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक परियोजना के तहत सभी गांवों का जियो-रिफरेंस मैप तैयार करने और डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से बोई गई फसलों का ऑनलाइन रिकॉर्ड मेंटेन करने के बाद फारमर रजिस्ट्री कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत किसानों की सभी जमीनों के रिकॉर्ड को आधार से लिंक कर दिया जाएगा। इसके बाद किसानों का एक गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा। इससे किसानों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से लाभान्वित करना अत्यंत सरल व सुलभ हो जाएगा। उन्हें बार-बार तहसील जाकर खतौनी की प्रमाणित प्रति लेने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी।
जमीनों की हेरफेर रुकेगी
गोल्डन कार्ड की सहायता से किसानों का विवरण कभी भी व कहीं भी प्रमाणित किया जा सकेगा। फारमर रजिस्ट्री से जमीनों की हेरफेर और जालसाजी संबंधी मामलों पर लगभग विराम लग जाएगा।
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विभाग के एप पर खुद कर सकते हैं फारमर रजिस्ट्री
फारमर रजिस्ट्री का कार्य शासन ने शुरू कर दिया है। किसान फारमर रजिस्ट्री यूपी एप के माध्यम से स्वयं या अपने नजदीकी जनसुविधा केंद्र पर निर्धारित शुल्क देकर फारमर रजिस्ट्री करा सकते हैं।
-डाॅ. एसके सिंह, उप कृषि निदेशक
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31 दिसंबर तक गांव वार लगेंगे कैंप
जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का लाभ फारमर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों को ही दिया जाएगा। नियत समय में फारमर रजिस्ट्री कार्य पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत विभिन्न तिथियों में एक लेखपाल व कृषि, पंचायत, ग्राम्य विकास विभाग आदि के कर्मचारी की दो सदस्यीय टीम गांव वार कैंप लगाकर फारमर रजिस्ट्री का काम करेगी। किसानों से अपील है कि गांव में लगने वाले कैंप में अपने आधार कार्ड, आधार से लिंक्ड मोबाइल व खतौनी की छाया प्रति के साथ उपस्थित होकर फारमर रजिस्ट्री में अपना नाम निशुल्क दर्ज करा लें।
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक परियोजना के तहत सभी गांवों का जियो-रिफरेंस मैप तैयार करने और डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से बोई गई फसलों का ऑनलाइन रिकॉर्ड मेंटेन करने के बाद फारमर रजिस्ट्री कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत किसानों की सभी जमीनों के रिकॉर्ड को आधार से लिंक कर दिया जाएगा। इसके बाद किसानों का एक गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा। इससे किसानों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से लाभान्वित करना अत्यंत सरल व सुलभ हो जाएगा। उन्हें बार-बार तहसील जाकर खतौनी की प्रमाणित प्रति लेने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी।
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जमीनों की हेरफेर रुकेगी
गोल्डन कार्ड की सहायता से किसानों का विवरण कभी भी व कहीं भी प्रमाणित किया जा सकेगा। फारमर रजिस्ट्री से जमीनों की हेरफेर और जालसाजी संबंधी मामलों पर लगभग विराम लग जाएगा।
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विभाग के एप पर खुद कर सकते हैं फारमर रजिस्ट्री
फारमर रजिस्ट्री का कार्य शासन ने शुरू कर दिया है। किसान फारमर रजिस्ट्री यूपी एप के माध्यम से स्वयं या अपने नजदीकी जनसुविधा केंद्र पर निर्धारित शुल्क देकर फारमर रजिस्ट्री करा सकते हैं।
-डाॅ. एसके सिंह, उप कृषि निदेशक
31 दिसंबर तक गांव वार लगेंगे कैंप
जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का लाभ फारमर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों को ही दिया जाएगा। नियत समय में फारमर रजिस्ट्री कार्य पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत विभिन्न तिथियों में एक लेखपाल व कृषि, पंचायत, ग्राम्य विकास विभाग आदि के कर्मचारी की दो सदस्यीय टीम गांव वार कैंप लगाकर फारमर रजिस्ट्री का काम करेगी। किसानों से अपील है कि गांव में लगने वाले कैंप में अपने आधार कार्ड, आधार से लिंक्ड मोबाइल व खतौनी की छाया प्रति के साथ उपस्थित होकर फारमर रजिस्ट्री में अपना नाम निशुल्क दर्ज करा लें।