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राष्ट्रीय किसान मंच के पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
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सीतापुर। राष्ट्रीय किसान मंच के कई पदाधिकारियों ने मंगलवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। पदाधिकारियों का कहना है कि किसानों के हितों की अनदेखी करते हुए सरकार ने जो बिल पास किया हैं। उससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। बावजूद इसके राष्ट्रीय किसान मंच चुप्पी साधे हुए है।
मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि वे किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए राष्ट्रीय किसान मंच में आए थे, लेकिन यहां पर किसानों के हितों को ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। इस्तीफा देने वालों में राष्ट्रीय किसान मंच के जिला उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार यादव, मिश्रिख तहसील अध्यक्ष रामचंद्र राठौर, सीतापुर तहसील अध्यक्ष रजनीश बाजपेयी, सीतापुर तहसील की उपाध्यक्ष गुड्डी सिंह, जिला महासचिव बिट्टो मौर्य शामिल हैं। इन सभी पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे प्रदेश अध्यक्ष को भेजे हैं।
पदाधिकारियों का कहना है कि इधर काफी समय से देखा जा रहा है कि संगठन की गतिविधियां किसान विरोधी हो गई हैं। पदाधिकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। यह संगठन किसान विरोधी अध्यादेश का समर्थन कर रहा है। जिसके विरोध में जिलाध्यक्ष सरदार निर्भर सिंह ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। अब अन्य पदाधिकारी भी संगठन को छोड़ रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि कुछ लोग संगठन को निजी फर्म की तरह चला रहे हैं।
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मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि वे किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए राष्ट्रीय किसान मंच में आए थे, लेकिन यहां पर किसानों के हितों को ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। इस्तीफा देने वालों में राष्ट्रीय किसान मंच के जिला उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार यादव, मिश्रिख तहसील अध्यक्ष रामचंद्र राठौर, सीतापुर तहसील अध्यक्ष रजनीश बाजपेयी, सीतापुर तहसील की उपाध्यक्ष गुड्डी सिंह, जिला महासचिव बिट्टो मौर्य शामिल हैं। इन सभी पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे प्रदेश अध्यक्ष को भेजे हैं।
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पदाधिकारियों का कहना है कि इधर काफी समय से देखा जा रहा है कि संगठन की गतिविधियां किसान विरोधी हो गई हैं। पदाधिकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। यह संगठन किसान विरोधी अध्यादेश का समर्थन कर रहा है। जिसके विरोध में जिलाध्यक्ष सरदार निर्भर सिंह ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। अब अन्य पदाधिकारी भी संगठन को छोड़ रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि कुछ लोग संगठन को निजी फर्म की तरह चला रहे हैं।
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