फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Kerosene will be used to fight the gas shortage

Sitapur News: गैस किल्लत से जंग में केरोसीन का लेंगे सहारा

Tue, 17 Mar 2026 12:11 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:11 AM IST
विज्ञापन
Kerosene will be used to fight the gas shortage
लहरपुर में गैस सिलिंडर लेने के लिए कतार में खड़े उपभोक्ता। - फोटो : लहरपुर में गैस सिलिंडर लेने के लिए कतार में खड़े उपभोक्ता।
सीतापुर। गैस की किल्लत के बीच पूर्ति विभाग लोगों कोे केरोसीन से राहत देने की तैयारी कर रहा है। छह साल बाद विभाग को अपने केरोसीन डीलरों की याद आई है। डीएसओ ने पूर्ति निरीक्षकों से डीलरों की पड़ताल कर उनके इंफ्रास्ट्रक्चर का मुआयना करने के निर्देश दिए हैं। यह देखा जा रहा है कि केरोसीन की खेप जिले में पहुंचने के बाद उसका वितरण किस ढंग से किया जा सकता है।
विज्ञापन

वर्ष 2020 के जनवरी माह में जिले को 6 लाख 72 हजार लीटर केरोसीन का आवंटन किया गया था। तब पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों की संख्या 7 लाख 2 हजार 198 थी। अंत्योदय कार्ड धारकों की संख्या एक लाख 11 हजार 91 थी। इनमें से 35 हजार 402 अंत्योदय कार्ड धारकों के पास विद्युत कनेक्शन और एलपीजी गैस उपलब्ध थी। दो लाख 82 हजार 995 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के पास विद्युत कनेक्शन और गैस उपलब्ध थी। शेष कार्डधारकों को केरोसीन का वितरण किया गया था। इसमें अंत्योदय कार्ड धारकों को तीन और पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों को एक लीटर केरोसीन दिया गया था।
विज्ञापन

शेष बचे तेल का भी वितरण कर दिया गया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार इस बार प्रदेश सरकार ने 75 लाख लीटर केरोसीन बांटने की तैयारी की है। ऐसे में करीब नब्बे हजार से एक लाख लीटर केरोसीन वितरण के लिए पहुंचने की उम्मीद है। जिले में अंत्योदय कार्ड धारकों की संख्या एक लाख 12 हजार है। इस तरह एक लीटर केरोसीन ही मिल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्तमान स्थिति की मांगी रिपोर्ट
शासन से केरोसीन के आवंटन के बाद इसके वितरण की रणनीति बनाई जा रही है। सभी पूर्ति निरीक्षकों से तेल डिपो संचालन की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। जिले में 11 तेल डिपो और एक ब्लॉक वितरक से कोटेदारों को सप्लाई दी जाती थी। अब इनका संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में वितरण को लेकर समस्या आ सकती है। इनमें अधिकतर डिपो का इंफ्रास्ट्रक्चर जंग खा चुका है। वहीं, कुछ डीलरों ने अपने डिपो से मशीनरी हटा दी है।

पीएनजी धारकों को सरेंडर करने हाेंगे सिलिंडर
डीएसओ अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि 14 मार्च को सरकार ने गजट कर पीएनजी कनेक्शन धारकों से एलपीजी सिलिंडर सरेंडर कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पीएनजी कनेक्शन धारकों की सूची तैयार की जा रही है। इनसे एलपीजी सिलिंडर सरेंडर कराए जाएंगे। इन सिलिंडरों को नए सिरे से वितरित किया जाएगा। साथ ही बताया कि उज्ज्वला कनेक्शन धारकों पर भी नजर रखी जा रही है। कालाबाजारी रोकने के लिए कुछ टीमें गोपनीय रूप से काम कर रही हैं।


नए सिरे से बना रहे रणनीति
केरोसीन के आवंटन के पूर्व रणनीति बनाई जा रही है। ब्लॉक वितरक छह वर्ष पूर्व डिपो बंद कर चले गए हैं। इसके वितरण के लिए ठोस रणनीति पर विचार कर रहे हैं। जहां तक गैस किल्लत की बात है। अब एजेंसियों पर भीड़ कम हो रही है। प्रयास है कि सिलिंडर सही ढंग तक जरूरतमंद उपभोक्ता तक पहुंचाना।
- अखिलेश श्रीवास्तव, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed