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Sitapur News: मोर पंख डिजाइन की पोशाक पहनेंगे कान्हा
Mon, 04 Sep 2023 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 04 Sep 2023 11:50 PM IST
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सीतापुर। जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल मोर पंख डिजाइन की पोशाक पहनकर रजवाड़ी झूला झूलेंगे। जन्माष्टमी को लेकर कान्हा के लिए तरह-तरह की पोशाक, झूले व खिलौनों से बाजार सज गए हैं। दुकानों पर कन्हैया को सजाने और झांकी की सामग्री खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ जुट रही है।
जन्माष्टमी को लेकर लोगों में अलग ही उत्साह दिखाई दे रहा है। बाजारों में कन्हैया को सजाने के लिए तरह-तरह के सजावटी सामान उपलब्ध हैं। लड्डू गोपाल के झूलों, सिंहासनों, ज्वेलरी और पोशाकों से बाजार सज गए हैं। महिलाएं सामान की खरीदारी में लगी हैं। बाजार में 100 से 1000 रुपये तक के पालने, 50 से 500 रुपये तक के सिंहासन, 10 से 250 रुपये तक की ज्वेलरी और 50 से 250 रुपये तक के पोशाकों की बिक्री हो रही है।
विक्रेता सचिन ने बताया कि मोर पंख डिजाइन की पोशाक लोग खूब पसंद कर रहे हैं। नग व स्टोन वाली पोशाक भी बिक रही है। इसके अलावा झांकी सजाने की सामग्री, गोवर्धन पर्वत व खिलौनों की खरीदारी ग्राहक कर रहे हैं।
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लुभा रही लड्डू गोपाल की छोटी मटकी
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए छोटी मटकी लोगों को लुभा रही है। गोटे से सजी यह छोटी मटकी 50 रुपये से 100 रुपये तक में उपलब्ध है। इसके अलावा कान्हा को विश्राम कराने के लिए पलंग और मच्छरदानी लगा शयनकक्ष भी डिमांड में है।
बच्चों को कान्हा बनाने के लिए खरीदारी
जन्माष्टमी पर अपने बच्चों को कान्हा बनाने के लिए महिलाएं पोशाक, मुकुट, बांसुरी व मोरपंख की खरीदारी कर रही हैं। बच्चों के लिए 250 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की पोशाक उपलब्ध है।
दो दिन मनाई जाएगी जन्माष्टमी
जन्माष्टमी का पर्व छह व सात सितंबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार छह सितंबर की शाम 7:47 बजे अष्टमी लग जाएगी। उदया तिथि की अष्टमी सात सितंबर को दिन में 3:07 बजे तक रहेगी। गृहस्थ लोग छह सितंबर जबकि वैष्णवजन सात सितंबर को जन्माष्टमी मनाएंगे।
घरों से लेकर मंदिरों तक सजने लगी झांकी
जन्माष्टमी की तैयारियां घरों से लेकर मंदिरों तक में शुरू कर दी गई हैं। कई लोग अपने घर में झांकी सजा रहे हैं। श्रीकृष्ण के मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। शहर में पुलिस लाइन, द्वितीय व ग्यारहवीं तथा 25वीं वाहिनी पीएसी में सजावट शुरू हो गई है। पीएसी के अलावा एपीटीसी में भी जन्माष्टमी पर झांकी सजाकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
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जन्माष्टमी को लेकर लोगों में अलग ही उत्साह दिखाई दे रहा है। बाजारों में कन्हैया को सजाने के लिए तरह-तरह के सजावटी सामान उपलब्ध हैं। लड्डू गोपाल के झूलों, सिंहासनों, ज्वेलरी और पोशाकों से बाजार सज गए हैं। महिलाएं सामान की खरीदारी में लगी हैं। बाजार में 100 से 1000 रुपये तक के पालने, 50 से 500 रुपये तक के सिंहासन, 10 से 250 रुपये तक की ज्वेलरी और 50 से 250 रुपये तक के पोशाकों की बिक्री हो रही है।
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विक्रेता सचिन ने बताया कि मोर पंख डिजाइन की पोशाक लोग खूब पसंद कर रहे हैं। नग व स्टोन वाली पोशाक भी बिक रही है। इसके अलावा झांकी सजाने की सामग्री, गोवर्धन पर्वत व खिलौनों की खरीदारी ग्राहक कर रहे हैं।
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लुभा रही लड्डू गोपाल की छोटी मटकी
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए छोटी मटकी लोगों को लुभा रही है। गोटे से सजी यह छोटी मटकी 50 रुपये से 100 रुपये तक में उपलब्ध है। इसके अलावा कान्हा को विश्राम कराने के लिए पलंग और मच्छरदानी लगा शयनकक्ष भी डिमांड में है।
बच्चों को कान्हा बनाने के लिए खरीदारी
जन्माष्टमी पर अपने बच्चों को कान्हा बनाने के लिए महिलाएं पोशाक, मुकुट, बांसुरी व मोरपंख की खरीदारी कर रही हैं। बच्चों के लिए 250 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की पोशाक उपलब्ध है।
दो दिन मनाई जाएगी जन्माष्टमी
जन्माष्टमी का पर्व छह व सात सितंबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार छह सितंबर की शाम 7:47 बजे अष्टमी लग जाएगी। उदया तिथि की अष्टमी सात सितंबर को दिन में 3:07 बजे तक रहेगी। गृहस्थ लोग छह सितंबर जबकि वैष्णवजन सात सितंबर को जन्माष्टमी मनाएंगे।
घरों से लेकर मंदिरों तक सजने लगी झांकी
जन्माष्टमी की तैयारियां घरों से लेकर मंदिरों तक में शुरू कर दी गई हैं। कई लोग अपने घर में झांकी सजा रहे हैं। श्रीकृष्ण के मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। शहर में पुलिस लाइन, द्वितीय व ग्यारहवीं तथा 25वीं वाहिनी पीएसी में सजावट शुरू हो गई है। पीएसी के अलावा एपीटीसी में भी जन्माष्टमी पर झांकी सजाकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।