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Sitapur News: बिना नोडल अफसर हुई जन चौपाल, दो घंटे देर से आए बीडीओ
Sat, 08 Apr 2023 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 08 Apr 2023 11:25 PM IST
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सीतापुर। डीएम ने हर माह दूसरे और चौथे शनिवार को जिले की 19 ग्राम पंचायतों में जन चौपाल का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत शनिवार को संबंधित ग्राम पंचायतों में जन चौपाल आयोजित करने का दावा किया गया लेकिन इसमें अफसरों की लापरवाही उजागर हुई। कुछ में नोडल अफसर सहित कई विभागों के अफसर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीण उनके समक्ष अपनी समस्या नहीं बता पाए। जन चौपाल की हकीकत पर आधारित एक रिपोर्ट-
केस-1
गोंदलामऊ विकास खंड की ग्राम पंचायत रौसिंगपुर में जन चौपाल का आयोजन किया गया। ब्लाक स्तरीय कई समस्याओं के लिए ग्रामीण 10 बजे ही चौपाल में पहुुंच गए। वह बीडीओ के इंतजार में बैठे थे लेकिन बीडीओ अजीत कुमार यादव लगभग दो घंटे विलंब से पहुंचे। इससे कुछ ग्रामीण वापस चले गए। वह अपनी समस्या नहीं दर्ज करा सके। खंड शिक्षा अधिकारी गोंदलामऊ पुष्प राज, सीडीपीओ अजीत वर्मा, बिजली,नलकूप विभाग के अधिकारी भी चौपाल में नहीं आए। जबकि सबसे अधिक समस्याएं बिजली व्यवस्था की रहीं। ग्रामीण लो वोल्टेज से परेशान है।
केस-2
लहरपुर ब्लॉक के ग्राम बसंतीपुर की जन चौपाल में नोडल अधिकारी जिला गन्ना अधिकारी हमेशा की तरह अनुपस्थित रहे। प्रधान रवीन्द्र वर्मा ने जन चौपाल की अध्यक्षत की। सहायक विकास अधिकारी पंचायत रमेश चंद्र मिश्रा लोगों की शिकायतों को सुनने के बजाय मोबाइल चलाने में व्यस्त रहें। व्यापक प्रचार-प्रसार के अभाव में छह ही ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई। पूर्ति विभाग से किसी ने भी जन चौपाल में भाग लेना उचित नहीं समझा।
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केस-3
मछरेहटा की ग्राम पंचायत डेंगरा में जन चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में सीडीपीओ सीमा शर्मा, आपूर्ति विभाग, कृषि रक्षा इकाई, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, अवर अभियंता लघु सिंचाई, विद्युत विभाग, पशु चिकित्सा अधिकारी, जल निगम आदि विभागों के अधिकारी नदारद रहे। नोडल के रूप में नामित अपर भूमि संरक्षण अधिकारी नरसिंह वर्मा ने बताया कि जो अधिकारी अनुपस्थित हैं। इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डेंगरा निवासी पन्ने लाल, सुरेंद्र, मनीष, जगदीश, अफजल, साबिर आदि ने बताया कि गांव की रोड से पश्चिम की ओर मुश्ताक के खेत तक कई वर्षों से कब्जा है। कई बार तहसील में प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन अभी तक चकमार्ग कब्जा मुक्त नहीं कराया गया।
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केस-1
गोंदलामऊ विकास खंड की ग्राम पंचायत रौसिंगपुर में जन चौपाल का आयोजन किया गया। ब्लाक स्तरीय कई समस्याओं के लिए ग्रामीण 10 बजे ही चौपाल में पहुुंच गए। वह बीडीओ के इंतजार में बैठे थे लेकिन बीडीओ अजीत कुमार यादव लगभग दो घंटे विलंब से पहुंचे। इससे कुछ ग्रामीण वापस चले गए। वह अपनी समस्या नहीं दर्ज करा सके। खंड शिक्षा अधिकारी गोंदलामऊ पुष्प राज, सीडीपीओ अजीत वर्मा, बिजली,नलकूप विभाग के अधिकारी भी चौपाल में नहीं आए। जबकि सबसे अधिक समस्याएं बिजली व्यवस्था की रहीं। ग्रामीण लो वोल्टेज से परेशान है।
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केस-2
लहरपुर ब्लॉक के ग्राम बसंतीपुर की जन चौपाल में नोडल अधिकारी जिला गन्ना अधिकारी हमेशा की तरह अनुपस्थित रहे। प्रधान रवीन्द्र वर्मा ने जन चौपाल की अध्यक्षत की। सहायक विकास अधिकारी पंचायत रमेश चंद्र मिश्रा लोगों की शिकायतों को सुनने के बजाय मोबाइल चलाने में व्यस्त रहें। व्यापक प्रचार-प्रसार के अभाव में छह ही ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई। पूर्ति विभाग से किसी ने भी जन चौपाल में भाग लेना उचित नहीं समझा।
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केस-3
मछरेहटा की ग्राम पंचायत डेंगरा में जन चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में सीडीपीओ सीमा शर्मा, आपूर्ति विभाग, कृषि रक्षा इकाई, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, अवर अभियंता लघु सिंचाई, विद्युत विभाग, पशु चिकित्सा अधिकारी, जल निगम आदि विभागों के अधिकारी नदारद रहे। नोडल के रूप में नामित अपर भूमि संरक्षण अधिकारी नरसिंह वर्मा ने बताया कि जो अधिकारी अनुपस्थित हैं। इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डेंगरा निवासी पन्ने लाल, सुरेंद्र, मनीष, जगदीश, अफजल, साबिर आदि ने बताया कि गांव की रोड से पश्चिम की ओर मुश्ताक के खेत तक कई वर्षों से कब्जा है। कई बार तहसील में प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन अभी तक चकमार्ग कब्जा मुक्त नहीं कराया गया।