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चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर, सिपाही सस्पेंड
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सीतापुर। जिला अस्पताल से मर्च्युरी तक शव ले जाने के लिए एंबुलेंस न मिलने पर बाइक से बालक का शव ले जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। लापरवाही पर एंबुलेंस चालक को कार्यमुक्त कर दिया गया है, जबकि जिला अस्पताल चौकी के इंचार्ज को लाइन हाजिर और एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच एडीएम और एएसपी को सौंपी गई है।
कोतवाली तालगांव इलाके के देवरिया निवासी अंकुर (10) मंगलवार को तालगांव क्षेत्र में कसरैला के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गया था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। अगले दिन बुधवार सुबह शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाना था। मर्च्युरी जिला अस्पताल से सात किमी दूर है। मृतक के पिता ने बेटे के शव को मर्च्युरी तक ले जाने के लिए जिला अस्पताल के जिम्मेदारों से मदद मांगी। उनके सामने गिड़गिड़ाया, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। ड्राइवर शराब के नशे में था।
इसलिए मृतक के पिता बच्चे के शव को बाइक पर ही लेकर जिला अस्पताल से सात किमी. दूर रामकोट इलाके में स्थित प्रतापपुर गांव के पास बने पोस्टमार्टम हाउस तक गए। बाइक से शव लेकर जा रहे बाइक सवार को जिसने भी देखा वह हैरान रह गया। इस तस्वीर ने मानवीय संवेदना को झकझोर दिया।
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बाइक से शव ले जाने का वीडियो किसी ने बना लिया और उसे वायरल कर दिया। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसका असर गुरुवार को देखने को मिला। डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी आरपी सिंह ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया।
एडीएम और एएसपी करेंगे मामले की जांच
डीएम विशाल भारद्वाज ने बताया कि बालक के शव का पंचनामा की कार्रवाई जिला अस्पताल के चौकी इंचार्ज शशांक पांडेय ने की। इसके बाद शव को सिपाही शशिधर मिश्रा के सुपुर्द कर दिया था। शव वाहन पर नियुक्त चालक नितेश डूडा विभाग की ओर से आउटसोर्सिंग के जरिये तैनात था। सिपाही के बुलाने पर शराब के नशे में होने की वजह से उसने मना कर दिया था।
इस मामले में एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष सिंह से मामले की जांच कराई गई। जांच के आधार पर वाहन चालक को सेवामुक्त कर दिया गया है। एसपी आरपी सिंह ने बताया कि जांच में पाया गया कि दरोगा शशांक पांडेय और सिपाही शशिधर मिश्रा ने अपनी जिम्मेेदारी का सही से पालन नहीं किया। प्रथम दृष्टया दोनों दोषी पाए गए हैं। इसलिए दरोगा को लाइन हाजिर कर सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है।
डीएम-एसपी ने बताया कि पूरे मामले की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व और एएसपी नार्थ डॉ. राजीव दीक्षित को सौंपी गई है। अफसरों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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कोतवाली तालगांव इलाके के देवरिया निवासी अंकुर (10) मंगलवार को तालगांव क्षेत्र में कसरैला के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गया था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। अगले दिन बुधवार सुबह शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाना था। मर्च्युरी जिला अस्पताल से सात किमी दूर है। मृतक के पिता ने बेटे के शव को मर्च्युरी तक ले जाने के लिए जिला अस्पताल के जिम्मेदारों से मदद मांगी। उनके सामने गिड़गिड़ाया, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। ड्राइवर शराब के नशे में था।
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इसलिए मृतक के पिता बच्चे के शव को बाइक पर ही लेकर जिला अस्पताल से सात किमी. दूर रामकोट इलाके में स्थित प्रतापपुर गांव के पास बने पोस्टमार्टम हाउस तक गए। बाइक से शव लेकर जा रहे बाइक सवार को जिसने भी देखा वह हैरान रह गया। इस तस्वीर ने मानवीय संवेदना को झकझोर दिया।
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बाइक से शव ले जाने का वीडियो किसी ने बना लिया और उसे वायरल कर दिया। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसका असर गुरुवार को देखने को मिला। डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी आरपी सिंह ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया।
एडीएम और एएसपी करेंगे मामले की जांच
डीएम विशाल भारद्वाज ने बताया कि बालक के शव का पंचनामा की कार्रवाई जिला अस्पताल के चौकी इंचार्ज शशांक पांडेय ने की। इसके बाद शव को सिपाही शशिधर मिश्रा के सुपुर्द कर दिया था। शव वाहन पर नियुक्त चालक नितेश डूडा विभाग की ओर से आउटसोर्सिंग के जरिये तैनात था। सिपाही के बुलाने पर शराब के नशे में होने की वजह से उसने मना कर दिया था।
इस मामले में एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष सिंह से मामले की जांच कराई गई। जांच के आधार पर वाहन चालक को सेवामुक्त कर दिया गया है। एसपी आरपी सिंह ने बताया कि जांच में पाया गया कि दरोगा शशांक पांडेय और सिपाही शशिधर मिश्रा ने अपनी जिम्मेेदारी का सही से पालन नहीं किया। प्रथम दृष्टया दोनों दोषी पाए गए हैं। इसलिए दरोगा को लाइन हाजिर कर सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है।
डीएम-एसपी ने बताया कि पूरे मामले की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व और एएसपी नार्थ डॉ. राजीव दीक्षित को सौंपी गई है। अफसरों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।