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लाडलों की सुरक्षा की अनदेखी, मास्क नदारद
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सीतापुर। कोरोना की दूसरी बेकाबू लहर के बाद अब चिकित्सक तीसरे लहर की आशंका जता रहे हैं। इस लहर में बच्चों के संक्रमित होने की बात कही जा रही है। ऐसे में हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि सभी समय रहते चेत जाए। बुलंद हौसलों के साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन खुद के साथ दूसरों से कराकर इस लहर को आने ही न दें।
लेकिन कुछ लोग इस आशंका के बावजूद सबक नहीं ले रहे है। वह न तो खुद ही मास्क पहन रहे है न ही अपने बच्चों को मास्क पहना रहे है। हाई रिस्क कटेगरी में शामिल बच्चों को सड़कों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बिना मास्क लगा कर ही साथ लेकर टहल रहे हैं।
ऐसा करना उनके खुद के बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट जारी कर बच्चों को घर पर ही रहने की अपील भी बराबर जारी कर रहा है। अमर उजाला टीम ने शनिवार को शहर के कुछ प्रमुख सार्वजनिक स्थानों का रियलटी चेक किया तो लोग इसे लेकर पूरी तरह बेपरवाह नजर आए।
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कोरोना से बचाव के लिए अधिकांश लोग खुद के साथ ही बच्चों को भी बिना मास्क लगाए बाजारों में टहलते दिखे। जिला अस्पताल के पास एक मोटरसाइकिल सवार खुद के साथ ही अपने बच्चें को भी मास्क लगाए बिना लॉकडाउन में सड़क पर फर्राटा भरता मिला। रोडवेज बस स्टॉप पर भी कुछ महिलाएं बच्चों के साथ बिना मास्क के ही सफर को जाने को तैयार मिली।
शहर के कोट चौराहे के पास महिलाएं टहलती हुई मिली। अपनी गोद में एक बच्चे को लिए हुए थे। लेकिन बच्चे के मास्क नहीं लगा हुआ था। दोनो महिलाएं आपस में बाते करते हुए सड़क से गुजर रही थी।
कजियारा चौराहे के पास एक व्यक्ति न तो खुद मास्क लगाए हुए था और न ही अपने साथ मौजूद बच्चे को ही मास्क पहनाएं था। जबकि कोरोना संक्रमण से बचने को लगातार मॉस्क पहनने की हिदायत दी जा रही है।
बच्चों पर दे विशेष ध्यान
कोरोना के मामले आ रहे है। इसलिए मॉस्क व सोशल डिस्टेसिंग बहुत जरूरी है। बच्चे वैसे भी हाई रिस्क कटेगरी में शामिल है। इसलिए बच्चों को बेवजह घर से बाहर न निकलने दें। अगर बहुत जरूरी हो तो उन्हे मॉस्क जरूर पहनाएं।
डॉ. पीके सिंह, एसीएमओ
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लेकिन कुछ लोग इस आशंका के बावजूद सबक नहीं ले रहे है। वह न तो खुद ही मास्क पहन रहे है न ही अपने बच्चों को मास्क पहना रहे है। हाई रिस्क कटेगरी में शामिल बच्चों को सड़कों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बिना मास्क लगा कर ही साथ लेकर टहल रहे हैं।
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ऐसा करना उनके खुद के बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट जारी कर बच्चों को घर पर ही रहने की अपील भी बराबर जारी कर रहा है। अमर उजाला टीम ने शनिवार को शहर के कुछ प्रमुख सार्वजनिक स्थानों का रियलटी चेक किया तो लोग इसे लेकर पूरी तरह बेपरवाह नजर आए।
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कोरोना से बचाव के लिए अधिकांश लोग खुद के साथ ही बच्चों को भी बिना मास्क लगाए बाजारों में टहलते दिखे। जिला अस्पताल के पास एक मोटरसाइकिल सवार खुद के साथ ही अपने बच्चें को भी मास्क लगाए बिना लॉकडाउन में सड़क पर फर्राटा भरता मिला। रोडवेज बस स्टॉप पर भी कुछ महिलाएं बच्चों के साथ बिना मास्क के ही सफर को जाने को तैयार मिली।
शहर के कोट चौराहे के पास महिलाएं टहलती हुई मिली। अपनी गोद में एक बच्चे को लिए हुए थे। लेकिन बच्चे के मास्क नहीं लगा हुआ था। दोनो महिलाएं आपस में बाते करते हुए सड़क से गुजर रही थी।
कजियारा चौराहे के पास एक व्यक्ति न तो खुद मास्क लगाए हुए था और न ही अपने साथ मौजूद बच्चे को ही मास्क पहनाएं था। जबकि कोरोना संक्रमण से बचने को लगातार मॉस्क पहनने की हिदायत दी जा रही है।
बच्चों पर दे विशेष ध्यान
कोरोना के मामले आ रहे है। इसलिए मॉस्क व सोशल डिस्टेसिंग बहुत जरूरी है। बच्चे वैसे भी हाई रिस्क कटेगरी में शामिल है। इसलिए बच्चों को बेवजह घर से बाहर न निकलने दें। अगर बहुत जरूरी हो तो उन्हे मॉस्क जरूर पहनाएं।
डॉ. पीके सिंह, एसीएमओ