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थाना नहीं संभल रहा तो पुलिस लाइन में कर दूं : एसपी
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सीतापुर। पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी होने के दूसरे ही दिन अपराध समीक्षा की बैठक में कप्तान के तेवर काफी तल्ख रहे। एसपी पूरी रौ में दिखे। थानेदारों की लापरवाही और मनमानी से नाराज पुलिस मुखिया ने कड़ी फटकार लगाई। कई घंटों तक चली मैराथन बैठक में थानेदारों की कार्यशैली से बेहद खफा थे। एसओ पिसावां को जमकर लताड़ते हुए बोले कि थाना नहीं संभल रहा है तो पुलिस लाइन में कर दूं क्या...? एसपी की नाराजगी का सामना पिसावां एसओ को ही नहीं बल्कि शहर कोतवाल से लेकर पांच थानेदारों को करना पड़ा। मुखिया के तेवर देख थानेदार से लेकर सर्किल ऑफीसर तक पसीना-पसीना हो गए।
शुक्रवार को एसपी आरपी सिंह ने पुलिस लाइंस में अपराध समीक्षा की बैठक बुलाई थी। एएसपी, सीओ से लेकर सभी थानेदार अपनी तैयारियों के साथ पहुंचे थे। बीती रात 9 बजे से शुरू की क्राइम मीटिंग में एसपी की समीक्षा में कई थानेदार लपेटे में आ गए। एसओ पिसावां कुंवर बहादुर सिंह को फटकारते हुए एसपी ने कहा कि थाना नहीं संभाल पा रहे तो पुलिस लाइन में कर दूं। एक सप्ताह का समय है, सुधार दिखना चाहिए, नहीं तो सोचेंगे कि क्या करना है। दरअसल, पिसावां में अभी हाल ही में कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिसमें बुकिंग के बाद कुछ लोगों को बेहोश कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को लूटने का मामला है।
बेहोशी की हालत में लोग अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले थे, लेकिन अभी तक ट्रैक्टर-ट्रॉली का सुराग नहीं लग सका है। इसके अलावा खनन को लेकर भी शिकायतें थीं, जिसमें पुलिस पर आरोप लगने की बात एसपी तक पहुंची थी। पुलिस सूत्रों की माने तो इसके अलावा भी एसओ कुंवर बहादुर सिंह की कई शिकायतें थी, इसी को लेकर एसपी ने उन्हें जमकर लताड़ा और चेतावनी दी है। एसपी का ये तेवर देख कई और थानेदार सकते में आ गए।
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इस दौरान एएसपी साउथ एनपी सिंह, एएसपी नार्थ डॉ. राजीव दीक्षित, सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह, सीओ बिसवां सुशील कुमार सिंह, सीओ सदर अभिषेक प्रताप, सीओ मिश्रिख महेंद्र प्रताप सिंह, जिला आबकारी अधिकारी सुनील कुमार दुबे, खनन अधिकारी समेत सभी सीओ, थानेदार और अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
महिला अपराध के मामले बढ़ने पर शहर कोतवाल को फटकार
कप्तान का गुस्सा यहीं पर नहीं रुका। सूत्रों की माने तो अपराध समीक्षा की बैठक में उन्होंने पाया कि शहर कोतवाली इलाके में महिला अपराध के मामले बढ़े हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल आईजीआरएस के मामले में भी कोतवाली पुलिस लापरवाही बरत रही है, इसको लेकर शहर कोतवाल टीपी सिंह के भी एसपी ने पेंच कसे। आईजीआरएस के मामलों को लेकर सबसे खराब स्थित लहरपुर पुलिस की है। इसको लेकर एसपी ने लहरपुर कोतवाल राय साहब द्विवेदी को जमकर फटकार लगाई।
आईजीआरएस के मामलों को गंभीरता से नहीं लेने और समस्याओं का निस्तारण समय से नहीं करने, वादी से बात कर उसे संतुष्ट नहीं करने को लेकर महमूदाबाद कोतवाल अनिल पांडेय, एसओ सदरपुर अवधेश यादव, एसओ रामकोट संजीत सोनकर को भी कड़ी फटकार लगाते हुए उनको चेतावनी दी। नौ बजे से शुरू हुई मैराथन बैठक रात एक बजे खत्म हुई। चार घंटे तक थानेदार पसीना-पसीना होते रहे। एसपी आरपी सिंह ने कहा कि आईजीआरएस के मामलों में सीओ की भी जवाबदेही है। सही से काम होना चाहिए।
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शुक्रवार को एसपी आरपी सिंह ने पुलिस लाइंस में अपराध समीक्षा की बैठक बुलाई थी। एएसपी, सीओ से लेकर सभी थानेदार अपनी तैयारियों के साथ पहुंचे थे। बीती रात 9 बजे से शुरू की क्राइम मीटिंग में एसपी की समीक्षा में कई थानेदार लपेटे में आ गए। एसओ पिसावां कुंवर बहादुर सिंह को फटकारते हुए एसपी ने कहा कि थाना नहीं संभाल पा रहे तो पुलिस लाइन में कर दूं। एक सप्ताह का समय है, सुधार दिखना चाहिए, नहीं तो सोचेंगे कि क्या करना है। दरअसल, पिसावां में अभी हाल ही में कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिसमें बुकिंग के बाद कुछ लोगों को बेहोश कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को लूटने का मामला है।
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बेहोशी की हालत में लोग अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले थे, लेकिन अभी तक ट्रैक्टर-ट्रॉली का सुराग नहीं लग सका है। इसके अलावा खनन को लेकर भी शिकायतें थीं, जिसमें पुलिस पर आरोप लगने की बात एसपी तक पहुंची थी। पुलिस सूत्रों की माने तो इसके अलावा भी एसओ कुंवर बहादुर सिंह की कई शिकायतें थी, इसी को लेकर एसपी ने उन्हें जमकर लताड़ा और चेतावनी दी है। एसपी का ये तेवर देख कई और थानेदार सकते में आ गए।
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इस दौरान एएसपी साउथ एनपी सिंह, एएसपी नार्थ डॉ. राजीव दीक्षित, सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह, सीओ बिसवां सुशील कुमार सिंह, सीओ सदर अभिषेक प्रताप, सीओ मिश्रिख महेंद्र प्रताप सिंह, जिला आबकारी अधिकारी सुनील कुमार दुबे, खनन अधिकारी समेत सभी सीओ, थानेदार और अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
महिला अपराध के मामले बढ़ने पर शहर कोतवाल को फटकार
कप्तान का गुस्सा यहीं पर नहीं रुका। सूत्रों की माने तो अपराध समीक्षा की बैठक में उन्होंने पाया कि शहर कोतवाली इलाके में महिला अपराध के मामले बढ़े हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल आईजीआरएस के मामले में भी कोतवाली पुलिस लापरवाही बरत रही है, इसको लेकर शहर कोतवाल टीपी सिंह के भी एसपी ने पेंच कसे। आईजीआरएस के मामलों को लेकर सबसे खराब स्थित लहरपुर पुलिस की है। इसको लेकर एसपी ने लहरपुर कोतवाल राय साहब द्विवेदी को जमकर फटकार लगाई।
आईजीआरएस के मामलों को गंभीरता से नहीं लेने और समस्याओं का निस्तारण समय से नहीं करने, वादी से बात कर उसे संतुष्ट नहीं करने को लेकर महमूदाबाद कोतवाल अनिल पांडेय, एसओ सदरपुर अवधेश यादव, एसओ रामकोट संजीत सोनकर को भी कड़ी फटकार लगाते हुए उनको चेतावनी दी। नौ बजे से शुरू हुई मैराथन बैठक रात एक बजे खत्म हुई। चार घंटे तक थानेदार पसीना-पसीना होते रहे। एसपी आरपी सिंह ने कहा कि आईजीआरएस के मामलों में सीओ की भी जवाबदेही है। सही से काम होना चाहिए।