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Sitapur News: हुजूर... ट्रेजरी में बिना पैसे दिए नहीं मिलता एरिअर
Fri, 09 Jun 2023 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 09 Jun 2023 12:20 AM IST
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सीतापुर। हुजूर... ट्रेजरी से करीब चार माह का एरिअर नहीं मिल रहा है। पूरे देश में सभी सैनिकों को दिया जा रहा है। ...सीतापुर के लिए अलग से कोई आदेश आएगा क्या। ...ट्रेजरी में बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता है। चार से छह हजार रुपये घूस देने पर ही काम होते हैं। 200 पेंशनर्स ऐसी समस्या के कारण ट्रेजरी से धक्के खा रहे हैं।
साहब बोले परेशान न हो, शिकायत लिखकर दो, डीएम से बात करेंगे। यह दर्द उन पेंशनर्स का है जिन्होंने अपनी जवानी देश की सेवा में लगा दी। कुछ देश की रक्षा करते हुए शहीद भी हो गए। अब पेंशन में हर साल हो रहे एग्रीमेंट को बढ़वाने के लिए उनकी वीरनारियां घूस देने को मजबूर हैं।
जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास केंद्र में गुरुवार को 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर की ओर से लगे शिविर में पूर्व सैनिकों व वीरनारियों की शिकायतें सुनी गईं। उन्हें स्पर्श पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई।
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शिविर में 11 जीआरआरसी के अभिलेख प्रमुख व कमांडेंट बिग्रेडियर नवदीप सिंह ने उनकी समस्याएं सुनीं। सभी ने अपना दर्द बताया। किसी ने कहा कि प्लाट पर कब्जा हो गया। तो किसी ने कहा कि घूस देनी पड़ रही है। बिग्रेडियर ने आश्वासन देते हुए कहा आप शिकायत लिखकर दीजिए।
हम जिलाधिकारी से बात करके समस्याएं दूर करवाएंगे। सैनिक कल्याण बोर्ड की तरफ से जो भी मदद होगी, वह हर हाल में आपको मिलेगी। इसके बाद नवदीप सिंह स्पर्श पोर्टल के बारे में जानकारी दी। कहा कि सभी पेंशनर्स का इस पर डाटा अपलोड किया जा रहा है। अब योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को भागदौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस पोर्टल के माध्यम से लाभ लिया जा सकेगा। उन्होंने सैनिकों व उनके आश्रितों के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी दी।
15 साल की समस्या, पांच मिनट में हुई दूर
वीरनारी जावित्री देवी रामपुर मथुरा के अंगरौरा से आईं थीं। 15 साल पहले घर में आग लग गई थी। जिसमें पति की नौकरी के सभी अभिलेख जल गए थे। घर कटान में समा गया। पेंशन तो मिल रही है लेकिन अभिलेख न होने की वजह से अन्य समस्याएं दूर नहीं हो पा रही है। उन्होंने शिविर में समस्या रखी तो सेना के अफसरों ने पांच मिनट में ऑनलाइन तरीके से सभी अभिलेख निकलवा दिए। बिग्रेडियर ने जावित्री देवी को सम्मानित करके अभिलेख उन्हें सौंप दिए। वह बोलीं सालों की समस्या पांच मिनट में दूर हो गई।
कागज पर है प्लाट, पर नहीं मिली जमीन
हवलदार जगदीस सिंह की वीरनारी प्रीतमकौर ने कहा पति ने रामकोट इलाके में एक प्लाट खरीदा था। प्लाट के सभी अभिलेख मेरे पास हैं। अभी कब्जा नहीं मिला। प्रधान, लेखपाल व तहसील में कई बार चक्कर लगा चुकी हूं। अफसर मेरी शिकायत नहीं सुन रहे हैं।
क्या इनके लिए अलग से आएगा शासनादेश
सेवानिवृत्त हवलदार दधिबल श्रीवास्तव ने बिग्रेडियर से शिकायत की कि ट्रेजरी में 200 पेंशनर्स ओआरओपीटू का एरिअर पाने के लिए भटक रहे हैं। ट्रेजरी अफसर शासनादेश न होने की बात कह रहे हैं। पूरे देश के सभी सैनिकों को मिल रही है। इस आदेश की एक कॉपी भी दी फिर भी उन्होंने इसे टाल दिया है। यहां पर बिना पैसे दिए कुछ नहीं होता है।
दिया कमीशन तब मिली पेंशन
नायक पद से सेवानिवृत्त गुरुदीन प्रसाद ने बताया कि ट्रेजरी में कोई समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है। मेरे पड़ोसी को पेंशन का लाभ मिलना था। इसके लिए कई बार कागजों के लिए दौड़ाया गया। जब कागज बन गये तो यहां पर बैठी एक मैडम कर्मचारी ने कैलकुलेटर पर कमीशन जोड़कर मुझे दिखाया कि इतना देना पड़ेगा। तभी काम होगा। कमीशन दिया तभी उनका काम हुआ।
मनोज पांडेय चौक की देखी बदहाली
11 जीआरआरसी के अभिलेख प्रमुख व कमांडेंट बिग्रेडियर नवदीप सिंह इस कार्यक्रम के बाद चुंगी चौकी पर बने कैप्टन मनोज पांडेय चौक की बदहाली देखने पहुंचे। करीब 15 मिनट तक बारीकी से निरीक्षण किया। उसके बाद सेना व जिला प्रशासन से मिलकर यहां पर सौंदर्यीकरण कराने जाने की बात कही।
धनउगाही की बात गलत
एरिअर किस वजह से नहीं मिल रहा है, इसका पता लगाया जाएगा। आज संबंधित पटल बाबू नहीं आए थे। मेरे पास भी वहां से फोन आया था। कल इस मामले को दिखवाऊंगी। धन उगाही की बात गलत है।
जान्हवी मोहन, वरिष्ठ कोषाधिकारी
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साहब बोले परेशान न हो, शिकायत लिखकर दो, डीएम से बात करेंगे। यह दर्द उन पेंशनर्स का है जिन्होंने अपनी जवानी देश की सेवा में लगा दी। कुछ देश की रक्षा करते हुए शहीद भी हो गए। अब पेंशन में हर साल हो रहे एग्रीमेंट को बढ़वाने के लिए उनकी वीरनारियां घूस देने को मजबूर हैं।
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जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास केंद्र में गुरुवार को 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर की ओर से लगे शिविर में पूर्व सैनिकों व वीरनारियों की शिकायतें सुनी गईं। उन्हें स्पर्श पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई।
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शिविर में 11 जीआरआरसी के अभिलेख प्रमुख व कमांडेंट बिग्रेडियर नवदीप सिंह ने उनकी समस्याएं सुनीं। सभी ने अपना दर्द बताया। किसी ने कहा कि प्लाट पर कब्जा हो गया। तो किसी ने कहा कि घूस देनी पड़ रही है। बिग्रेडियर ने आश्वासन देते हुए कहा आप शिकायत लिखकर दीजिए।
हम जिलाधिकारी से बात करके समस्याएं दूर करवाएंगे। सैनिक कल्याण बोर्ड की तरफ से जो भी मदद होगी, वह हर हाल में आपको मिलेगी। इसके बाद नवदीप सिंह स्पर्श पोर्टल के बारे में जानकारी दी। कहा कि सभी पेंशनर्स का इस पर डाटा अपलोड किया जा रहा है। अब योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को भागदौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस पोर्टल के माध्यम से लाभ लिया जा सकेगा। उन्होंने सैनिकों व उनके आश्रितों के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी दी।
15 साल की समस्या, पांच मिनट में हुई दूर
वीरनारी जावित्री देवी रामपुर मथुरा के अंगरौरा से आईं थीं। 15 साल पहले घर में आग लग गई थी। जिसमें पति की नौकरी के सभी अभिलेख जल गए थे। घर कटान में समा गया। पेंशन तो मिल रही है लेकिन अभिलेख न होने की वजह से अन्य समस्याएं दूर नहीं हो पा रही है। उन्होंने शिविर में समस्या रखी तो सेना के अफसरों ने पांच मिनट में ऑनलाइन तरीके से सभी अभिलेख निकलवा दिए। बिग्रेडियर ने जावित्री देवी को सम्मानित करके अभिलेख उन्हें सौंप दिए। वह बोलीं सालों की समस्या पांच मिनट में दूर हो गई।
कागज पर है प्लाट, पर नहीं मिली जमीन
हवलदार जगदीस सिंह की वीरनारी प्रीतमकौर ने कहा पति ने रामकोट इलाके में एक प्लाट खरीदा था। प्लाट के सभी अभिलेख मेरे पास हैं। अभी कब्जा नहीं मिला। प्रधान, लेखपाल व तहसील में कई बार चक्कर लगा चुकी हूं। अफसर मेरी शिकायत नहीं सुन रहे हैं।
क्या इनके लिए अलग से आएगा शासनादेश
सेवानिवृत्त हवलदार दधिबल श्रीवास्तव ने बिग्रेडियर से शिकायत की कि ट्रेजरी में 200 पेंशनर्स ओआरओपीटू का एरिअर पाने के लिए भटक रहे हैं। ट्रेजरी अफसर शासनादेश न होने की बात कह रहे हैं। पूरे देश के सभी सैनिकों को मिल रही है। इस आदेश की एक कॉपी भी दी फिर भी उन्होंने इसे टाल दिया है। यहां पर बिना पैसे दिए कुछ नहीं होता है।
दिया कमीशन तब मिली पेंशन
नायक पद से सेवानिवृत्त गुरुदीन प्रसाद ने बताया कि ट्रेजरी में कोई समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है। मेरे पड़ोसी को पेंशन का लाभ मिलना था। इसके लिए कई बार कागजों के लिए दौड़ाया गया। जब कागज बन गये तो यहां पर बैठी एक मैडम कर्मचारी ने कैलकुलेटर पर कमीशन जोड़कर मुझे दिखाया कि इतना देना पड़ेगा। तभी काम होगा। कमीशन दिया तभी उनका काम हुआ।
मनोज पांडेय चौक की देखी बदहाली
11 जीआरआरसी के अभिलेख प्रमुख व कमांडेंट बिग्रेडियर नवदीप सिंह इस कार्यक्रम के बाद चुंगी चौकी पर बने कैप्टन मनोज पांडेय चौक की बदहाली देखने पहुंचे। करीब 15 मिनट तक बारीकी से निरीक्षण किया। उसके बाद सेना व जिला प्रशासन से मिलकर यहां पर सौंदर्यीकरण कराने जाने की बात कही।
धनउगाही की बात गलत
एरिअर किस वजह से नहीं मिल रहा है, इसका पता लगाया जाएगा। आज संबंधित पटल बाबू नहीं आए थे। मेरे पास भी वहां से फोन आया था। कल इस मामले को दिखवाऊंगी। धन उगाही की बात गलत है।
जान्हवी मोहन, वरिष्ठ कोषाधिकारी