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भारतीयता की पहचान है हिंदी
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Tue, 06 Oct 2015 11:05 PM IST
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भारतीयता की पहचान है हिंदी
सीतापुर। हिंदी भारत की राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की प्रतीक है। साथ ही भारत की एवं भारतीयता की पहचान है। हिंदी ही एकमात्र ऐसी भाषा है जो अटक से कटक व कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत की एकता एवं अखंडता का संदेश देकर हमें भारत की महिमा एवं गरिमा से परिचित कराती है। यह बात केन्द्रीय विद्यालय में मंगलवार को आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक का उद्घाटन करते हुए साहित्यकार रमारमण त्रिवेदी ने कही।
उन्होंने कहा आज भारत की विश्व पटल पर पहचान हिंदी के कारण है। हिंदी सरल सहज एवं सर्वग्राही भाषा है। इसे अत्यंत सुगमता से सीखा जा सकता है। कुंवर शैलेंद्र प्रताप बहादुर सिंह ने कहा कि हम सब मिलकर जनपद सीतापुर में हिंदी को एक नई दिशा एवं दशा प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित है। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय विद्यालय की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना से की। इसके बाद बालिकाओं ने स्वागत गीत से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपने कार्यालय में राजभाषा की प्रगति पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस अवसर पर जवाहर नवोदय विद्यालय खैराबाद की प्राचार्या सुमन लता यादव ने अपने विचार व्यक्त किए। केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार ने कहा हिंदी आज सबसे ज्यादा बोलने वाली भाषा बन गई है। कार्यक्रम में चन्द्रपाल सिंह. वरिष्ठ प्रबंधक इलाहाबाद बैंक शाखा प्रीती किरण, बैंक आफ बड़ौदा के अवधेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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सीतापुर। हिंदी भारत की राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की प्रतीक है। साथ ही भारत की एवं भारतीयता की पहचान है। हिंदी ही एकमात्र ऐसी भाषा है जो अटक से कटक व कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत की एकता एवं अखंडता का संदेश देकर हमें भारत की महिमा एवं गरिमा से परिचित कराती है। यह बात केन्द्रीय विद्यालय में मंगलवार को आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक का उद्घाटन करते हुए साहित्यकार रमारमण त्रिवेदी ने कही।
उन्होंने कहा आज भारत की विश्व पटल पर पहचान हिंदी के कारण है। हिंदी सरल सहज एवं सर्वग्राही भाषा है। इसे अत्यंत सुगमता से सीखा जा सकता है। कुंवर शैलेंद्र प्रताप बहादुर सिंह ने कहा कि हम सब मिलकर जनपद सीतापुर में हिंदी को एक नई दिशा एवं दशा प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित है। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय विद्यालय की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना से की। इसके बाद बालिकाओं ने स्वागत गीत से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपने कार्यालय में राजभाषा की प्रगति पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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इस अवसर पर जवाहर नवोदय विद्यालय खैराबाद की प्राचार्या सुमन लता यादव ने अपने विचार व्यक्त किए। केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार ने कहा हिंदी आज सबसे ज्यादा बोलने वाली भाषा बन गई है। कार्यक्रम में चन्द्रपाल सिंह. वरिष्ठ प्रबंधक इलाहाबाद बैंक शाखा प्रीती किरण, बैंक आफ बड़ौदा के अवधेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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