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Sitapur News: गर्मी बढ़ी, फुल हो गए महिला वार्ड में बेड
Sat, 03 May 2025 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 03 May 2025 12:43 AM IST
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सीतापुर। गर्मी बढ़ते ही बीमारियों तेजी से फैलनी लगी हैं। इसके चलते जिला अस्पताल में बेड का संकट गहराने लगा है। महिला वार्ड फुल हो गया है। हाल यह है एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किए जा रहे हैं। इससे मरीजों को इलाज कराना बहुत ही मुश्किल हो रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को करीब 2700 मरीज पहुंचे। इसके अलावा इमरजेंसी में करीब 30 मरीज आए। दो सप्ताह से मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इसकी वजह से अस्पताल के संसाधन कम पड़ते जा रहे हैं। महिला वार्ड में 70 से अधिक बेड पड़े हुए हैं लेकिन यह सब फुल हो गए हैं। अब एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हो रहे हैं। एक बेड पर फूलजहां व रामबेटी भर्ती हैं।
इन्होंने बताया कि बेड की किल्लत के कारण करवट लेना भी मुश्किल है। एक साथ दो लोग होने से बेड के नीचे गिरने की आशंका बनी रहती है। वहीं दूसरे बेड पर रामकटोरी व सीमा भर्ती हैं। इनका कहना है कि हाथ में ग्लूकोज की बोतल लगी हुई है। दूसरा मरीज होने से हाथ हिल जाता है। इससे कई बार हाथ से खून निकल चुका है। इलाज कराने में बहुत समस्या आ रही है।
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शोपीस बने कूलर
जिला अस्पताल में अभी वार्डों में कूलर नहीं लगवाए जा सके हैं। अस्पताल के गेट के पास संचालित ओपीडी में जीने के नीचे कुछ कूलर रखे हुए हैं। ये पिछले साल विभिन्न वार्डों में लगवाए गए थे। अगर ये कूलर लगवा दिए जाएं तो मरीजों को गर्मी में काफी राहत मिलेगी।
अधिक आ रहे हैं मरीज
अस्पताल में मरीजों का भार बढ़ रहा है। इससे बेड का संकट खड़ा हो गया है। अस्पताल में मौजूदा सुविधाओं के जरिए बेहतर इलाज दिया जा रहा है।
डॉ. इंद्रर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को करीब 2700 मरीज पहुंचे। इसके अलावा इमरजेंसी में करीब 30 मरीज आए। दो सप्ताह से मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इसकी वजह से अस्पताल के संसाधन कम पड़ते जा रहे हैं। महिला वार्ड में 70 से अधिक बेड पड़े हुए हैं लेकिन यह सब फुल हो गए हैं। अब एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हो रहे हैं। एक बेड पर फूलजहां व रामबेटी भर्ती हैं।
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इन्होंने बताया कि बेड की किल्लत के कारण करवट लेना भी मुश्किल है। एक साथ दो लोग होने से बेड के नीचे गिरने की आशंका बनी रहती है। वहीं दूसरे बेड पर रामकटोरी व सीमा भर्ती हैं। इनका कहना है कि हाथ में ग्लूकोज की बोतल लगी हुई है। दूसरा मरीज होने से हाथ हिल जाता है। इससे कई बार हाथ से खून निकल चुका है। इलाज कराने में बहुत समस्या आ रही है।
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शोपीस बने कूलर
जिला अस्पताल में अभी वार्डों में कूलर नहीं लगवाए जा सके हैं। अस्पताल के गेट के पास संचालित ओपीडी में जीने के नीचे कुछ कूलर रखे हुए हैं। ये पिछले साल विभिन्न वार्डों में लगवाए गए थे। अगर ये कूलर लगवा दिए जाएं तो मरीजों को गर्मी में काफी राहत मिलेगी।
अधिक आ रहे हैं मरीज
अस्पताल में मरीजों का भार बढ़ रहा है। इससे बेड का संकट खड़ा हो गया है। अस्पताल में मौजूदा सुविधाओं के जरिए बेहतर इलाज दिया जा रहा है।
डॉ. इंद्रर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल