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Sitapur News: स्वास्थ्यकर्मी खिलाएंगे फाइलेरिया रोधी दवा
Sat, 15 Jul 2023 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 15 Jul 2023 12:17 AM IST
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सीतापुर। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 अगस्त से शुरू हो रहे सर्वजन दवा सेवन अभियान को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का ब्लॉकवार प्रशिक्षण शुरू हो गया है। अभियान की सफलता को लेकर सीएचसीवार आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों की टीमें बनाई गईं हैं। ये टीमें 10 अगस्त से 28 अगस्त के बीच घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएंगी।
सीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि इस दौरान एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। दवा खिलाने का काम मिश्रिख, ऐलिया और सीतापुर शहरी क्षेत्र को छोड़ पूरे जिले में चलाया जाएगा। इसके लिए 3,815 टीमें बनाई गईं हैं। ये टीमें जिले के 45.20 लाख लोगों को अपने सामने फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएंगी।
किसे और कितनी लेनी है डोज
सीएमओ ने बताया कि आइवरमेक्टिन ऊंचाई के अनुसार खिलाई जाएगी। एल्बेंडाजोल को चबाकर ही खाना है। फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन एक वर्ष के बच्चों, गर्भवती व एक माह के बच्चे वाली प्रसूता और गंभीर बीमार को छोड़कर सभी को करना है। एक से दो वर्ष की आयु के बच्चों को केवल एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी।
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साइड इफेक्ट्स से न घबराएं
कार्यक्रम के नोडल अफसर और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज शेखर ने बताया कि दवा का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने सामने ही करवाएंगे। दवा खाली पेट नहीं खानी है। दवा खाने के बाद किसी को जी मिचलाने, चक्कर या उल्टी आना, सिर दर्द, खुजली की शिकायत हो सकती है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा शरीर में फाइलेरिया के परजीवी होने से हो सकता है, जो दवा खाने के बाद मरते हैं। ऐसी प्रतिक्रिया कुछ देर में स्वत: ठीक हो जाती है।
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सीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि इस दौरान एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। दवा खिलाने का काम मिश्रिख, ऐलिया और सीतापुर शहरी क्षेत्र को छोड़ पूरे जिले में चलाया जाएगा। इसके लिए 3,815 टीमें बनाई गईं हैं। ये टीमें जिले के 45.20 लाख लोगों को अपने सामने फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएंगी।
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किसे और कितनी लेनी है डोज
सीएमओ ने बताया कि आइवरमेक्टिन ऊंचाई के अनुसार खिलाई जाएगी। एल्बेंडाजोल को चबाकर ही खाना है। फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन एक वर्ष के बच्चों, गर्भवती व एक माह के बच्चे वाली प्रसूता और गंभीर बीमार को छोड़कर सभी को करना है। एक से दो वर्ष की आयु के बच्चों को केवल एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी।
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साइड इफेक्ट्स से न घबराएं
कार्यक्रम के नोडल अफसर और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज शेखर ने बताया कि दवा का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने सामने ही करवाएंगे। दवा खाली पेट नहीं खानी है। दवा खाने के बाद किसी को जी मिचलाने, चक्कर या उल्टी आना, सिर दर्द, खुजली की शिकायत हो सकती है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा शरीर में फाइलेरिया के परजीवी होने से हो सकता है, जो दवा खाने के बाद मरते हैं। ऐसी प्रतिक्रिया कुछ देर में स्वत: ठीक हो जाती है।