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सड़क किनारे सर्द रातें गुजार रहे कटान पीड़ित

Thu, 30 Dec 2021 11:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Dec 2021 11:30 PM IST
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Harvesting victims spending cold nights on the roadside
रेउसा में सड़कों के किनारे रहने को मजबूर कटान पीड़ित। - संवाद - फोटो : SITAPUR
रेउसा (सीतापुर)। रेउसा इलाके के कटान पीड़ित इस समय दोहरी मुसीबत से जूझ रहे हैं। एक तो उनके घर कटान का पैसा नहीं मिल पाया है, न ही मकान बनाने के लिए जमीन मुहैय्या हो सकी है। इससे परेशान पीड़ित सड़कों के किनारे तिरपाल डालकर रात गुजार रहे है।
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रेउसा इलाके में इस साल आई बाढ़ ने सब कुछ बर्बाद करके रख दिया। तमाम परिवारों के घर कट गए, किसी की जमीन चली गई। जब कही आशियाना बनाने की जगह नहीं मिली तो वह सड़क के किनारे आ गए। बिसवां तहसील के 15 से अधिक परिवार पासिनपुरवा में रहते थे। जब कटान में इनके घर बह गए तो यह लोग जंगल टपरी गांव को जाने वाले मार्ग पर अपना आशियाना बनाकर रहने लगे।
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इस समय जब भीषण ठंड पड़ रही है तो इनको तिरपाल में रात गुजारना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। पीड़ितों का कहना हैं तहसील प्रशासन ने कटान का पैसा व मकान बनवाने के लिए जमीन मुहैय्या करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी मदद नहीं मिल सकी है। इससे यहां पर रात गुजारने में बहुत समस्याएं आ रही हैं।
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रात काटना हो रहा है मुश्किल
बिसवां तहसील के पासिनपुरवा निवासी घूरू का घर इस साल आई बाढ़ में कट गया था। घूरू के परिवार में सात सदस्य है। यह सभी लोग जंगल टपरी जाने वाले मार्ग पर रह रहे हैं। घूरू का कहना है अभी तक कटान का पैसा नहीं मिला है, न ही जमीन मिल सकी है। इससे सड़क के किनारे सर्द रातें काटना मुश्किल हो रहा है।
आ रही है समस्या
पासिनपुरवा के ही हरिश्चंद के परिवार में छह सदस्य हैं। हरिश्चंद का कहना है कटान का पैसा मिल गया है, लेकिन जमीन नहीं मिल सकी है। ऐसे में कहां पर अपना घर बनाएं। घर न होने से बहुत समस्याएं आ रही है।

करनी पड़ रही है जद्दोजहद
संभारी को इस समय ठंड काटना मुश्किल हो रहा है। संभारी का कहना है बाढ़ ने सब कुछ बर्बाद करके रख दिया है। एक तो कटान का पैसा नहीं मिला, न ही जमीन मिली है। इससे परिवार को ठंड से बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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