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Sitapur News: जमानत मिली पर रिहाई नहीं, जेल में मनेगी होली
Tue, 11 Mar 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 11 Mar 2025 11:54 PM IST
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सीतापुर। जिला कारागार में दुष्कर्म के आरोप में बंद सांसद राकेश राठौर की मंगलवार को जमानत याचिका मंजूर हो गई। 40 दिन पहले उनको गिरफ्तार किया गया था। वहीं, सांसद की जमानत की खबर पर उनके समर्थकों में हर्ष है। सांसद के लोहारबाग स्थित आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। सांसद के भाई अनुपम राठौर ने कहा कि ईश्वर न्याय जरूर करता है। सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।
गौरतलब है कि सांसद की जमानत याचिका पर पिछली सुनवाई 27 फरवरी को हुई थी। उस समय कोर्ट ने विवेचक को केस डायरी के साथ विवेचना पूरी कर प्रकरण प्रस्तुत करने को कहा था। 17 जनवरी को सांसद पर दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था।
सांसद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद 30 जनवरी को उन्हें जेल भेज दिया गया था। हालांकि जमानत होने के बाद भी सांसद जेल से रिहा नहीं हो पाएंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुलिस ने विवेचना कर मंगलवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। इसमें विवेचक ने बीएनएस की धारा 69 को बढ़ा दिया है। बीएनएस 69 के तहत शादी का झूठा वादा करके महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने को अपराध माना गया है। जबकि मामले की सुनवाई धारा 64 दुष्कर्म के आरोप में हो रही थी।
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ऐसे में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब सांसद को नई धारा के तहत जमानत करानी होगी। हाईकोर्ट में करीब दो घंटे तक बहस चली। ऐसा माना जा रहा है कि सांसद को जमानत इस आधार पर मिली है कि पीड़िता ने चार साल होने के बाद भी आखिर तब केस दर्ज क्यों नहीं कराया।
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गौरतलब है कि सांसद की जमानत याचिका पर पिछली सुनवाई 27 फरवरी को हुई थी। उस समय कोर्ट ने विवेचक को केस डायरी के साथ विवेचना पूरी कर प्रकरण प्रस्तुत करने को कहा था। 17 जनवरी को सांसद पर दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था।
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सांसद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद 30 जनवरी को उन्हें जेल भेज दिया गया था। हालांकि जमानत होने के बाद भी सांसद जेल से रिहा नहीं हो पाएंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुलिस ने विवेचना कर मंगलवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। इसमें विवेचक ने बीएनएस की धारा 69 को बढ़ा दिया है। बीएनएस 69 के तहत शादी का झूठा वादा करके महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने को अपराध माना गया है। जबकि मामले की सुनवाई धारा 64 दुष्कर्म के आरोप में हो रही थी।
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ऐसे में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब सांसद को नई धारा के तहत जमानत करानी होगी। हाईकोर्ट में करीब दो घंटे तक बहस चली। ऐसा माना जा रहा है कि सांसद को जमानत इस आधार पर मिली है कि पीड़िता ने चार साल होने के बाद भी आखिर तब केस दर्ज क्यों नहीं कराया।