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Sitapur News: सीतापुर के पूर्व विधायक के दामाद से ठगी
Wed, 31 May 2023 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 31 May 2023 11:48 PM IST
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लखनऊ। चौक इलाके में रहने वाले सीतापुर के पूर्व विधायक स्व. ओम प्रकाश गुप्ता के दामाद व कपड़ा कारोबारी संदीप गुप्ता से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। जालसाज ने कारोबारी से मकान खरीदने के लिए सौदा किया और सारे दस्तावेज हासिल कर लिए।
फिर कारोबारी से ही सरकारी काम के लिए रुपये अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कराए। ठग की हरकतों से तंग कारोबारी ने मकान की रकम देने व रजिस्ट्री कराने के लिए कहा तो धमकी देने लगा। पीड़ित ने इसकी शिकायत डीजीपी आरके विश्वकर्मा से की। उनके आदेश पर चौक पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
चौक के सोंधी टोला निवासी संदीप गुप्ता सीतापुर के पूर्व विधायक स्व. ओमप्रकाश गुप्ता के दामाद है। उनकी हुसैनगंज में कपड़े की दुकान है। संदीप के मुताबिक, कोविड काल में कर्ज अधिक हो गया था, जिसे चुकाने के लिए पत्नी के नाम से खरीदा गया मकान बेचना चाहते थे। इसके लिए मकान पर सेल का बोर्ड लगा दिया। इस पर अपना व पत्नी का नंबर भी दर्ज किया था। मकान खरीदने के लिए मिर्जा मंडी के ज्ञानवीर सिंह ने संपर्क किया। मकान का सौदा 65 लाख में तय हुआ।
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संदीप के मुताबिक, ज्ञानवीर सिंह ने खुद को उनके ससुर ओमप्रकाश गुप्ता का करीबी मित्र बताया। इसके बाद मकान को 60 लाख रुपये में खरीदने की बात कही। इस पर संदीप ने अपने साले से बातचीत की और सौदा 60 लाख में ही कर लिया। ज्ञानवीर बोला कि मकान के लिए उनकी पत्नी गीता सिंह के पीपीएफ खाते से लोन कराना है। इसके लिए रजिस्ट्री पेपर व अन्य जरूरी दस्तावेज चाहिए। संदीप ने उनको सारे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए। इसके बाद भी ज्ञानवीर ने रजिस्ट्री नहीं कराई।
सरकारी काम के नाम पर वसूली
सरकारी काम कराने के नाम पर कभी जीएसटी, कभी टीडीएस तो कभी पीपीएफ टैक्स के नाम पर संदीप से लाखों रुपये वसूले। यह रकम संदीप ने अपनी पत्नी नीलम गुप्ता के आईसीआईसीआई बैंक के खाते से ज्ञानवीर की पत्नी गीता सिंह के यूनियन बैंक के खाते में ट्रांसफर की थी। बार-बार पूछने पर ज्ञानवीर टालमटोल करता रहा। आरोप है कि शनिवार को उन्होंने ज्ञानवीर से सख्ती से बात की तो वह धमकाने लगा। कहा कि रजिस्ट्री 40 लाख में करनी हो तो बताओ। नहीं तो कागज भी नहीं मिलेंगे और न ही रकम लौटाऊंगा। चौक थाने में सुनवाई न होेने पर पीड़ित ने डीजीपी आरके विश्वकर्मा से शिकायत की थी। आदेश होने पर मंगलवार को केस दर्ज किया गया।
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फिर कारोबारी से ही सरकारी काम के लिए रुपये अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कराए। ठग की हरकतों से तंग कारोबारी ने मकान की रकम देने व रजिस्ट्री कराने के लिए कहा तो धमकी देने लगा। पीड़ित ने इसकी शिकायत डीजीपी आरके विश्वकर्मा से की। उनके आदेश पर चौक पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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चौक के सोंधी टोला निवासी संदीप गुप्ता सीतापुर के पूर्व विधायक स्व. ओमप्रकाश गुप्ता के दामाद है। उनकी हुसैनगंज में कपड़े की दुकान है। संदीप के मुताबिक, कोविड काल में कर्ज अधिक हो गया था, जिसे चुकाने के लिए पत्नी के नाम से खरीदा गया मकान बेचना चाहते थे। इसके लिए मकान पर सेल का बोर्ड लगा दिया। इस पर अपना व पत्नी का नंबर भी दर्ज किया था। मकान खरीदने के लिए मिर्जा मंडी के ज्ञानवीर सिंह ने संपर्क किया। मकान का सौदा 65 लाख में तय हुआ।
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संदीप के मुताबिक, ज्ञानवीर सिंह ने खुद को उनके ससुर ओमप्रकाश गुप्ता का करीबी मित्र बताया। इसके बाद मकान को 60 लाख रुपये में खरीदने की बात कही। इस पर संदीप ने अपने साले से बातचीत की और सौदा 60 लाख में ही कर लिया। ज्ञानवीर बोला कि मकान के लिए उनकी पत्नी गीता सिंह के पीपीएफ खाते से लोन कराना है। इसके लिए रजिस्ट्री पेपर व अन्य जरूरी दस्तावेज चाहिए। संदीप ने उनको सारे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए। इसके बाद भी ज्ञानवीर ने रजिस्ट्री नहीं कराई।
सरकारी काम के नाम पर वसूली
सरकारी काम कराने के नाम पर कभी जीएसटी, कभी टीडीएस तो कभी पीपीएफ टैक्स के नाम पर संदीप से लाखों रुपये वसूले। यह रकम संदीप ने अपनी पत्नी नीलम गुप्ता के आईसीआईसीआई बैंक के खाते से ज्ञानवीर की पत्नी गीता सिंह के यूनियन बैंक के खाते में ट्रांसफर की थी। बार-बार पूछने पर ज्ञानवीर टालमटोल करता रहा। आरोप है कि शनिवार को उन्होंने ज्ञानवीर से सख्ती से बात की तो वह धमकाने लगा। कहा कि रजिस्ट्री 40 लाख में करनी हो तो बताओ। नहीं तो कागज भी नहीं मिलेंगे और न ही रकम लौटाऊंगा। चौक थाने में सुनवाई न होेने पर पीड़ित ने डीजीपी आरके विश्वकर्मा से शिकायत की थी। आदेश होने पर मंगलवार को केस दर्ज किया गया।