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दीवार ढही, मलबे में दबकर एक की परिवार के चार की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, सीतापुर
Updated Tue, 07 Jun 2016 11:20 PM IST
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दीवार ढही
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, सीतापुर
जिले में मंगलवार दोपहर बाद आई आंधी ने खूब कहर बरपाया। यहां के थानगांव में दीवार ढहने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। वहीं कई जगहों पर छप्पर व पेड़ गिरने से तीन लोग घायल हो गए।
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थानगांव के ग्राम भदेवां निवासी सगीर का परिवार एक दीवार पर छप्पर डालकर रहता था। मंगलवार दोपहर बाद अचानक तेज आंधी आ गई। सगीर के परिवार के बच्चे करीब ही मैदान में खेल रहे थे। आंधी का रौद्र रूप देख सगीर के पुत्र हसीन की पत्नी सलमा (30), अपनी पुत्री खुशी (4), पुत्र अलकमल (1), ननद कुसुम (18) व देवर फुरकान (7) को लेकर छप्पर के नीचे चली गई।
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इसी बीच तेज हवा से दीवार ढह गई। छप्पर व दीवार के मलबे के नीचे पूरा परिवार दब गया। शोर सुनने के बाद भी तेज हवा के कारण गांव के लोग अपने घरों में ही छिपे रहे। थोड़ी देर बाद ग्रामीणों ने छप्पर हटाकर लोगों को बाहर निकाला लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना में हसीन की पत्नी सलमा, उसकी पुत्री खुशी, ननद कुसुम व देवर फुरकान की दबकर मौत हो चुकी थी। जबकि सलमा का पुत्र अलकमल गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, रामपुर मथुरा क्षेत्र के ग्राम गोंडा देवरिया निवासी राजू (35) आंधी से बचने के लिए छप्पर के नीचे छिप गए। इसी बीच छप्पर व दीवार उसके ऊपर गिर गई, जिससे वह घायल हो गया। इसी गांव का अनिल (28) भी टिन शेड गिरने से जख्मी हो गया।
रामपुर मथुरा कस्बा निवासी सुनील (28) महमूदाबाद से वापस आते समय बहोरनपुर गांव में एक दीवार की आड़ में ठहर गया, इसी बीच दीवार भरभराकर ढह गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। इसके अलावा गोंडा देवरिया में आंधी से करीब 70 से अधिक पेड़ धराशायी हो गए। इससे कई लोगों के घर ढह गए। कस्बे के बालकराम इंटर कॉलेज के चार कमरे ढह गए थे। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में हुए नुकसान का आंकलन नहीं लगाया जा सका था।