{"_id":"5d505bfd8ebc3e6cec0c8e87","slug":"fogging-sitapur-news-lko475970862","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में फॉगिंग न होने से संक्रमण का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में फॉगिंग न होने से संक्रमण का खतरा
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सीतापुर। इस समय बरसात का मौसम चल रहा है, इससे संक्रमण फैलने की अधिक आशंका बनी हुई है। इससे निपटने के लिए जिलाधिकारी ने दो माह पहले ही मोहल्लेवार फॉगिंग के निर्देश दिए थे। लेकिन हाल यह है शहर के 20 से अधिक मोहल्लों में फॉगिंग नहीं कराई गई है।
कुछ चुनिंदा वीआईपी कॉलोनी में ही फॉगिंग हो सकी है। जिन मोहल्लों में जलभराव से सबसे अधिक जरूरत महसूस की जा रही है। वहां पर अभी तक कोई नहीं पहुंचा है। बरसात की वजह से विकास नगर, खूबपुर, भार्गव कालोनी, पूर्णागिरि नगर, आजाद नगर, कोट मोहल्ला, तरीनपुर, हेमपुरवा, इस्माइलपुर आदि मोहल्लों में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से जलभराव हो जाता है।
इस समय यहां पर खाली पड़े प्लाटों में पानी भरा हुआ है। बरसात की वजह से पानी भरने व गंदगी के कारण इनमे मच्छर पनप रहे है। यह मच्छर ही रोग का कारण बन सकते है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग व नगरपालिका को जिम्मेदारी दी गई है।
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वह मोहल्लों में फॉगिंग कराकर बीमारी फैलने ही न दें। लेकिन धरातल पर फॉगिंग नहीं हो रही है। केवल कागजों पर ही फार्गिग कराई जा रही है। शहर में 20 से अधिक मोहल्लेवासियों का कहना है न तो पिछले बरस फॉगिंग हुई थी, न ही इस साल हुई है। जबकि गंदा पानी एक ही जगह पर एकत्र होने पर कभी भी बीमारी फैल सकती है।
तालाब बना प्लाट
विकास नगर मोहल्लें में गल्ला मंडी से प्रवेश करते हुए एक खाली प्लाट पड़ा हुआ है। इस प्लाट में इस समय गंदा पानी भरा हुआ है। पूरा प्लाट तालाब जैसा नजर आता है।
आस पड़ोस में घनी आबादी बसी हुई है। जलभराव के कारण संक्रमण रोग फैलने की आशंका बनी हुई है। लाख हिदायत के बावजूद यहां पर अभी तक फॉगिंग नहीं कराई गई है। इससे मोहल्लेवासी रोग फैलने से आशांकित है।
गंदगी के लगे हैं ढेर
हेमपुरवा मोहल्लें में गंदगी फैली हुई है। इस मोहल्लें के जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। इससे कई जगहों पर गंदगी के ढेर लगे हुए है। मोहल्लें में संक्रमण रोग फैलने का खतरा बना हुआ है।
मोहल्लेवासियों का कहना है बरसात का मौसम चल रहा है। एक बार भी फॉगिंग नहीं कराई गई है। पिछले बरस भी फॉगिंग करने कोई नहीं आया था। इस बार भी वही हालात बने हुए है।
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कुछ चुनिंदा वीआईपी कॉलोनी में ही फॉगिंग हो सकी है। जिन मोहल्लों में जलभराव से सबसे अधिक जरूरत महसूस की जा रही है। वहां पर अभी तक कोई नहीं पहुंचा है। बरसात की वजह से विकास नगर, खूबपुर, भार्गव कालोनी, पूर्णागिरि नगर, आजाद नगर, कोट मोहल्ला, तरीनपुर, हेमपुरवा, इस्माइलपुर आदि मोहल्लों में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से जलभराव हो जाता है।
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इस समय यहां पर खाली पड़े प्लाटों में पानी भरा हुआ है। बरसात की वजह से पानी भरने व गंदगी के कारण इनमे मच्छर पनप रहे है। यह मच्छर ही रोग का कारण बन सकते है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग व नगरपालिका को जिम्मेदारी दी गई है।
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वह मोहल्लों में फॉगिंग कराकर बीमारी फैलने ही न दें। लेकिन धरातल पर फॉगिंग नहीं हो रही है। केवल कागजों पर ही फार्गिग कराई जा रही है। शहर में 20 से अधिक मोहल्लेवासियों का कहना है न तो पिछले बरस फॉगिंग हुई थी, न ही इस साल हुई है। जबकि गंदा पानी एक ही जगह पर एकत्र होने पर कभी भी बीमारी फैल सकती है।
तालाब बना प्लाट
विकास नगर मोहल्लें में गल्ला मंडी से प्रवेश करते हुए एक खाली प्लाट पड़ा हुआ है। इस प्लाट में इस समय गंदा पानी भरा हुआ है। पूरा प्लाट तालाब जैसा नजर आता है।
आस पड़ोस में घनी आबादी बसी हुई है। जलभराव के कारण संक्रमण रोग फैलने की आशंका बनी हुई है। लाख हिदायत के बावजूद यहां पर अभी तक फॉगिंग नहीं कराई गई है। इससे मोहल्लेवासी रोग फैलने से आशांकित है।
गंदगी के लगे हैं ढेर
हेमपुरवा मोहल्लें में गंदगी फैली हुई है। इस मोहल्लें के जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। इससे कई जगहों पर गंदगी के ढेर लगे हुए है। मोहल्लें में संक्रमण रोग फैलने का खतरा बना हुआ है।
मोहल्लेवासियों का कहना है बरसात का मौसम चल रहा है। एक बार भी फॉगिंग नहीं कराई गई है। पिछले बरस भी फॉगिंग करने कोई नहीं आया था। इस बार भी वही हालात बने हुए है।