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दो हजार घरों में घुसा पानी, किशोर डूबा
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रेउसा क्षेत्र में बाढ़ के आने से नाव पर बैठकर जाते लोग। संवाद-
- फोटो : SITAPUR
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रेउसा/रामपुर मथुरा/तंबौर/लहरपुर। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण शारदा व सरयू नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे महमूदाबाद, बिसवां व लहरपुर तहसील के करीब 60 गांवों में पानी आ गया है। करीब दो हजार घरों में पानी घुस गया है। संपर्क मार्ग पानी से घिर गए है। मार्गों पर पानी चलने से आवागमन ठप हो गया है। करीब 20 गांव पानी के मुहाने पर आ गए हैं। एक किशोर बाढ़ के पानी की चपेट में आकर लापता हो गया है। गोताखोरों की काफी तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल सका है।
डीएम, एसपी, एडीएम, एसडीएम, सीओ सहित अन्य प्रशासनिक अफसरों ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करके हालातों का जायजा लिया। शारदा व सरयू नदी में मंगलवार को 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी बुधवार सुबह जिले में पहुंच गया। इतना अधिक पानी आने से हर तरफ हाहाकार मच गया। जिला प्रशासन ने पहले ही बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को अलर्ट कर दिया था। पानी की ऊंची-ऊंची उठती लहरें हर कोई को परेशान कर रही थी।
रेउसा थाना क्षेत्र के सिकटिहा निवासी अरविंद यादव (16) अपने मामा के साथ थानगांव इलाके के रामलालपुरवा ननिहाल को जा रहा था। पजहिया पुलिया के पास पानी अधिक होने से वह बाइक से उतरकर पैदल ही ननिहाल को चल दिया। इस दौरान पानी के तेज बहाव में आकर वह बह गया। मामा ने काफी खोजबीन की, लेकिन अरविंद का पता नहीं चल सका। उसके बाद गोताखोर पहुंचे। वह भी काफी देर तक अरविंद की खोजबीन करते रहे।
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बिसवां तहसील की ग्राम पंचायत म्योढ़ी छोलहा के मजरे ताहपुर बजहा, गौड़ी, धूसपुरवा, भदिमनपुरवा, गोड़ियनपुरवा, पासिनपुरवा व गोलोक कोडर ग्राम पंचायत के संभारीपुरवा, संतरामपुरवा, नया निर्मलपुरवा, रामलालपुरवा, लोधनपुरवा, मरेली, जतैहिया, श्यामनगर, सुंदरनगर, नगीनापुरवा, जिन्नापुरवा व ठेकेदारपुरवा सहित करीब 40 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया। राजापुर डलिया, लोधनपुरवा, चहलारी, बासिनपुरवा, गुरगुजपुरवा, लालपुर, खानी हुसैनगंज सहित करीब 20 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए है।
एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को 1200 लंच पैकेट बंटवाए गए है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार व लेखपाल बराबर गांवों का भ्रमण करके लोगों को मदद पहुंचा रहे है। लहरपुर तहसील के नदी की तलहटी में बसे मीतमऊ, परेवा, नकहा, बरक्षता, बोधवा, हनुमान सिंहपुरवा, बरेला, शिवपुर, रोहिया, रजनापुर सहित 10 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है।
तंबौर से सुजावलपुर सड़क पर रजनापुर के पास सड़क पर पानी बह रहा है। उप जिलाधिकारी लहरपुर पंकज कुमार ने बताया कि की बाढ़ पर नजर बनी हुई है। लेखपालों को गांवों में तैनात कर जानकारी ली जा रही है। रतौली, तेजवापुर, पट्टी दहेली, खनियापुर, सोंसरी, बेलवा पसुरा के करीब पानी पहुंच गया है। गांव के रास्ते जलमग्न हो गए है।
महमूदाबाद तहसील में सबसे खराब हालात अखरी, शंकरपुरवा, अंगरौरा, निरंजनपुरवा आदि गांवों के हो गए है। करीब 10 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है। अखरी में रपटा पुल पर बाढ़ के पानी का बहाव होने से करीब छह परिवारों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है। प्रशासन द्वारा अलर्ट करने से अभी भी लोग तटबंध पर पहुंच रहे हैं। अंगरौरा व अखरी आदि गांवों में तेज बहाव के कारण कटान भी तेजी से शुरू हो गई है। तीन तहसीलों के करीब 60 गांवों के दो हजार घरों के अंदर पानी पहुंच गया है। संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए है।
डीएम व एसपी ने हालात का लिया जायजा
बुधवार देर शाम जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज व एसपी आरपी सिंह बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने पहुंचे। दोनों अफसरों ने चहलारी घाट पहुंचकर पानी के हालातों को देखा। एसडीएम से बाढ़ राहत कार्यों की जानकारी ली। जिस स्थान पर किशोर डूबा था, वहां पर कोई अफसर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों ने रोष जताया। एडीएम रामभरत तिवारी व एडिशनल एसपी राजीव दीक्षित अखरी गांव पहुंचे। एडीएम ने ग्रामीणों से अपने-अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की।
गांव में नहीं है नाव, लोग बीमार
रेउसा/सीतापुर। बिसवां तहसील के लालापुरवा में रामकिशुन, जगराना, सोनू, राजेंद्र, कृष्णाकांत, जगमोहन, खुशीराम, सुशील व महंत बीमार हो गए है। गांव में पानी भरा हुआ है। आने-जाने के रास्ते जलमग्न हो गए है। तहसील प्रशासन की तरफ से कोई नाव नहीं दी गई है। इससे यह लोग गांव में ही बुखार से तड़प रहे है। अभी तक न तो कोई नाव पहुंची है। न ही स्वास्थ्य विभाग की टीम आई है। इससे बीमार लोगों की मुसीबतें और अधिक बढ़ गई है।
तीन घंटे बाद पहुंची गोताखोर टीम
ननिहाल को जा रहा अरविंद सुबह करीब आठ बजे डूब गया। उसके बाद मामा सहित अन्य लोगों ने तहसील प्रशासन को सूचना दी। अमलोरा में गोताखोरों की टीम ठहरी हुई है। वहां से घटनास्थल की दूरी महज 10 किलोमीटर है। लेकिन टीम को इतनी दूरी तय करने में ही करीब तीन घंटे बीत गए। मामा पंकज ने बताया कि अगर समय से गोताखोरों की टीम पहुंच गई होती तो शायद अरविंद का पता चल जाता है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
जल्द कम नहीं होगी मुसीबत
बाढ़ पीड़ितों की मुसीबत जल्द कम होने के आसार नहीं है। गुरुवार को और अधिक पानी डिस्चार्ज किया गया है। इससे प्रभावित गांवों की संख्या बढ़ जाएगी। अधिशासी अभियंता नहर विभाग विशाल पोरवाल ने बताया कि घाघरा से 4.70 व शारदा बैराज से 2.13 लाख यानी 6.84 लाख क्यूसेक पानी बुधवार को छोड़ा गया है। यह देर रात तक जिले में पहुंच जाएगा।
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डीएम, एसपी, एडीएम, एसडीएम, सीओ सहित अन्य प्रशासनिक अफसरों ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करके हालातों का जायजा लिया। शारदा व सरयू नदी में मंगलवार को 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी बुधवार सुबह जिले में पहुंच गया। इतना अधिक पानी आने से हर तरफ हाहाकार मच गया। जिला प्रशासन ने पहले ही बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को अलर्ट कर दिया था। पानी की ऊंची-ऊंची उठती लहरें हर कोई को परेशान कर रही थी।
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रेउसा थाना क्षेत्र के सिकटिहा निवासी अरविंद यादव (16) अपने मामा के साथ थानगांव इलाके के रामलालपुरवा ननिहाल को जा रहा था। पजहिया पुलिया के पास पानी अधिक होने से वह बाइक से उतरकर पैदल ही ननिहाल को चल दिया। इस दौरान पानी के तेज बहाव में आकर वह बह गया। मामा ने काफी खोजबीन की, लेकिन अरविंद का पता नहीं चल सका। उसके बाद गोताखोर पहुंचे। वह भी काफी देर तक अरविंद की खोजबीन करते रहे।
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बिसवां तहसील की ग्राम पंचायत म्योढ़ी छोलहा के मजरे ताहपुर बजहा, गौड़ी, धूसपुरवा, भदिमनपुरवा, गोड़ियनपुरवा, पासिनपुरवा व गोलोक कोडर ग्राम पंचायत के संभारीपुरवा, संतरामपुरवा, नया निर्मलपुरवा, रामलालपुरवा, लोधनपुरवा, मरेली, जतैहिया, श्यामनगर, सुंदरनगर, नगीनापुरवा, जिन्नापुरवा व ठेकेदारपुरवा सहित करीब 40 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया। राजापुर डलिया, लोधनपुरवा, चहलारी, बासिनपुरवा, गुरगुजपुरवा, लालपुर, खानी हुसैनगंज सहित करीब 20 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए है।
एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को 1200 लंच पैकेट बंटवाए गए है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार व लेखपाल बराबर गांवों का भ्रमण करके लोगों को मदद पहुंचा रहे है। लहरपुर तहसील के नदी की तलहटी में बसे मीतमऊ, परेवा, नकहा, बरक्षता, बोधवा, हनुमान सिंहपुरवा, बरेला, शिवपुर, रोहिया, रजनापुर सहित 10 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है।
तंबौर से सुजावलपुर सड़क पर रजनापुर के पास सड़क पर पानी बह रहा है। उप जिलाधिकारी लहरपुर पंकज कुमार ने बताया कि की बाढ़ पर नजर बनी हुई है। लेखपालों को गांवों में तैनात कर जानकारी ली जा रही है। रतौली, तेजवापुर, पट्टी दहेली, खनियापुर, सोंसरी, बेलवा पसुरा के करीब पानी पहुंच गया है। गांव के रास्ते जलमग्न हो गए है।
महमूदाबाद तहसील में सबसे खराब हालात अखरी, शंकरपुरवा, अंगरौरा, निरंजनपुरवा आदि गांवों के हो गए है। करीब 10 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है। अखरी में रपटा पुल पर बाढ़ के पानी का बहाव होने से करीब छह परिवारों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है। प्रशासन द्वारा अलर्ट करने से अभी भी लोग तटबंध पर पहुंच रहे हैं। अंगरौरा व अखरी आदि गांवों में तेज बहाव के कारण कटान भी तेजी से शुरू हो गई है। तीन तहसीलों के करीब 60 गांवों के दो हजार घरों के अंदर पानी पहुंच गया है। संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए है।
डीएम व एसपी ने हालात का लिया जायजा
बुधवार देर शाम जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज व एसपी आरपी सिंह बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने पहुंचे। दोनों अफसरों ने चहलारी घाट पहुंचकर पानी के हालातों को देखा। एसडीएम से बाढ़ राहत कार्यों की जानकारी ली। जिस स्थान पर किशोर डूबा था, वहां पर कोई अफसर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों ने रोष जताया। एडीएम रामभरत तिवारी व एडिशनल एसपी राजीव दीक्षित अखरी गांव पहुंचे। एडीएम ने ग्रामीणों से अपने-अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की।
गांव में नहीं है नाव, लोग बीमार
रेउसा/सीतापुर। बिसवां तहसील के लालापुरवा में रामकिशुन, जगराना, सोनू, राजेंद्र, कृष्णाकांत, जगमोहन, खुशीराम, सुशील व महंत बीमार हो गए है। गांव में पानी भरा हुआ है। आने-जाने के रास्ते जलमग्न हो गए है। तहसील प्रशासन की तरफ से कोई नाव नहीं दी गई है। इससे यह लोग गांव में ही बुखार से तड़प रहे है। अभी तक न तो कोई नाव पहुंची है। न ही स्वास्थ्य विभाग की टीम आई है। इससे बीमार लोगों की मुसीबतें और अधिक बढ़ गई है।
तीन घंटे बाद पहुंची गोताखोर टीम
ननिहाल को जा रहा अरविंद सुबह करीब आठ बजे डूब गया। उसके बाद मामा सहित अन्य लोगों ने तहसील प्रशासन को सूचना दी। अमलोरा में गोताखोरों की टीम ठहरी हुई है। वहां से घटनास्थल की दूरी महज 10 किलोमीटर है। लेकिन टीम को इतनी दूरी तय करने में ही करीब तीन घंटे बीत गए। मामा पंकज ने बताया कि अगर समय से गोताखोरों की टीम पहुंच गई होती तो शायद अरविंद का पता चल जाता है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
जल्द कम नहीं होगी मुसीबत
बाढ़ पीड़ितों की मुसीबत जल्द कम होने के आसार नहीं है। गुरुवार को और अधिक पानी डिस्चार्ज किया गया है। इससे प्रभावित गांवों की संख्या बढ़ जाएगी। अधिशासी अभियंता नहर विभाग विशाल पोरवाल ने बताया कि घाघरा से 4.70 व शारदा बैराज से 2.13 लाख यानी 6.84 लाख क्यूसेक पानी बुधवार को छोड़ा गया है। यह देर रात तक जिले में पहुंच जाएगा।